: सेहत हित में चीनी या गुड़
Tue, Jul 25, 2023
चीनी सेहत के लिए तो धीमा जहर है ही लेकिन गुड स्वास्थ्य के लिए अमृत है , जानिए कैसे ?चीनी को सफेद शहर कहा जाता है, जबकि गुड स्वास्थ्य के लिए अमृत है,
क्योंकि गुड़ खाने के बाद वह शरीर में छार पैदा करता है जो हमारे पाचन को अच्छा बनाता है (इसलिए बाग भट्ट जी ने खाना खाने के बाद थोड़ा गुड़ खाने की सलाह दी है ) ।
जबकि चीनी अम्ल (Acid) पैदा करती है जो शरीर के लिए हानिकारक है
गुड को पचाने में शरीर को यदि 100 कैलोरी ऊर्जा लगती हैं, तो चीनी को पचाने में 500 कैलोरी खर्च होती है ।
गुड में कैल्शियम के साथ-साथ फास्फोरस भी होता है जो शरीर के लिए बहुत अच्छा माना जाता है और हड्डियों को बनाने में सहायक होता है जबकि चीनी को बनाने की प्रक्रिया में इतना अधिक तापमान होता है कि फास्फोरस जल जाता है इसलिए अच्छी सेहत के लिए गुड़ का उपयोग करें
चीनी के प्रयोग से डायबिटीज, हाइपोग्लाइसीमिया जैसे घातक रोग होते हैंचीनी मे कार्बोहाइड्रेट होती है इसलिए यह सीधे रक्त में मिलकर उच्च रक्तचाप जैसी अनेक बीमारियों को जन्म देता है जिससे हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता हैचीनी का प्रयोग आपको मानसिक रूप से भी बीमार बनाता हैगुड में फाइबर और अन्य पौष्टिक तत्व अधिक होते हैं जो शरीर के बहुत ही लाभदायक हैंगुड में लौह तत्व और अन्य खनिज तत्व पर्याप्त मात्रा में होते हैंगुड़ भोजन के पाचन में अति सहायक है खाने के बाद कम से कम 20 ग्राम गुड़ अवश्य खाएं आपको कभी बीमारी नहीं होगीगुड को दूध में मिलाकर पीना वर्जित है इसलिए पहले गुड़ खाकर फिर दूध पिएगुड़ को दही में मिलाकर खाया जा सकता है बिहार में खासकर सिखाया जाता जो काफी स्वादिष्ट लगता हैगुड़ की गजक, रेवड़ी आदि भी अच्छी होती है अंग्रेजों को भारत से चीनी की आपूर्ति होती थी, और भारत के लोग चीनी के बजाय गुण बनाना पसंद करते थे और गन्ना चीनी मिलों को ही नहीं देते थेतो अंग्रेजो ने गन्ना उत्पादक इलाकों में गुड़ बनाने पर प्रतिबंध लगा दिया और गुण बनाना गैरकानूनी घोषित कर दिया था !
: कोरबा के अधिवक्ताओं को मिला बीमा योजना
Mon, Jul 17, 2023
छत्तीसगढ़ के जिला कोरबा अधिवक्ता संघ की कार्यकारिणी की बैठक दिनांक 14 जुलाई 2023 हुई जिसमें अधिवक्ता के हित में अधिवक्ता बीमा योजना प्रारंभ करने का निर्णय लिया गया , भारतीय डाक विभाग व टाटा एआईजी के बीमा शर्तों का पालन करते हुए जिला अधिवक्ता संघ कोरबा में पंजीकृत सभी अधिवक्ता बीमा योजना का लाभ लेने के पात्र होंगेबीमा लाभ~ दुर्घटना वश मृत्यु पर ₹10 लाख, दुर्घटना वश विकलांगता में 10 लाख रुपए , हॉस्पिटल खर्च भर्ती होने पर ₹60000 , ओपीडी खर्च ₹30000पात्रता ~18 से 65 वर्ष आयु के अधिवक्ता जिसने दिसंबर 2023 तक मासिक शुल्क का भुगतान कर दिया हैप्रीमियम राशि ~अधिवक्ता संघ कोरबा द्वारा भुगतान किया जाएगानोट ~दिनांक 26 व 27 जुलाई को अधिवक्ता भवन कोरबा में पात्र अधिवक्ताओं का बीमा फार्म जमा किया जाएगा अधिवक्ता को अपना पैन कार्ड, आधार कार्ड एवं नॉमिनी का आधार कार्ड लेकर स्वयं उपस्थित होना आवश्यक है यह जानकारी जिला अधिवक्ता संघ के सचिव नूतन सिंह ठाकुर द्वारा दिया गया
: बच्चों के हित में मध्यप्रदेश बाल आयोग
Fri, Jul 7, 2023
सभी स्कूल खुल चुके हैं राज्य में बच्चों के अधिकारों एवं समुचित संरक्षण तथा देखभाल के लिए राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग का गठन किया गया है इस आयोग में बच्चों के अधिकारों का हनन से संबंधित मामलों पर जानकारी या शिकायत कर सकते हैं मध्यप्रदेश राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सदस्य श्री अनुराग पांडे , मेघा पवार एवं निशा श्रीवास्तव जी द्वारा केंद्रीय विद्यालय बैरागढ़ में बच्चों के हितों की जानकारी एवं सुविधाओं की निरीक्षण करने पहुंचे, प्राचार्य से एवम् कक्षा में बच्चों से बातचीत किया एवम् बताया गया की साफ सफाई का विशेष ख्याल रखना है एवं स्कूल परिसर में कहीं भी जलभराव की स्थिति न हो जिससे कि बच्चों को मच्छरों के प्रभाव से बचाया जा सके, स्कूल बैग का वजन विशेष ख्याल रखने की आवश्यकता है और कुछ बच्चो का बैग भी उठा कर देखा गया, बच्चों की पर्सनल काउंसलिंग का विशेष ध्यान रखना है एवं समस्या या घटना होने पर जिला बाल कल्याण समिति या बाल अधिकार संरक्षण आयोग से संपर्क करें ताकि बच्चों के सर्व हित में कार्य किया जा सके स्कूल में बड़े बच्चों को गुड टच बैड टच के बारे में बताया जाना एवम् सुरक्षित की जाए की यह जानकारी हर आयु वर्ग k लिय आवश्यक है , स्कूल में मोबाइल का प्रयोग वर्जित है इस पर विशेष ध्यान रखने की आवश्यकता है इस प्रकार आयोग की कार्यप्रणाली एवं बच्चों के अधिकारों की जानकारी सदस्यों द्वारा दी गई ।