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सीनियर एडवोकेट की नियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता/निष्पक्षता बढ़ेगी : सुप्रीम कोर्ट ने सीनियर एडवोकेट नियुक्ति के लिए नई गाइडलाइंस जारी की, अंक आधारित प्रणाली समाप्त

Ashwani Kumar Sinha

Thu, May 15, 2025

सुप्रीम कोर्ट ने सीनियर एडवोकेट नियुक्ति के लिए नई गाइडलाइंस जारी की, अंक आधारित प्रणाली समाप्त

नई दिल्ली, 13 मई 2025 — सुप्रीम कोर्ट ने सीनियर एडवोकेट की नियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता और लोकतांत्रिकता सुनिश्चित करने के लिए नई दिशानिर्देश जारी किए हैं। इन दिशानिर्देशों के तहत, पूर्व में लागू अंक आधारित मूल्यांकन प्रणाली को समाप्त कर दिया गया है, और अब नियुक्ति का निर्णय पूर्ण न्यायालय द्वारा लिया जाएगा।

मुख्य बिंदु:

  • अंक प्रणाली समाप्त: अब तक सीनियर एडवोकेट की नियुक्ति के लिए वकीलों को विभिन्न मानदंडों के आधार पर अंक दिए जाते थे। सुप्रीम कोर्ट ने इस प्रणाली को समाप्त कर दिया है, जिससे नियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी।

  • पूर्ण न्यायालय का निर्णय: अब सीनियर एडवोकेट की नियुक्ति का निर्णय सुप्रीम कोर्ट या संबंधित उच्च न्यायालय के पूर्ण न्यायालय द्वारा लिया जाएगा। यदि सर्वसम्मति नहीं बनती है, तो मतदान के माध्यम से निर्णय लिया जाएगा।

  • न्यूनतम योग्यता अपरिवर्तित: सीनियर एडवोकेट बनने के लिए न्यूनतम 10 वर्षों का अभ्यास अनिवार्य रहेगा।

  • नियमों में संशोधन: सुप्रीम कोर्ट ने सभी उच्च न्यायालयों को निर्देश दिया है कि वे चार महीनों के भीतर अपने नियमों में संशोधन करें ताकि नई दिशानिर्देशों के अनुरूप नियुक्ति प्रक्रिया सुनिश्चित की जा सके।

पृष्ठभूमि:

2017 और 2023 में, सुप्रीम कोर्ट ने सीनियर एडवोकेट की नियुक्ति के लिए अंक आधारित प्रणाली लागू की थी। हालांकि, समय के साथ यह महसूस किया गया कि यह प्रणाली पूरी तरह से निष्पक्ष और पारदर्शी नहीं है। इसके परिणामस्वरूप, अदालत ने इस प्रणाली को समाप्त करने का निर्णय लिया।

निष्कर्ष:

सुप्रीम कोर्ट के इस निर्णय से सीनियर एडवोकेट की नियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता बढ़ेगी। यह कदम न्यायपालिका में विश्वास को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।


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