: आपके विचारों में बेहद शक्ति है
Sun, Sep 17, 2023
किसी पेड़ से फल नीचे गिरता है, यह सब के लिए एक आम घटना है। मगर इस घटना को लेकर न्यूटन के मन में एक विचार आया।
उसका वह विचार इतना शक्तिशाली था कि उसके द्वारा उसने गुरुत्वाकर्षण शक्ति का संशोधन किया।
मनुष्य को विचार करने का वरदान मिला है और उन विचारों को भी अनगिनत शक्ति मिली है।
All Knowing :-
सब कुछ जानने की शक्ति। हम आंखों से देखते हैं, कानों से सुनते हैं, वैसे संकल्प से जानते हैं, हम न देखते, न सुनते भी संकल्प से सब कुछ जानते हैं, सब कुछ जानने की शक्ति अपने संकल्प में है।
All Creative :-
सब कुछ निर्माण करने की शक्ति। जापान में एक 30 मंजिला टावर है। दिन भर वह खड़ा रहता है और रात में उसे जमीन पर रखा जाता है। अभी ऐसा टावर वास्तव में है या नहीं उसका तो पता नहीं। फिर भी मैंने आपको बताया और उसका चित्र आपने संकल्प से अपने मन में बनाया । आपका यह संकल्प कुछ भी निर्माण कर सकता है। सब कुछ निर्माण करने की शक्ति हमारे संकल्प में समाई हुई है।
Present Everywhere :-
सब जगह हाजिर होता है। घर में ऑफिस में गांव में क्षण में वह हाजिर होता है। अपना संकल्प जितना नजदीक उतना ही वह दूर होता है। इस तरह से विचारों की अमर्यादित शक्ति कार्य करती हैं।
: मेडिटेशन की जरूरत, किसे ? क्यों ?
Sat, Sep 16, 2023
अपने मन को एक मशीन माना जाए तो उसे विश्राम की आवश्यकता है। मन को विश्राम देने की विधि ही योग है। जिसे मेडिटेशन कहते हैं।
एक पेड़ है जो ऊपर से मजबूत है और दूसरा है वह अंदर से मजबूत है। पहले को आसानी से जमीन से निकाला जा सकता है। मगर दूसरे को आसानी से जमीन से नहीं निकाला जा सकत्ता। क्योंकि वह अंदर से मजबूत है। मेडिटेशन हमें अंदर से ही मजबूत बनाता है।
एक गुब्बारे वाले ने एक गुब्बारे मे हवा भरकर उसको आकाश में छोड़ दिया। तभी एक छोटे बच्चों को बड़ा आश्चर्य लगा। उसने गुब्बारे वाले से पूछा "यह गुब्बारा लाल रंग का है इसलिए आकाश के ऊपर गया क्या ?" तब उस गुब्बारे वाले ने उसे समझाया, "ऐसा नहीं है, गुब्बारा भले लाल, पीला, नीला, हरा, कोई भी रंग का हो उसका ऊपर जाना उसकी रंग पर निर्भर नहीं करता बल्कि उसके अंदर जो हवा भर दी है उसके ऊपर वह निर्भर है।" वैसे ही मनुष्य का जीवन में आगे जाना, ऊपर जाना, यह उसके बाह्य रूप पर निर्भर नहीं करता बल्कि उसके अंदर क्या भरा हुआ है, उसके ऊपर निर्भर करता है। अगर आपके अंदर अच्छाई भरी हुई होगी तो जीवन में आप जरूर आगे जाएंगे। ऊपर जाएंगे।
मेडिटेशन की जरूरत सभी को है अमीर, गरीब, मालिक, नौकर, शिक्षक, विद्यार्थी, डॉक्टर, पेशेंट, पुरुष, महिला, सास और बहू सभी को है
जब एक सास को पूछा, "आप मेडिटेशन सीखोगी"? तब उसने कहा, मेडिटेशन मेरी बहू को सिखाओ, वो रोज ऑफिस से घर आती है तो किसी भी छोटे कारण से मुझसे झगड़ा करती है, वो अगर मेडिटेशन सीख जाए तो उसका दिमाग शांत होगा और हमारे घर का वातावरण शांत होगा। जब बहू को पूछा तो उसने बताया, "मेडिटेशन मेरी सास को सिखाओ वह दिन भर घर में ही रहती है और मैं जब घर आती हूं तो छोटी-छोटी बातों पर टोकती है, अगर वह मेडिटेशन सीख जाए तो उसका दिमाग शांत होगा, और हमारे घर का वातावरण भी शांत होगा।"
यहां हर एक को ऐसा लगता है, कि मैं ठीक हूं। बदलने की जरूरत मुझे नहीं दूसरे को है। रास्ते में कोई वाहन खड़ा होगा तो हम उसके पीछे खड़े ना रहते अपनी लेने बदलते हैं,
क्योंकि हमें आगे जाना होता है। वैसे ही जीवन में जिसे आगे जाना है उसे बदलना होगा और बदलने के लिए मेडिटेशन सीखना होगा।
: जीवन की शुरुआत हम किसी भी परिस्थिति में कर सकते हैं और किसी भी उम्र में
Fri, Sep 15, 2023
जहां भी आप है वहां से अपने जीवन को फिर से उच्चतम बनाएं । इसमें तीन बातें हैं, फरगेट पास्ट, लिव इन प्रेजेंट और क्रिएट फ्यूचर। भूतकाल को भूल जाओ, वर्तमान में जियो और अपना भविष्य बनाओ।
नयी शुरुआत करते समय हमारे अपने भूतकाल के कई काम बड़ी कठिनाइयां लायेंगे । ध्यान में रहे अब तक जो हुआ सो हुआ उसमे पीछे जाकर मैं कुछ बदल नहीं सकता। मगर आज का समय मेरे हाथ में है। जैसे मैं चाहूं वैसे मैं अपना जीवन बना सकता हूं। इसीलिए भूतकाल को भूलकर, वर्तमान में कुछ अच्छा करता हूं, तो मेरा भविष्य अपने आप अच्छा बन जाएगा । बस मुझे वर्तमान को ध्यान में रखना है और अब से नई शुरुआत करनी है।
गुजरात का एक व्यापारी था। उसका मकान और दुकान एक ही इमारत में था। एक दिन दुर्घटना से उस इमारत में आग लगी और वह इमारत पूरी जल गई। उसका मकान और दुकान दोनों भी जलकर राख हो गए। उसके सगे संबंधी उसको सहानुभूति दिखाने लगे। तुम्हारा तो मकान जल गया और दुकान भी। समझो सब कुछ जल गया । अब तुम्हारा आगे कैसे होगा । तब उस व्यापारी ने कहा मुझे आपकी सहानुभूति की जरूरत नहीं है। मेरा कुछ भी जला नहीं है। मेरी हिम्मत, मेरा आत्मविश्वास और मेहनत करने की शक्ति आज भी जैसी की वैसी है।
जीवन की नई शुरुआत करने के लिए उम्र की कोई सीमा नहीं हो सकती। बस हमारे पास हिम्मत और निश्चय चाहिए। मन की स्थिति श्रेष्ठ बनने के लिए जरूरी है ध्यान, धारणा, चिंतन, योग जिसे मेडिटेशन कहते हैं।