अक्षय तृतीया पर बाल विवाह रोकने की अपील, प्रशासन सख्त : जिला प्रशासन एवं महिला एवं बाल विकास विभाग कोरबा छत्तीसगढ़ ने बाल विवाह की रोकथाम को लेकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश
Ashwani Kumar Sinha
Thu, Apr 16, 2026
अक्षय तृतीया पर बाल विवाह रोकने की अपील, प्रशासन सख्त
आगामी 19 अप्रैल 2026 को मनाए जाने वाले अक्षय तृतीया पर्व के मद्देनज़र जिला प्रशासन एवं महिला एवं बाल विकास विभाग कोरबा छत्तीसगढ़ ने बाल विवाह की रोकथाम को लेकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश जारी किए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बाल विवाह एक सामाजिक कुप्रथा होने के साथ-साथ दंडनीय अपराध भी है।
निर्देशों के अनुसार, 18 वर्ष से कम आयु की लड़की तथा 21 वर्ष से कम आयु के लड़के का विवाह बाल विवाह की श्रेणी में आता है। विशेष रूप से ग्रामीण एवं जनजातीय क्षेत्रों में इस तरह की घटनाओं की आशंका को देखते हुए निगरानी बढ़ाई गई है।
विभाग ने बताया कि बाल विवाह के कारण कुपोषण, कम वजन के शिशु जन्म, महिलाओं में एनीमिया जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न होती हैं। इन दुष्परिणामों को रोकने के लिए प्रत्येक ग्राम में गठित ग्राम स्तरीय बाल संरक्षण समितियों को सक्रिय किया गया है।
समितियों में सरपंच, ग्राम सचिव, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मितानिन सहित जनप्रतिनिधि और स्थानीय नागरिक शामिल हैं, जिन्हें बाल विवाह की सूचना मिलने पर तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि बाल विवाह की सूचना तत्काल संबंधित अधिकारियों, नजदीकी थाना, आपातकालीन नंबर 112 या चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर दें।
साथ ही, टेंट हाउस, डीजे, बैंडबाजा, प्रिंटिंग प्रेस संचालकों एवं धार्मिक अनुष्ठान कराने वाले व्यक्तियों से भी आग्रह किया गया है कि बिना आयु प्रमाण पत्र के किसी भी विवाह समारोह में सेवाएं प्रदान न करें।
प्रशासन ने सभी वर्गों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि सामूहिक प्रयासों से ही इस कुप्रथा को समाप्त कर बच्चों के सुरक्षित भविष्य को सुनिश्चित किया जा सकता हैं।
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