: हींग का पानी' पीने के ऐसे असरदार फायदे जो आपने कभी नहीं सुने होंगे*
Sat, Aug 17, 2024
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हींग का पानी' पीने के ऐसे असरदार फायदे जो आपने कभी नहीं सुने होंगे*
1 कब्ज की शिकायत होने पर हींग का प्रयोग लाभ देगा। रात को सोने से पहले हींग के चूर्ण को पानी में मिलाकर पिएं और सुबह देखें असर। सुबह पेट पूरी तरह से साफ हो जाएगा।
2 अगर भूख नहीं लगती या भूख लगना कम हो गया है, तो भोजन करने से पहले हींग को घी में भूनकर अदरक और मक्खन के साथ लेने से फायदा होगा और भूख खुलकर लगेगी।
3 त्वचा में कांच, कांटा या कोई नुकीली चीज चुभ जाए और निकालने में परेशानी आ रही हो, तो उस स्थान पर हींग का पानी या लेप लगाएं। चुभी हुई चीज अपने आप ही बाहर निकल आएगी।
4 अगर कान में दर्द हो रहा हो, तो तिल के तेल में हींग को गर्म करके, उस तेल की एक-दो बूंद कान में डालने से कान का दर्द पूरी तरह से ठीक हो जाएगा।
5 दांतों में कैविटी होने पर भी हींग आपके लिए काम की चीज साबित हो सकता है। अगर दांतों में कीड़े हैं, तो रात को दांतों में हींग लगाकर या दबार सो जाएं। कीड़े अपनेआप निकल आएंगे।
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नोट जानकारी में किसी प्रकार की संशय लगने पर आप उपयोग से पूर्व अन्य स्रोतों से या राष्ट्रिय प्राकृतिक चिकित्सा केन्द्र से सत्यापन जरूर करें।
: जामुन के फायदे गुण लाभ –
Thu, Aug 15, 2024
*जामुन के फायदे गुण लाभ* –
*फल ☆ पत्ते ☆ छाल ☆ गुठली ☆ सिरका सभी के दिव्य लाभ है*
*जामुन गर्मी के मौसम में पाया जाने वाला एक फल है। जामुन को अंग्रेजी में ब्लैक प्लम (Black plum) कहते हैं। जामुन का फल आमतौर पर काले या गहरे गुलाबी रंग का होता है और बहुत सारे औषधीय गुणों से युक्त होता है। जामुन के फायदे और स्वास्थ्य की दृष्टि से कई विकारों को दूर करने के लिए आयुर्वेद में भी जामुन के फल, छाल, पत्तियों एवं बीजों का उपयोग जड़ी-बूटी के रूप में किया जाता है। ज्यादातर घरों में अच्छी सेहत के लिए लोग जामुन का उपयोग स्नैक्स के रूप में भी करते हैं। जामुन की गुठली के फायदे भी अनेक है जामुन का उपयोग सिरका (vinegar) बनाने में भी किया जाता है जो कई विकारों को दूर करने में इस्तेमाल किया जाता है।*
*जामुन में पाये जाने वाले पोषक तत्व* –
*जामुन के फल में ग्लूकोज, फ्रक्टोज, विटामिन C, A, राइबोफ्लेविन, निकोटिन एसिड, फोलिक एसिड, सोडियम और पोटैशियम के अलावा कैल्शियम, फॉस्फोरस और जिंक एवं आयरन मौजूद होता है। इसके साथ ही जामुन के छाल (bark)और शाखाओं में टैनिन, गैलिक एसिड, रेसिन, फाइटोस्टीरॉल मौजूद होता है जो स्वास्थ्य के लिए अच्छा होता है। जामुन के बीज में ग्लाइकोसाइड, जंबोलिन और गैलिक एसिड पाया जाता है जो बीमारियों के इलाज में सहायता करता है।*
*जामुन के फायदे हीमोग्लोबिन बढ़ाने में* –
Jamun जामुन में विटामिन C और आयरन भरपूर मात्रा में पाया जाता है जिसकी वजह से जामुन खाने से हीमोग्लोबिन बढ़ता है। शरीर में हीमोग्लोबिन बढ़ने से रक्त शरीर के विभिन्न हिस्सों में अधिक ऑक्सीजन का फ्लो होता है जिसकी वजह से हमारा स्वास्थ्य ठीक रहता है। जामुन में पाया जाने वाला आयरन रक्त को शुद्ध करने का काम करता है।
*जामुन के फायदे त्वचा और आंखों के लिए*–
विटामिन A आंखों के लिए लाभकारी होता है और यह जामुन में बहुतायत पाया जाता है। इसके अलावा जामुन में खनिज और विटामिन सी भी पाया जाता है जो त्वचा के लिए भी अच्छा माना जाता है।
*मुहँ के छाले : जामुन के पते को चबाकर पानी को बाहर निकाल दे और फिर गाय का घी लगा ले बहुत लाभ मिलेगा*
*जामुन के फायदे हृदय के लिए* –
*पोटैशियम से भरपूर होने के कारण जामुन हृदय को स्वस्थ रखने में बहुत सहायक होता है। 100 ग्राम जामुन में लगभग 55 मिलीग्राम पोटैशियम पाया जाता है जो उच्च रक्तचाप, स्ट्रोक सहित कई तरह के हृदय रोगों से शरीर का बचाव करता है।*
*जामुन के औषधीय गुण मसूढ़ों और दांतों की मजबूती के लिए* –
मसूढ़ों एवं दांतों के लिए भी जामुन बहुत फायदेमंद होता है। जामुन की पत्तियों में एंटीबैक्टीरियल गुण पाया जाता है जो मसूढ़ों से खून निकलने से बचाने में मदद करती हैं। जामुन की पत्तियों को सुखाकर और इसका पावडर तैयार करके दांतों को साफ करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। यह संक्रमण और मसूढ़ों से खून निकलने को रोकता है। जामुन के पेड़ की छाल कसैली होती है जो मुंह के अल्सर से सुरक्षा प्रदान करती है।
*जामुन के फायदे संक्रमण दूर करने में*
जामुन में जीवाणुरोधी, संक्रमणरोधी और मलेरिया रोधी गुण पाया जाता है। जामुन के फल में मैलिक एसिड, गैलिक एसिड, ऑक्जैलिक एसिड और बेटुलिक एसिड पाया जाता है। जामुन का फल सामान्य संक्रमण से बचाने में मदद करता है। इसलिए संक्रमण से बचाव के लिए जामुन का सेवन किया जाता है।
*जामुन की गुठली के फायदे डायबिटीज के इलाज में*–
Jamun/जामुन डायबिटीज के लक्षणों, अधिक पेशाब और भूख को कम करने में मदद करता है। यह ग्लाइसेमिक इंडेक्स को कम करता है और ब्लड शुगर को सामान्य बनाए रखता है। जामुन की पत्तियां (leaves), छाल और बीज डायबिटीज के इलाज में उपयोग किए जाते हैं। यह इंसुलिन के स्तर को बढ़ाने में मदद करता है। इसलिए जामुन के सीजन में इसके फल का सेवन डायबिटीज रोगियों को खूब करना चाहिए।
*जामुन की गुठली के फायदे*
Jamun/जामुन के बीज में प्लैनॉयड भरपूर मात्रा में पाया जाता है जो कि एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट होता है। यह शरीर से सिर्फ मुक्त कणों को ही बाहर नहीं निकालता है बल्कि एंटीऑक्सीडेंट एंजाइमों को अधिक प्रभावी बनाता है। यही कारण है कि जामुन शरीर की अशुद्धियों और विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालता है और इम्यून सिस्टम के कार्यों को बेहतर बनाता है।
*जामुन की गुठली के फायदे गैस की समस्या में* –
Jamun/जामुन की छाल और बीज का पावडर पेट में गैस की समस्याओं को दूर करने में उपयोग किया जाता है। इसके अलावा यह डायरिया, अपच और पेचिश के इलाज में भी बहुत प्रभावी रूप से काम करता है। इसलिए लोग पेट की इन समस्याओं के निजात पाने के लिए जामुन का उपयोग करते हैं।
*जामुन के फायदे पिंपल दूर करने में* –
चेहरे के मुंहासे के इलाज में भी जामुन का प्रयोग किया जाता है। जामुन के बीज को पीसकर इसमें गाय को दूध मिलाकर पेस्ट तैयार कर लें और रात में सोने से पहले इसे चेहरे पर लगाएं और सूखने के थोड़ी देर बाद चेहरे को पानी से धोकर पोंछ ले। मुंहासे कुछ ही दिनों में दूर हो जाते हैं।
*जामुन की गुठली का चूर्ण किडनी के समस्या में प्रभावी*–
गुर्दे की समस्या को दूर करने में भी जामुन का उपयोग किया जाता है। अगर आपके गुर्दे में किसी तरह की दिक्कत है तो जामुन के बीज का पावडर तैयार कर लें और इसे दही में मिलाकर खाने से किडनी के स्टोन सहित किडनी की अन्य दिक्कतें भी दूर हो जाती हैं।
*जामुन के फायदे दाद दूर करने में*–
दाद (ringwarm) के इलाज में भी जामुन बहुत फायदेमंद होता है। जामुन के रस को थोड़े से पानी में मिलाकर त्वचा पर लोशन के रूप में लगाने से दाद की समस्या ठीक हो जाती है।
*जामुन के लाभ खून बढ़ाने में* –
*शरीर की कमजोरी को दूर करने और खून की कमी (anemia) की समस्या में जामुन बहुत लाभदायक है*
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*जामुन की सावधानी* –
*जामुन का सेवन खाली पेट करने से कब्ज की दिक्कत हो जाती है इसलिए यह जरूर ध्यान रखें।*
*दूध पीने के एक घंटे पहले या पीने के एक घंटे बाद जामुन खाने से नुकसान करता है।
: घी पर किए दुष्प्रचार का परिणाम*
Wed, Aug 14, 2024
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घी पर किए दुष्प्रचार का परिणाम*
स्वास्थ्य के प्रति जागरूक लोग, घी न खाने में गर्व का अनुभव करने लगे कि क्योकि जब आप एक ही झूठ को बार बार टीवी पर दिखाओगे तो वो लोगो को सत्य लगने लगा। जबकि घी खाना हानि नही बहुत ही अत्यंत लाभदायक है। घी हजारों गुणों से भरपूर है, खासकर गाय का घी तो खुद में ही अमृत है।
*घी हमारे शरीर में कोलेस्ट्रोल को बढाता नही बल्कि कम करता है।*
घी एंटीवायरल है और शरीर में होने वाले किसी भी इन्फेक्शन को आने से रोकता है। घी मोटापे को बढाता नही बल्कि शरीर के ख़राब फैट को कम करता है, घी का नियमित सेवन ब्रेन टोनिक का काम करता है, विशेषकर बढ़ते बच्चों की फिजिकल और मेंटली ग्रोथ के लिए ये बहुत ही जरुरी है।
*घी हमारे रोगों से लड़ने की क्षमता (Immunity) को बढाता है।*
घी हमारे पाचन क्रिया को भी सुदृढ रखता है जो आजकल सबसे बड़ी समस्या है। जिस कारण आज हर दूसरा व्यक्ति कब्ज का रोगी है जो कई रोगों की जननी है।
*घी को कितना और कैसे खाए?*
शहर में कार्यरत एक सामान्य व्यक्ति के लिए प्रतिदिन आयु के अनुसार 2 से 4 छोटी चम्मच घी पर्याप्त है, घी नया खाना चाहिए अर्थात आज का बना आज ही खा लिया जाए तो सर्वोत्तम। अन्यथा बनने के 90 दिन के अंदर का उस घी का सेवन कर लेना उचित है। उसके बाद उसकी सुगंध बदलेगी और वह औषधि के उपयोग में आएगा।
ये जो उठते और बैठते आपके शरीर की हड्डियों से चर मर की आवाज आती है इसकी वजह आपकी हड्डियों में लुब्रिकेंट की कमी है,अगर आप घी का नियमित सेवन करते है तो ये आपकी मांसपेशियों को मजबूत करता है और आपकी हड्डियों को पुष्ट करता है। घर पर मक्खन व घी बनाकर खाये।
गर्भवती महिला के लिए प्रसव के पूर्व तो लाभदायक है परंतु प्रसव के बाद तो यह अमृततुल्य है।
*स्वास्थ्य ग्रन्थों के अनुसार भाद्रपद माह के महीने के घी का सेवन जरूर करना चाहिए।*
*इसे आप सब्ज़ी, दाल में अवश्य डाले।*
घी और काली मिर्च का मेल विष को काटता है अतः खेतो में प्रयोग होने वाले विष का प्रभाव समाप्त करने के लिए सब्ज़ी में ऊपर से घी एवं कालीमिर्च का प्रयोग अवश्य करें। चाय के आदी लोग चाय छोड़ दे तो उचित है, यदि चाय नही छूटती तो उसमें एक चम्मच शुद्ध घृत डाल कर अवश्य पीजिए।
*बच्चो के भोजन में इसका प्रयोग उदारता से करें।*
यदि आपको शुद्ध देसी गाय का दूध उपलब्ध है तो छाछ, दही या मक्खन का सेवन करें। तब घी की मात्रा कम चाहिए। और यदि आपको गाय के दूध उपलब्ध नही है तो ग़लत दूध न मंगवाकर घी का सेवन अधिक करें।
एकादशी पर धार्मिक दृष्टि से न सही शारीरिक दृष्टि से उपवास करें। उस दिन 50 से 100 ग्राम गुनगुना घी पीकर दिन भर गुनगुने या गर्म पानी का सेवन करें। जीवन मे कभी कैंसर और जोड़ो का दर्द नहीं होगा इसके अतिरिक्त अनगिनत लाभ होंगे।
*रात में गाय के दूध में फेंटकर पीने से अद्भुत लाभ है।*
घी को पका कर या बिना पकाए दोनों तरीके से खा सकते है। चाहे तो इसमें खाना पका लें या फिर बाद में खाने के ऊपर डालकर खा लें। दोनों ही तरीके से घी बहुत ही फायदेमंद है।
आप सबसे अच्छा, सुंदर एवं युवा दिखना चाहते हैं तो घी अवश्य खाएं क्योंकि घी एंटीओक्सिडेंट जोकि आपकी त्वचा को हमेशा चमकदार और मुलायम रखता है।