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: मेडिटेशन की जरूरत, किसे ? क्यों ?

Admin

Sat, Sep 16, 2023
अपने मन को एक मशीन माना जाए तो उसे विश्राम की आवश्यकता है। मन को विश्राम देने की विधि ही योग है। जिसे मेडिटेशन कहते हैं। एक पेड़ है जो ऊपर से मजबूत है और दूसरा है वह अंदर से मजबूत है। पहले को आसानी से जमीन से निकाला जा सकता है। मगर दूसरे को आसानी से जमीन से नहीं निकाला जा सकत्ता। क्योंकि वह अंदर से मजबूत है। मेडिटेशन हमें अंदर से ही मजबूत बनाता है।

एक गुब्बारे वाले ने एक गुब्बारे मे हवा भरकर उसको आकाश में छोड़ दिया। तभी एक छोटे बच्चों को बड़ा आश्चर्य लगा। उसने गुब्बारे वाले से पूछा "यह गुब्बारा लाल रंग का है इसलिए आकाश के ऊपर गया क्या ?" तब उस गुब्बारे वाले ने उसे समझाया, "ऐसा नहीं है, गुब्बारा भले लाल, पीला, नीला, हरा, कोई भी रंग का हो उसका ऊपर जाना उसकी रंग पर निर्भर नहीं करता बल्कि उसके अंदर जो हवा भर दी है उसके ऊपर वह निर्भर है।" वैसे ही मनुष्य का जीवन में आगे जाना, ऊपर जाना, यह उसके बाह्य रूप पर निर्भर नहीं करता बल्कि उसके अंदर क्या भरा हुआ है, उसके ऊपर निर्भर करता है। अगर आपके अंदर अच्छाई भरी हुई होगी तो जीवन में आप जरूर आगे जाएंगे। ऊपर जाएंगे।

मेडिटेशन की जरूरत सभी को है अमीर, गरीब, मालिक, नौकर, शिक्षक, विद्यार्थी, डॉक्टर, पेशेंट, पुरुष, महिला, सास और बहू सभी को है जब एक सास को पूछा, "आप मेडिटेशन सीखोगी"? तब उसने कहा, मेडिटेशन मेरी बहू को सिखाओ, वो रोज ऑफिस से घर आती है तो किसी भी छोटे कारण से मुझसे झगड़ा करती है, वो अगर मेडिटेशन सीख जाए तो उसका दिमाग शांत होगा और हमारे घर का वातावरण शांत होगा। जब बहू को पूछा तो उसने बताया, "मेडिटेशन मेरी सास को सिखाओ वह दिन भर घर में ही रहती है और मैं जब घर आती हूं तो छोटी-छोटी बातों पर टोकती है, अगर वह मेडिटेशन सीख जाए तो उसका दिमाग शांत होगा, और हमारे घर का वातावरण भी शांत होगा।" यहां हर एक को ऐसा लगता है, कि मैं ठीक हूं। बदलने की जरूरत मुझे नहीं दूसरे को है। रास्ते में कोई वाहन खड़ा होगा तो हम उसके पीछे खड़े ना रहते अपनी लेने बदलते हैं, क्योंकि हमें आगे जाना होता है। वैसे ही जीवन में जिसे आगे जाना है उसे बदलना होगा और बदलने के लिए मेडिटेशन सीखना होगा।

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