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नई दिल्ली, 23 सितंबर। हलाल प्रमाणन को लेकर हलाल नियंत्रण मंच ने गंभीर आपत्तियां उठाते हुए इसे अर्थव्यवस्था, रोजगार,

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हलाल प्रमाणन को लेकर हलाल नियंत्रण मंच ने उठाए सवाल, देशभर में : नई दिल्ली, 23 सितंबर। हलाल प्रमाणन को लेकर हलाल नियंत्रण मंच ने गंभीर आपत्तियां उठाते हुए इसे अर्थव्यवस्था, रोजगार,

Ashwani Kumar Sinha

Wed, Sep 23, 2026

हलाल प्रमाणन को लेकर हलाल नियंत्रण मंच ने उठाए सवाल, देशभर में प्रदर्शन का ऐलान

नई दिल्ली, 23 सितंबर। हलाल प्रमाणन को लेकर हलाल नियंत्रण मंच ने गंभीर आपत्तियां उठाते हुए इसे अर्थव्यवस्था, रोजगार, धार्मिक आस्था और राष्ट्रीय हित से जुड़ा मुद्दा बताया है। मंच ने आरोप लगाया कि हलाल प्रमाणन की व्यवस्था का विस्तार मांस से आगे बढ़कर खाद्य पदार्थों, औषधियों, कॉस्मेटिक्स और अन्य उत्पादों तक हो गया है। मंच ने इन आरोपों के समर्थन में विभिन्न दावे भी किए, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि इस प्रेस वक्तव्य में प्रस्तुत नहीं की गई है।

मंच की ओर से आयोजित प्रेसवार्ता में प्रवक्ता एवं सेवानिवृत्त न्यायाधीश पवन कुमार तथा उद्योगपति एवं समाजसेवी हरिंदर सिक्का ने अपने विचार रखे। सिक्का ने आरोप लगाया कि हलाल प्रमाणन की व्यवस्था के कारण पशु वध कारोबार में लगे हिंदू और सिख समुदाय के लोगों के रोजगार प्रभावित हुए। उन्होंने APEDA से संबंधित पूर्व व्यवस्था का उल्लेख करते हुए दावा किया कि बिना हलाल प्रमाणन के मांस निर्यात पर रोक जैसी स्थिति रही थी।

मंच ने दावा किया कि वर्तमान सरकार ने उसकी पहल के बाद संबंधित व्यवस्था को वापस लिया। वक्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि रेलवे, एयरलाइंस और होटल क्षेत्र में हलाल मांस की मांग बढ़ने से गैर-हलाल मांस कारोबार प्रभावित हुआ।

पवन कुमार ने कहा कि हलाल प्रमाणन अब केवल मांस तक सीमित नहीं है और विभिन्न उपभोक्ता वस्तुओं के प्रमाणन तक इसका विस्तार हुआ है। उन्होंने कुछ मुस्लिम संगठनों द्वारा प्रमाणन शुल्क लिए जाने पर भी सवाल उठाए।

प्रेसवार्ता में मंच की ओर से प्रमाणन से प्राप्त धन के कथित उपयोग को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए गए। इनमें धर्मांतरण, आतंकवाद और अन्य गतिविधियों की फंडिंग के दावे भी शामिल हैं। इन आरोपों के संबंध में प्रेस वक्तव्य में कोई दस्तावेजी प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया गया।

देशभर में प्रदर्शन की घोषणा

मंच ने हलाल प्रमाणन के खिलाफ आंदोलन को देशव्यापी स्तर पर ले जाने की घोषणा की। इसके तहत—

28 और 29 सितंबर 2026 को राज्यों की राजधानियों में प्रदर्शन आयोजित करने की घोषणा।

वर्ष के अंत तक सभी राज्यों में ‘हलाल नियंत्रण मंच’ की इकाइयां गठित करने की योजना।

हलाल प्रमाणन से जुड़े मुद्दों पर साहित्य तैयार कर देशभर में वितरित करने की घोषणा।

केंद्रीय मंत्रियों, मुख्यमंत्रियों और स्थानीय निकायों के प्रमुखों से मुलाकात कर कार्रवाई की मांग।

गोष्ठियों और जनसभाओं के माध्यम से जनजागरूकता अभियान चलाने की योजना।

सिख तथा अनुसूचित जाति-जनजाति समाज के नेतृत्व से संपर्क कर रोजगार और धार्मिक आस्था से जुड़े मुद्दे उठाने की घोषणा।

मंच ने कहा कि उसका उद्देश्य देश में हलाल प्रमाणन की व्यवस्था पर नियंत्रण तथा इसके कथित दुरुपयोग के खिलाफ जनजागरूकता पैदा करना है।

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