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नारी को सम्मान और प्रकृति को संरक्षण, यही है सच्चा पर्व का उत्सव : हरियाली तीज पर महिलाओं का संदेश: नारी सुरक्षा और प्रकृति संरक्षण की ओर पहल

Ashwani Kumar Sinha

Tue, Jul 29, 2025


हरियाली तीज पर महिलाओं का संदेश: नारी सुरक्षा और प्रकृति संरक्षण की ओर पहल

भोपाल, 27 जुलाई 2025

हरियाली तीज, जो परंपरागत रूप से महिलाओं के सौभाग्य, प्रेम और प्रकृति से जुड़ाव का पर्व है, इस वर्ष भोपाल में एक खास सामाजिक संदेश के साथ मनाया गया। राम मंदिर, कमलानगर में आयोजित इस कार्यक्रम में जागरूक महिला मंडल शासकीय आवास कोटरा की महिलाएं और अन्य मातृशक्ति एकत्रित हुईं।

पारंपरिक परिधानों में सजी महिलाएं पूजा की थालियों के साथ-साथ हाथों में तख्तियाँ लिए नजर आईं जिन पर लिखा था:

  • "जहाँ नारी सुरक्षित, वहीं समाज विकसित"

  • "हरियाली सिर्फ पर्व नहीं, एक ज़िम्मेदारी है"

  • "प्रकृति को बचाना, हमारी संस्कृति को बचाना है"

कार्यक्रम में लोक गीत, नुक्कड़ नाटक और विचार-विमर्श के जरिए यह संदेश दिया गया कि हरियाली तीज की तरह ही सालभर प्रकृति की रक्षा आवश्यक है – पेड़ लगाकर, जल बचाकर और प्रदूषण कम करके।

महिला समूह ने कहा कि नारी सुरक्षा केवल कानूनों से नहीं, बल्कि समाज की सोच में बदलाव लाकर ही संभव है। सभी नागरिकों से आह्वान किया गया कि वे महिलाओं के लिए सुरक्षित, सम्मानजनक और स्वतंत्र वातावरण बनाने में योगदान दें।

कार्यक्रम में बच्चों और युवाओं ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिससे यह संदेश नई पीढ़ी तक पहुँचा।

जागरूक महिला मंडल की सदस्याएँ – निशा उपाध्याय, सविता श्रीवास्तव, शीला बोधनिया, गीता रघुवंशी, अर्चना बिसरे, हेमा सिंह, नीलिमा सक्सेना, आशा मालवीय और प्रभा पांडेय – ने सामूहिक रूप से यह संकल्प लिया:

"नारी को सम्मान और प्रकृति को संरक्षण, यही है सच्चा पर्व का उत्सव।"

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