बदलती जीवनशैली, संवादहीनता, अवास्तविक अपेक्षाएँ और आपसी विश्वास की कमी : प्रेम विवाह पूर्व परामर्श एवं जागरूकता सत्र आयोजित, विशेषज्ञों ने सफल दांपत्य के बताए सूत्र
Ashwani Kumar Sinha
Wed, Jul 15, 2026
प्रेम विवाह पूर्व परामर्श एवं जागरूकता सत्र आयोजित, विशेषज्ञों ने सफल दांपत्य के बताए सूत्र
भोपाल, 15 जुलाई। मध्यप्रदेश शासन के निर्देशानुसार शासकीय कला एवं वाणिज्य (नवीन) महाविद्यालय, जहांगीराबाद, भोपाल में बुधवार को "प्रेम विवाह पूर्व परामर्श एवं जागरूकता सत्र" का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं में वैवाहिक जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करना, पारिवारिक मूल्यों को सुदृढ़ करना तथा विवाह से पूर्व परामर्श के महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।कार्यक्रम में कला कुंज फाउंडेशन "तेरे मेरे सपने" की विशेषज्ञ वक्ता डॉ. आराधना चौरसिया एवं डॉ. रुचिका जोशी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए वर्तमान समय में बढ़ते वैवाहिक तनाव, पारिवारिक विघटन एवं तलाक के सामाजिक तथा मनोवैज्ञानिक कारणों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बदलती जीवनशैली, संवादहीनता, अवास्तविक अपेक्षाएँ और आपसी विश्वास की कमी वैवाहिक संबंधों को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारण हैं। ऐसे में विवाह पूर्व परामर्श भावी दंपत्तियों को एक-दूसरे के व्यक्तित्व, विचारों, जिम्मेदारियों और पारिवारिक अपेक्षाओं को समझने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करता है।
डॉ. आराधना चौरसिया ने कहा कि प्रेम विवाह हो या पारंपरिक विवाह, केवल भावनात्मक लगाव पर्याप्त नहीं होता। सफल दांपत्य जीवन के लिए परस्पर विश्वास, सम्मान, धैर्य, संवाद और उत्तरदायित्व की भावना आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों से वैवाहिक निर्णय लेने से पहले परिवार एवं विशेषज्ञों से परामर्श लेने तथा एक-दूसरे के स्वभाव, जीवन मूल्यों और भविष्य की योजनाओं को समझने का आग्रह किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. प्रदीप कुमार शर्मा ने कहा कि विवाह जीवन का अत्यंत महत्वपूर्ण निर्णय है, जिसे केवल भावनाओं के आधार पर नहीं बल्कि परिपक्व सोच, सामाजिक उत्तरदायित्व और पारिवारिक मूल्यों को ध्यान में रखकर लिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि विवाह पूर्व परामर्श न केवल वैवाहिक जीवन को सफल बनाने में सहायक है, बल्कि स्वस्थ, सुदृढ़ और संस्कारित समाज के निर्माण की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
कार्यक्रम का संचालन कार्यक्रम समन्वयक ले. आराधना धुर्वे ने किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राध्यापकगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे। अंत में विद्यार्थियों ने ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों का नियमित आयोजन किए जाने की आवश्यकता पर बल दिया।
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