देशभर में शाखाओं की संख्या 83,129 से बढ़कर 88,949 हो गई है : मध्य भारत में बढ़ रहा संघ कार्य, शताब्दी वर्ष के आयोजनों में समाज की सक्रिय भागीदारी
Ashwani Kumar Sinha
Tue, Mar 17, 2026
मध्य भारत में बढ़ रहा संघ कार्य, शताब्दी वर्ष के आयोजनों में समाज की सक्रिय भागीदारी
भोपाल। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा में प्रस्तुत वार्षिक प्रतिवेदन के अनुसार मध्य भारत प्रांत में संघ कार्य का विस्तार तेज़ी से हो रहा है। यह बैठक हरियाणा के समालखा स्थित पट्टीकल्याणा में आयोजित हुई, जिसमें देशभर के संघ कार्यों का विस्तृत विवरण रखा गया।
प्रतिवेदन के अनुसार मध्य भारत प्रांत में वर्तमान में 2481 स्थानों पर 3842 शाखाएं संचालित हो रही हैं। इनमें 37 महानगरीय स्थानों पर 544 शाखाएं तथा 2444 ग्रामीण स्थानों पर 3298 शाखाएं शामिल हैं। इसके अलावा 689 स्थानों पर 736 साप्ताहिक मिलन भी आयोजित किए जा रहे हैं। शाखाओं के माध्यम से 271 सेवा उपक्रम संचालित हो रहे हैं।
सेवा कार्यों के अंतर्गत चिन्हित 1013 सेवा बस्तियों में से 367 में शाखाएं संचालित हैं, 970 बस्तियों में सेवा कार्य चल रहे हैं तथा 611 बस्तियों में स्वयंसेवकों का नियमित संपर्क बना हुआ है।
प्रशिक्षण वर्गों में हजारों स्वयंसेवकों की सहभागिता
संघ द्वारा कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण हेतु विभिन्न स्तरों पर संघ शिक्षा वर्ग आयोजित किए गए। तीन दिवसीय 179 प्रारंभिक वर्गों में 8021 स्वयंसेवक शामिल हुए, जबकि 7 दिवसीय 61 प्राथमिक वर्गों में 3485 स्वयंसेवकों ने भाग लिया। इसके अतिरिक्त 15 दिवसीय संघ शिक्षा वर्ग (सामान्य) में 589 और विशेष वर्ग में 184 स्वयंसेवकों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया।
सामाजिक परिवर्तन के प्रयास
स्वयंसेवकों द्वारा समाज सुधार के विभिन्न कार्य भी किए जा रहे हैं। इनमें 78 बाल गोकुलम्, 9 अध्ययन केंद्र और 13 मासिक कुटुंब मिलन संचालित किए जा रहे हैं। ग्वालियर में नशामुक्ति और सिंगल यूज प्लास्टिक के विरुद्ध अभियान चलाया गया, जबकि लहार क्षेत्र में व्यसन मुक्ति अभियान के अंतर्गत 80 लोगों ने नशा छोड़ा और मदनपुरा ग्राम को नशामुक्त घोषित किया गया।
शिवपुरी में प्लास्टिक मुक्त अभियान तथा सीहोर जिले में गोवंश संरक्षण हेतु रात्रि विश्राम गृह जैसी पहलें भी की गईं, जिनमें स्थानीय समाज की सहभागिता देखी गई।
शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों से बढ़ा उत्साह
संघ के शताब्दी वर्ष के अंतर्गत विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। ‘विजयादशमी उत्सव एवं पथ संचलन’ के दौरान प्रांत के 2124 स्थानों पर आयोजन हुए, जिनमें 2.80 लाख से अधिक स्वयंसेवकों ने भाग लिया। वहीं 1818 स्थानों पर निकले पथ संचलनों में 2.73 लाख से अधिक स्वयंसेवक शामिल हुए।
हिन्दू सम्मेलनों में व्यापक सहभागिता
20 दिसंबर 2025 से 20 जनवरी 2026 के बीच प्रांत में 1569 हिन्दू सम्मेलनों का आयोजन किया गया, जिनमें 52.63 लाख से अधिक लोगों ने भाग लिया। इन आयोजनों में सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण और सांस्कृतिक जागरण पर बल दिया गया।
गृह संपर्क अभियान की व्यापक पहुंच
शताब्दी वर्ष के अवसर पर चलाए गए गृह संपर्क अभियान के अंतर्गत लगभग 80 हजार स्वयंसेवकों ने 23 हजार से अधिक टोलियों के माध्यम से 27.46 लाख परिवारों से संपर्क किया। साथ ही 7922 प्रमुखजनों से संवाद स्थापित किया गया।
देशभर में संघ कार्य का विस्तार
प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने बताया कि देशभर में शाखाओं की संख्या 83,129 से बढ़कर 88,949 हो गई है, जबकि स्थानों की संख्या 51,740 से बढ़कर 5520 दिसंबर 2025 से 20 जनवरी 2026 के बीच प्रांत में 1569 हिन्दू सम्मेलनों का आयोजन किया गया, जिनमें 52.63 लाख से अधिक लोगों ने भाग लिया। इन आयोजनों में सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण और सांस्कृतिक जागरण पर बल दिया गया।,683 हो गई है। एक वर्ष में 3943 नए स्थान जुड़े और 5820 शाखाओं की वृद्धि दर्ज की गई।
उन्होंने बताया कि संघ कार्य अब दूरस्थ क्षेत्रों जैसे अंडमान, अरुणाचल प्रदेश और लद्दाख तक विस्तार कर चुका है। साथ ही शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों के अंतर्गत देशभर में 37,048 हिन्दू सम्मेलनों का आयोजन हुआ, जिनमें लगभग साढ़े तीन करोड़ लोगों की सहभागिता रही।
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