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आहार, विहार और व्यवहार की शुद्धता ही राष्ट्र और समाज को आरोग्य बना : आत्म अवलोकन ही आनंदमय जीवन का मंत्र आरोग्य भारती भोपाल व्याख्यानमाला का 11वां वार्षिकोत्सव सम्पन्न

Ashwani Kumar Sinha

Thu, Sep 11, 2025

‘चाणक्य’ फेम डॉ. चन्द्रप्रकाश द्विवेदी बोले — आत्म अवलोकन ही आनंदमय जीवन का मंत्र
आरोग्य भारती भोपाल व्याख्यानमाला का 11वां वार्षिकोत्सव सम्पन्न

भोपाल, 10 सितम्बर 2025।
आरोग्य भारती भोपाल महानगर की मासिक स्वास्थ्य व्याख्यानमाला का 11वां वार्षिकोत्सव आज अंजनी सभागार, रवीन्द्र भवन में गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर बड़ी संख्या में चिकित्सक, समाजसेवी, विद्यार्थी और स्वास्थ्य-जागरूक नागरिक उपस्थित रहे।

उद्घाटन

समारोह का शुभारंभ बच्चों की श्रीराम पर आधारित लघु नाटिका से हुआ। तत्पश्चात् अतिथियों ने भगवान धन्वंतरि के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का प्रारंभ किया।

सारस्वत अतिथि का संदेश

डॉ. अशोक कुमार वार्ष्णेय (राष्ट्रीय संगठन सचिव, आरोग्य भारती) ने संगठन की यात्रा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि “आरोग्य भारती केवल बीमारी के उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करने वाला आंदोलन है।”

मुख्य अतिथि का विचार

श्री स्वांत रंजन जी (अखिल भारतीय प्रचारक प्रमुख) ने कहा कि स्वस्थ शरीर ही साधना और समाजसेवा का सर्वोच्च साधन है। उन्होंने भोजन को औषधि मानते हुए घर के भोजन को सर्वोत्तम बताया और दिनचर्या में ब्रह्ममुहूर्त, व्यायाम व प्राणवायु का महत्व समझाया।

मुख्य वक्ता डॉ. चन्द्रप्रकाश द्विवेदी

प्रख्यात चिंतक व फिल्म निर्देशक डॉ. चन्द्रप्रकाश द्विवेदी ने “भारतीय सांस्कृतिक अवधारणा में स्वास्थ्य चिंतन” विषय पर विचार व्यक्त करते हुए कहा कि—

  • “विज्ञान जब संवेदना से जुड़ता है, तभी समाज का वास्तविक निर्माण होता है।”

  • प्रतिस्पर्धा व तुलना को तनाव का मूल कारण बताते हुए उन्होंने कहा कि आत्म-अवलोकन और आत्म-स्वीकार ही आनंद का मंत्र है।

  • उन्होंने गांधीजी के “मुझे उतना ही मिले जितनी मुझे आवश्यकता है” विचार को जीवन का आधार बताया।

  • नया दृष्टिकोण प्रस्तुत करते हुए कहा—“I am not ok, You are not ok, but We are ok” — यहीं से समाज और जीवन का संतुलन संभव है।

अध्यक्षीय उद्बोधन

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जगद्गुरु सुखानंद द्वाराचार्य स्वामी राघव देवाचार्य जी महाराज ने कहा कि आहार, विहार और व्यवहार की शुद्धता ही राष्ट्र और समाज को आरोग्य बना सकती है।

सम्मान व समापन

इस अवसर पर धन्वंतरि सेवा सम्मान समाजसेवी अजय रघुवंशी को कैंसर रोगियों की निःशुल्क सेवा हेतु प्रदान किया गया।
संचालन मिहिर कुमार ने तथा आभार प्रदर्शन डॉ. राजेश शर्मा (मध्यभारत प्रांत अध्यक्ष) ने किया।

संकल्प

अंत में सभी उपस्थित जनों ने एक स्वर में संकल्प लिया कि वे “My Health is My Responsibility” के मूलमंत्र को जीवन में अपनाकर समाज को स्वास्थ्य-जागरूक बनाने में योगदान देंगे।


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