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सशक्त बालिका ही सशक्त भारत की नींव है। : राष्ट्रीय बालिका दिवस : उद्देश्य, कारण और वर्तमान स्थिति

Ashwani Kumar Sinha

Sat, Jan 24, 2026

राष्ट्रीय बालिका दिवस : उद्देश्य, कारण और वर्तमान स्थिति

देशभर में 24 जनवरी को राष्ट्रीय बालिका दिवस मनाया गया। इस दिवस की शुरुआत भारत सरकार द्वारा वर्ष 2008 में की गई थी। इसे प्रारंभ करने का मुख्य उद्देश्य समाज में बालिकाओं के प्रति व्याप्त लैंगिक भेदभाव, कन्या भ्रूण हत्या, बाल विवाह, शिक्षा में असमानता तथा स्वास्थ्य व सुरक्षा की उपेक्षा जैसी गंभीर समस्याओं के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना था। यह दिन विशेष रूप से बालिकाओं को समान अधिकार, सम्मान और अवसर दिलाने के संकल्प का प्रतीक है।

इस अवसर पर यह भी स्मरण किया जाता है कि बालिकाएँ केवल परिवार ही नहीं, बल्कि राष्ट्र की प्रगति की आधारशिला हैं। इसी सोच के साथ “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ”, कन्या शिक्षा, पोषण, स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं को बल मिला।

वर्तमान स्थिति की बात करें तो, बीते वर्षों में बालिकाओं की शिक्षा, टीकाकरण और स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार हुआ है तथा कई राज्यों में लिंगानुपात में सकारात्मक बदलाव देखा गया है। हालांकि, आज भी बाल विवाह, ड्रॉपआउट दर और सुरक्षा जैसी चुनौतियाँ बनी हुई हैं।

राष्ट्रीय बालिका दिवस हमें यह याद दिलाता है कि सशक्त बालिका ही सशक्त भारत की नींव है।

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