: भोपाल के ब्रम्हाकुमारी कृष्णा नगर सेवा केन्द्र द्वारा शिवरात्रि धूम धाम से मनाई गई
Tue, Feb 27, 2024
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय कृष्णा नगर सेवा केंद्र भोपाल के द्वारा त्रिमूर्ति महाशिवरात्रि का कार्यक्रम आयोजित किया गया इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में कोच फैक्ट्री के इंजीनियर तुलसीदास जी उपस्थित थे साथ ही साथ कोच फैक्ट्री के कंप्रेसर इंजीनियर अमरनाथ जी उपस्थित थे इस कार्यक्रम के दौरान बाल कलाकारों द्वारा बहुत ही सुंदर कल नेत्र के द्वारा और डांस के द्वारा महाशिवरात्रि स्पष्ट की गई महाशिवरात्रि के पर्व पर परमात्मा शिव की स्तुति क्यों की जाती है इस विषय को स्पष्ट करते हुए ब्रह्माकुमारी मधु बहन जी ने बताया कि इस संसार में जब अनेक धर्म अनेक भाषाएं अनेक मते हो जाती हैं इसके पश्चात भी मानव जीवन में सुख और शांति नहीं होता बल्कि मनुष्य और ही अज्ञानता की बुराइयों की और अनेक प्रकार की कुरीतियों के चरम पर चला जाता है जब मानव जीवन का अंधकार बढ़ जाता है तब भगवान स्वयं जो ज्ञान सूर्य है जिन्हें हम सभी शिव के नाम से याद करते हैं जिनके लिए संसार कहता है बिन पग चले सुने बिन काना कर विधि करम करेंगे बीधी नाना ज्ञान सूर्य परमात्मा शिव जब इस धरा पर आकर मानव जीवन को ज्ञान का प्रकाश देते हैं तब संसार में रह रहे मनुष्यों का अंधकार दूर होता है आज मनुष्य अंधकार के उस चरम पर चला गया है जहां दया धर्म क्षमा सत्य नष्ट हो गए जब ऐसा समय आता है तब भगवान धरती पर आते हैं जिसकी यादगार पर शिवरात्रि मनाई जाती शिवरात्रि में विशेष भगवान शिव को बेल पत्री ओर आक धतूरा इत्यादि ही चढ़ाया जाता है लेकिन इसका आध्यात्मिक रहस यह है कि परमात्मा ने मनुष्य जीवन की बुराइयों को मांगा था कि मनुष्य जीवन में जो एक दूसरे के प्रति बुराइयां मन में है वह हमें दे दो और हमसे शांति प्रेम पवित्रता ले लो लेकिन आज का मनुष्य अपने जीवन की बुराइयों को ना छोड़ अनेक प्रकार की फूल पत्तियां और जहरीले चीजों को भगवान शिव के ऊपर चढ़ता है तो अब समय आ गया है परमात्मा के सत्य ज्ञान अपने जीवन में धारण कर इन तमाम बुराइयों से अपने जीवन को मुक्त बनाए परमात्मा स्वयं धर पर अवतरित होकर मानव जीवन का कल्याण कर रहे हैं इसके पश्चात कार्यक्रम में आए अतिथियों ने अपने आशीर्वचन में बताया कि ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के द्वारा संसार को बताया जा रहे हैं मार्ग पर चने की आवश्यकता है हर संसार बुराइयों और अवगुणों की ओर बहुत तेजी से आकर्षक हो रहा है और आने वाली पीढ़ी भी बुराई और विकारों में मस्ती चली जा रही है मैं ब्रह्माकुमारी संस्था का धन्यवाद करना चाहूंगा जो हमारे समाज को नई दिशा दे रही है और आने वाली पीढ़ी को बचाने का कार्य कर रही है यह संस्था नैतिकता का व्यापार पड़ता है जिससे मनुष्य जीवन प्रकाश काम हो जाता है मैं संस्था से कई सालों से परिचित हूं यह कैसी संस्था है जो किसी जाति धर्म विशेष पर नहीं जाती है बल्कि समाज को इन सबसे ऊपर ले जाने का कार्य कर रही है कार्यक्रम में पधारे अमरनाथ जी ने बताया कि वास्तव में सत्य ज्ञान से बहुत दूर है जिसके कारण आज मनुष्य दर्द की ठोकरे खाकर भी भक्ति पूजा का पाठ करके भी सुख शांति में नहीं प्राप्त कर पा रहा है जबकि हम सभी को सहज ही ब्रह्माकुमारी बहाने परमात्मा का सत्य ज्ञान दे जीवन परिवर्तन कर रही है मैं ब्रह्मा कुमारीज का धन्यवाद करता हूं सभी अतिथियों का धन्यवाद करते हुए कार्यक्रम का समापन किया गया ईश्वरीय सेवा में समस्त ब्रह्माकुमार एवं ब्रह्माकुमारी
: भोपाल सेवा भारती द्वारा संचालित मातृ छाया में कार्यक्रम
Sun, Feb 18, 2024
सेवा भारती द्वारा संचालित मातृछाया शिशु कल्याण केंद्र अनेक वर्षों से परित्यक्त एवं अनाथ बच्चों के लिए कार्य करने वाली संस्था है। प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी बच्चों का नामकरण संस्कार 17 फरवरी 2024 को मातृ छाया शिशु कल्याण केंद्र मैदा मिल में मनाया गया। परंपरा अनुसार एक दिन के लिए तय किए गए माता-पिता ने बच्चों को गोद में लेकर उनका नाम रखा। इस अवसर पर पाँच बच्चों का नामकरण किया गया।
चार बच्चों का कर्णछेदन किया गया।
इस अवसर पर समाज के विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
संस्था के अध्यक्ष श्री सुनील माहेश्वरी जी ने मातृछाया की जानकारी और स्वागत वक्तव्य दिया।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री तपन भौमिक जी (अध्यक्ष, समर्पण सेवा समिति) ने कहा भारत माता का वैभव रहे हम सब इसीलिए काम कर रहे हैं।
विभाग सरसंघचालक , अध्यक्ष श्री सोमकांत उमालकर जी ने विष्णु जी और नीलकंठ पाँचखेड़े, सुधा पाँचखेड़े जी को याद किया।
विशिष्ट अतिथि श्रीमती किरण अग्रवाल जी( अध्यक्ष, ट्रू सेज फाउंडेशन) बच्चे देश का भविष्य हैं। उनके विकास से ही देश का विकास होगा।
मुख्य वक्ता के रूप में ऋषि पाल सिंह डडवाल( उपाध्यक्ष राष्ट्रीय सेवा भारती, (दिल्ली) ने बताया कि1985-86 की बात है तभी पहला बाल कल्याण केंद्र खुला। जब नाम चयन की बात आई तो भारतीय संस्कार की बात भी की गई। मातृछाया नाम रखा गया। आठ हजार बच्चे अनाथ निकलते हैं। पर मातृछाया केंद्र खुलने से बच्चों को परिवार मिले।सांस्कृतिक कार्यक्रम के अंतर्गत सेवा विद्या मंदिर और मातृछाया के बच्चों ने नृत्य प्रस्तुत किया। मातृछाया की यशोदाओं का सम्मान किया गया। वैभवश्री की बहनों द्वारा बनाई गई वस्तुओं की प्रदर्शनी लगाई गई। महिला मंडल द्वारा गुल्लक बिक्री हेतु रखे गए।अतिथियों का आभार श्री रवि जोशी जी नेकिया। संचालन महानगर सहसंयोजिका श्रीमती सुनीता सूर्यवंशी ने किया।इस अवसर पर भोपाल राज्य बाल आयोग के सदस्य अनुराग पांडे एवं अनेक समाजसेवी एवं सेवा भारती के सदस्य शिक्षिका पूर्णकालिक आदि सभी उपस्थित रहे।
: पेड़ों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी
Wed, Feb 14, 2024
📝 *पेड़ों के बारे मे महत्वपूर्ण जानकारी*
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♡. पेड़ धरती पर सबसे पुरानें living organism हैं, और ये कभी भी ज्यादा उम्र की वजह से नहीं मरते।
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♡. हर साल 5 अऱब पेड़ लगाए जा रहे है लेकिन हर साल 10 अऱब पेड़ काटे भी जा रहे हैं।
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♡. एक पेड़ दिन में इतनी ऑक्सीजन देता है कि 4 आदमी जिंदा रह सकें।
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♡.देशों की बात करें, तो दुनिया में सबसे ज्यादा पेड़ रूस में है उसके बाद कनाडा में उसके बाद ब्राज़ील में फिर अमेरिका में और उसके बाद भारत में केवल 35 अऱब पेड़ बचे हैं।
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♡.दुनिया की बात करें, तो 1 इंसान के लिए 422 पेड़ बचे है. लेकिन अगर भारत की बात करें,तो 1 हिंदुस्तानी के लिए सिर्फ 28 पेड़ बचे हैं।
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♡. पेड़ो की कतार धूल-मिट्टी के स्तर को 75% तक कम कर देती है. और 50% तक शोर को कम करती हैं।
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♡. एक पेड़ इतनी ठंड पैदा करता है जितनी 1 A.C 10 कमरों में 20 घंटो तक चलने पर करता है. जो इलाका पेड़ो से घिरा होता है वह दूसरे इलाकों की तुलना में 9 डिग्री ठंडा रहता हैं।
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♡. पेड़ अपनी 10% खुराक मिट्टी से और 90% खुराक हवा से लेते है।
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♡. एक एकड़ में लगे हुए पेड़ 1 साल में इतनीCo2सोख लेते है जितनीएक कार 41,000 km चलने परछोड़ती हैं।
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♡. दुनिया की 20% oxygen अमेजन के जंगलो द्वारा पैदा की जाती हैं. ये जंगल 8 करोड़ 15लाख एकड़ में फैले हुए हैं।
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♡. इंसानो की तरह पेड़ो को भी कैंसर होती है.कैंसर होने के बाद पेड़ कम ऑक्सीजन देने लगते हैं।
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♡. पेड़ की जड़े बहुत नीचे तक जा सकती है. दक्षिण अफ्रिका में एक अंजीर के पेड़ की जड़े 400 फीट नीचे तक पाई गई थी।
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♡. दुनिया का सबसे पुराना पेड़ स्वीडन के डलारना प्रांतमें है.टीजिक्कोनाम का यह पेड़ 9,550 साल पुराना है।
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♡.किसी एक पेड़ का नाम लेना मुश्किल है लेकिन तुलसी, पीपल, नीम और बरगद दूसरों के मुकाबले ज्यादा ऑक्सीजन पैदा करते हैं।_"स्वयं जगें लोगों को जगाएं,"_
_"मिलकर पर्यावरण बचाएँ।"_
*आइये इस धरा का सौंदर्य वृक्ष लगा कर बढ़ायें।*
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