: बुढ़ापा पैरों से शुरू होता है
Thu, Oct 26, 2023
*बुढापा पैरों से शुरु होता है*
(विशेषतः मेरे सीनियर सिटीजन मित्रों के लिए)
मुझे आज उपरोक्त संदर्भ में एक समझने लायक लेख मिला। पैदल चलना ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित रखने में मदद करता है व यही सीनियर सिटीजन्स हेतु सबसे अच्छी एक्सरसाइज है। इस लेख में पैदल चलने के और भी फायदे बताए हैं। मैं पैरों के नर्व्स और वेंस के लिए स्ट्रेच एक्सरसाइज़ में अलाली कर लेता था, जो अब से नही करूँगा। क्योंकि पिंडली को कुछ लोग उसमें पाए जाने वाले नर्व्स और वेंस के कारण उसे छोटा दिल जो कहते हैं। शायद ये लेख आपको भी अच्छा लगे।*बुढ़ापा पैरों से शुरू होकर ऊपर की ओर बढ़ता है ! अपने पैरों को सक्रिय और मजबूत रखें !!*जैसे-जैसे हम ढलते जाते हैं और रोजाना बूढ़े होते जाते हैं, हमें पैरों को हमेशा सक्रिय और मजबूत बनाए रखना चाहिए।हम लगातार बूढ़े हो रहे हैं, वृद्ध हो रहे हैं, मगर हमें बालों के भूरे होने, त्वचा के झड़ने (या) झुर्रियों से डरना नहीं चाहिए।दीर्घायु के संकेतों में, जैसा कि अमेरिकी पत्रिका प्रिवेंशन (रोकथाम) में मजबूत पैर की मांसपेशियों को शीर्ष पर सूचीबद्ध किया गया है, क्योंकि यह सबसे महत्वपूर्ण और आवश्यक है।यदि आप दो सप्ताह तक अपने पैर नहीं हिलाते हैं, तो आपके पैरों की ताकत 10 साल कम हो जाएगी। यानी आप दस साल बूढ़े हो जाएंगे।डेनमार्क में कोपेनहेगन विश्वविद्यालय के एक अध्ययन में पाया गया कि वृद्ध और युवा दोनों, *निष्क्रियता* के दो हफ्तों के दौरान, पैरों की मांसपेशियों की ताकत *एक तिहाई कम हो सकती है जो 20 से 30 साल की उम्र के बराबर है।*जैसे-जैसे हमारे पैर की मांसपेशियां कमजोर होती जाती हैं, ठीक होने में लंबा समय लगता है, भले ही हम बाद में पुनर्वास और व्यायाम करें।इसलिए, *चलने जैसे नियमित व्यायाम बहुत जरूरी हैं*।पूरे शरीर का भार पैरों पर रहता है और शरीर आराम करता है। पैर एक प्रकार के स्तंभ हैं, जो मानव शरीर के पूरे भार का वहन करते हैं।दिलचस्प बात यह है कि किसी व्यक्ति की 50% हड्डियाँ और 50% मांसपेशियाँ दोनों पैरों में ही होती हैं। मानव शरीर के सबसे बड़े और मजबूत जोड़ और हड्डियां भी पैरों में होती हैं।▪️मजबूत हड्डियां, मजबूत मांसपेशियां और लचीले जोड़ "आयरन ट्राएंगल" का निर्माण करते हैं जो सबसे महत्वपूर्ण भार यानी *मानव शरीर को वहन करता है।*️७०% मानव गतिविधियां और कैलोरी बर्निंग इन्हीं दो पैरों से होते हैं।क्या आप यह जानते हैं? जब इंसान जवान होता है तो उसकी *जांघों में इतनी ताकत होती है कि वह 800 किलो की छोटी कार को उठा सके।*️ *पैर शरीर की हरकत का केंद्र है*।दोनों पैरों में मिलकर मानव शरीर की ५०% नसें, ५०% रक्त वाहिकाएं और ५०% रक्त उनमें से बहता है।▪️ यह सबसे बड़ा संचार नेटवर्क है जो शरीर को जोड़ता है।केवल जब पैर स्वस्थ होते हैं तब रक्त की कन्वेंशन धारा सुचारू रूप से प्रवाहित होती है, इसलिए जिन लोगों के पैर की मांसपेशियां मजबूत होती हैं, उनका हृदय निश्चित रूप से मजबूत होता है।*बुढ़ापा पैरों से ऊपर की ओर जाता है।*जैसे-जैसे व्यक्ति बूढ़ा होता है, मस्तिष्क और पैरों के बीच निर्देशों के संचरण की सटीकता और गति कम होती जाती है, इसके विपरीत जब कोई व्यक्ति युवा होता है तो यह बहुत तेज और सटीक होती है।️इसके अलावा, तथाकथित अस्थि उर्वरक (कैल्शियम) समय बीतने के साथ खो जाएगा, जिससे बुजुर्गों को हड्डियों के फ्रैक्चर का खतरा अधिक हो जाएगा।बुजुर्गों में अस्थि भंग आसानी से जटिलताओं की एक श्रृंखला को ट्रिगर कर सकता है, विशेष रूप से घातक रोग जैसे मस्तिष्क घनास्त्रता।क्या आप जानते हैं कि आम तौर पर 15 फीसदी बुजुर्ग मरीजों की जांघ की हड्डी में फ्रैक्चर के एक साल के भीतर मौत हो जाती है ?️* *पैरों की एक्सरसाइज करने में कभी देर नहीं करनी चाहिए, 60 साल की उम्र के बाद भी यदि आप नियमित व्यायाम करें तो परिणाम चौंकाने वाले होते हैं।*️हालांकि समय के साथ हमारे पैर धीरे-धीरे बूढ़े हो जाएंगे, लेकिन हमें पैरों का व्यायाम करना जीवन भर का काम बना लेना चाहिए।केवल पैरों को मजबूत करके ही आगे बढ़ती उम्र को रोका या कम किया जा सकता है।▪️कृपया रोजाना कम से कम 30-40 मिनट टहलें ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि आपके पैरों को पर्याप्त व्यायाम मिले और यह सुनिश्चित हो सके कि आपके पैरों की मांसपेशियां स्वस्थ रहें।यदि आप सहमत हैं तो आपको इस महत्वपूर्ण जानकारी को अपने सभी दोस्तों और परिवार के सदस्यों के साथ साझा करना चाहिए, क्योंकि हर व्यक्ति रोज बूढ़ा हो रहा है।मस्त रहें, स्वस्थ रहें, प्रसन्न रहें और नियमित 5 km पैदल अवश्य चलें.🌷💐🙏
: ठंड में मेथी जरूर खाएं
Wed, Oct 25, 2023
*ठंड में मेथी जरूर खाएं, जानिए सेहतमंद फायदे*
मेथी में एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं. यह संक्रमण से शरीर को दूर रखता है.
मेथी के पत्तों में भी एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं. यह सर्दी और जुकाम से राहत दिलाता है.
मेथी के लड्डू खाने से इम्यूनिटी मज़बूत होती है.
मेथी के लड्डू खाने से कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल होता है.
मेथी के लड्डू खाने से जोड़ों के दर्द में फ़ायदा होता है.
मेथी के लड्डू खाने से डायबिटीज़ में फ़ायदा होता है.
मेथी के लड्डू खाने से ब्लड प्रेशर कंट्रोल होता है.
मेथी के लड्डू खाने से वज़न कम होता है.
मेथी के लड्डू खाने से बालों के लिए फ़ायदा होता है.
🌹🙏🌹
: डायबिटीज और गुड़ को लेकर ये गलतफहमी
Tue, Oct 24, 2023
*क्या आपको भी है डायबिटीज और गुड़ को लेकर ये गलतफहमी?*
• गुड़ और शक्कर बराबर नुकसान करते हैं :-ऐसे लोग जिन्हें डायबिटीज हो चुकी है उनके लिए गुड़ और शक्कर दोनों ही खतरनाक हैं। ये दोनों ही चीज़ें गन्ने से बनाई जाती हैं जिससे इनमें ग्लेसेमिक इंडेक्स अधिक होता है। डायबिटीज़ के मरीज़ों को गुड़ या शक्कर के उपयोग से पहले चौंकन्ना रहने की ज़रूरत है। गुड़ में मौजूद शक्कर तेज़ी से शरीर में घुलती है और तुरंत ही शरीर में शुगर लेवल उपर जाता है। बेहतर होगा आप गुड़ न खाएं।• जिन्हें डायबिटीज नहीं है उनके लिए गुड़ :- ऐसे लोग जिन्हें डायबिटीज ने नहीं घेरा है उनके लिए गुड़ एक बेहद बेहतरीन ऑप्शन है। डायबिटीज न हो इस दिशा में सचेत हैं तो शक्कर छोड़ गुड़ अपना लीजिए। गुड़ इम्यूनिटी बढ़ाता है। यह शरीर से ज़हरीले पदार्थ बाहर निकालता है और लिवर का काम आसान करता है। तो डायबिटीज से बचने के लिए गुड़ को अपना दोस्त बना लें।