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किसी भी एनआईटी परिसर में आयोजित पहला पथ संचलन रहा, : भोपाल मैनेट में पहली बार निकला राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का पथ संचलन

Ashwani Kumar Sinha

Sat, Oct 11, 2025

मैनेट में पहली बार निकला राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का पथ संचलन

भोपाल। मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (मैनेट) का परिसर शनिवार को एक ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बना, जब पहली बार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) का पथ संचलन घोष की गूंज के साथ परिसर में निकाला गया। संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित इस आयोजन में मैनेट सहित देश के 12 राष्ट्रीय महत्व के संस्थानों से आए 256 विद्यार्थी एवं प्राध्यापक पूर्ण गणवेश में सम्मिलित हुए।

कार्यक्रम की अध्यक्षता भोपाल विभाग के संघचालक श्री सोमकांत उमालकर ने की, जबकि मुख्य अतिथि श्री विजय अग्रवाल रहे। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता आरएसएस के अखिल भारतीय सह-बौद्धिक प्रमुख श्री दीपक विस्पुते ने अपने प्रेरक उद्बोधन में स्वयंसेवकों को संबोधित किया।

श्री विस्पुते ने अपने वक्तव्य में ‘पंच परिवर्तन’ के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इन परिवर्तनों के माध्यम से हम अपनी भारत माता तथा पृथ्वी दोनों को स्वच्छ, सुरक्षित और संतुलित रख सकते हैं। उन्होंने समाज और प्रकृति की शुद्धता बनाए रखने के लिए इन सिद्धांतों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया।

उन्होंने ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ के आदर्श को संघ के ध्येय वाक्य के रूप में प्रस्तुत करते हुए कहा — “संपूर्ण जगत अपना घर है।” उन्होंने स्वयंसेवकों से आग्रह किया कि वे पूरे विश्व को अपना परिवार मानकर उसकी सेवा और आदर का भाव रखें।

राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में पहली बार निकले इस पथ संचलन ने परिसर में नए उत्साह, अनुशासन और देशभक्ति का वातावरण निर्मित किया। यह आयोजन देश के किसी भी एनआईटी परिसर में आयोजित पहला पथ संचलन रहा, जिसने एक नई प्रेरणा और इतिहास रचा।

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