: मध्य प्रदेश में भी प्रोफेसरो का वेतनमान में ए.जी.पी. 10000 स्वीकृत हुए
Admin
Mon, Mar 4, 2024
प्रोफेसरों को वर्ष 2010 में छठवे यू.जी.सी. वेतनमान के अनुसार ए.जी.पी. 10000 स्वीकृत किया गया था। जिसे वर्ष 2012 में वापस ले लिया गया था। जिस कारण मध्य प्रदेश उच्च शिक्षा विभाग में प्रोफेसर वर्ग में भेदभाव की स्थिति बनी हुई थी। ( सीधी भर्ती प्रोफेसरों और असीटेंट प्रोफेसर से प्रमोसन के बाद बने प्रोफेसर के बीच) कनिष्ठ प्राध्यापक को एजीपी 10000 मिल रहा था। जबकि वरिष्ठ प्रोफेसर को एजीपी 9000 दिया जा रहा था। एवम् प्राध्यापकों के वरिष्ठ सूचि वर्ष 2010 से लंबित थी, तथा प्रदेश के 500 से अधिक महाविद्यालय प्राचार्य विहीन थे (अर्थात प्रभारी प्राचार्य के माध्यम से कार्य सम्पन्न हो रहे थे), तथा सेवानिवृत्ति प्रोफेसरों से एजीपी के अंतर के राशि की वसूली की जा रही थी।
मध्य प्रदेश शासन के इस कदम से प्रदेश के प्राध्यापक अब देश के अन्य राज्यों के प्राध्यापकों के समान एजीपी 10000 का वेतनमान प्राप्त करेंगे। तथा महाविद्यालय के प्राध्यापको को भी अब कुलपति नियुक्त किया जा सकेगा। इसके अतिरिक्त महाविद्यालयो के प्राध्यापक अब प्राचार्य के पद पर पदोनत हों सकेंगे। मध्य प्रदेश शासन के इस प्रस्ताव का अनुमोदन किये जाने पर, प्रांतीय शासकीय महाविद्यालय प्राध्यापक संघ के प्रांत अध्यक्ष डॉ कैलाश त्यागी एवं महासचिव डॉक्टर आनंद मोहन शर्मा द्वारा मुख्यमंत्री श्री मोहन यादव जी, उच्च शिक्षा मंत्री श्री इंदर सिंह परमार, एवं अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा विभाग डॉक्टर के सी गुप्ता के प्रति साधुवाद एवं धन्यवाद ज्ञापित किया है।विज्ञापन