इस दिवस की घोषणा वर्ष 2002 में United Nations महासभा द्वारा : संयुक्त राष्ट्र लोक सेवा दिवस आज: जनसेवा, सुशासन और विकास में लोक सेवकों की भूमिका को किया जाता है सम्मानित
Ashwani Kumar Sinha
Tue, Jun 23, 2026
संयुक्त राष्ट्र लोक सेवा दिवस आज: जनसेवा, सुशासन और विकास में लोक सेवकों की भूमिका को किया जाता है सम्मानित
भोपाल। विश्वभर में प्रतिवर्ष 23 जून को संयुक्त राष्ट्र लोक सेवा दिवस (United Nations Public Service Day) मनाया जाता है। इस दिवस का उद्देश्य समाज और राष्ट्र के विकास में लोक सेवकों तथा सरकारी संस्थाओं के योगदान को सम्मानित करना, जनसेवा के महत्व को रेखांकित करना तथा युवाओं को लोक सेवा के क्षेत्र में आगे आने के लिए प्रेरित करना है। इस दिवस की घोषणा वर्ष 2002 में United Nations महासभा द्वारा की गई थी।
संयुक्त राष्ट्र के अनुसार लोक सेवा दिवस समुदाय के प्रति सेवा भावना, सुशासन, पारदर्शिता, जवाबदेही और नवाचार को प्रोत्साहित करने का अवसर है। यह दिवस उन लोक सेवकों और संस्थाओं के कार्यों को सम्मानित करता है जो नागरिकों तक प्रभावी, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार किसी भी देश की प्रशासनिक व्यवस्था की सफलता उसके लोक सेवा तंत्र पर निर्भर करती है। शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा, स्वच्छता, परिवहन, आपदा प्रबंधन, सामाजिक कल्याण और विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में लोक सेवकों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। नागरिकों तक शासन की योजनाओं और सुविधाओं को पहुंचाने का कार्य भी यही तंत्र करता है, जिससे विकास की प्रक्रिया को गति मिलती है।
वर्तमान समय में जब दुनिया जलवायु परिवर्तन, डिजिटल असमानता, गरीबी उन्मूलन और सामाजिक न्याय जैसी चुनौतियों का सामना कर रही है, तब उत्तरदायी और नवाचार आधारित लोक सेवाओं का महत्व और अधिक बढ़ गया है। संयुक्त राष्ट्र का मानना है कि मजबूत सार्वजनिक संस्थाएं और सक्षम लोक सेवक ही सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) की प्राप्ति में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
लोक सेवा दिवस का मूल संदेश यह है कि जनहित सर्वोपरि है और नागरिकों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराना ही प्रशासन का प्रमुख दायित्व है। यह दिवस लोक सेवकों के समर्पण, कर्तव्यनिष्ठा और सेवा भावना को सम्मानित करने के साथ-साथ सुशासन के प्रति समाज और शासन की साझा प्रतिबद्धता को भी मजबूत करता है।
संदेश: "सशक्त लोक सेवा ही सुशासन की आधारशिला है और जनकल्याण का सबसे प्रभावी माध्यम भी।"
विज्ञापन