जांच के दौरान कई गंभीर अनियमितताएं भी सामने आईं : MANIT भोपाल के दो हॉस्टलों में फूड पॉइजनिंग की शिकायत पर खाद्य सुरक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई, पानी व खाद्य सामग्री के
Ashwani Kumar Sinha
Fri, Jul 17, 2026
MANIT भोपाल के दो हॉस्टलों में फूड पॉइजनिंग की शिकायत पर खाद्य सुरक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई, पानी व खाद्य सामग्री के नमूने जांच के लिए भेजे
भोपाल, 17 जुलाई। MANIT (मौलाना आज़ाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान) भोपाल के हॉस्टल क्रमांक 9 एवं 11 में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों के उल्टी, दस्त एवं फूड पॉइजनिंग से प्रभावित होने की शिकायत तथा समाचार माध्यमों में प्रकाशित खबरों के संज्ञान के बाद जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की। कलेक्टर भोपाल के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने दोनों हॉस्टलों की मेस और रसोई का संयुक्त निरीक्षण कर खाद्य सामग्री एवं पेयजल के नमूने जांच के लिए भेज दिए हैं।
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्री शिवराज पावक के नेतृत्व में गठित टीम ने मेस, रसोईघर, खाद्य भंडारण व्यवस्था, भोजन निर्माण प्रक्रिया, आर.ओ. प्लांट, जल भंडारण टंकियों, स्वच्छता व्यवस्था तथा खाद्य व्यवसाय से संबंधित अभिलेखों का विस्तृत निरीक्षण किया।
संस्थान प्रबंधन ने बताया कि 11 जुलाई को जल भंडारण टंकियों की सफाई तथा आर.ओ. फिल्टर बदले गए थे। इसके बावजूद निरीक्षण के दौरान आर.ओ. सिस्टम में गंदगी एवं पानी में सूक्ष्म काले कण पाए गए, जिससे पेयजल के दूषित होने की आशंका व्यक्त की गई। विभाग ने आर.ओ. आउटलेट एवं छत पर स्थित जल भंडारण टंकी से पानी के नमूने लेकर परीक्षण के लिए भेजे हैं। निरीक्षण के दौरान आर.ओ. के पानी का टीडीएस लगभग 118 mg/L दर्ज किया गया। विभाग ने स्पष्ट किया कि केवल टीडीएस के आधार पर पानी की गुणवत्ता का निर्धारण नहीं किया जा सकता, बल्कि माइक्रोबायोलॉजिकल एवं रासायनिक परीक्षण के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।
निरीक्षण के दौरान हॉस्टल क्रमांक-9 से तुअर दाल, काबुली चना, आर.ओ. का पानी एवं जल भंडारण टंकी का पानी, जबकि हॉस्टल क्रमांक-11 से घी, पंपकिन सीड्स, इमली तथा अन्य खाद्य सामग्री के नमूने लिए गए। सभी नमूनों को राज्य खाद्य एवं जल परीक्षण प्रयोगशाला भेजा गया है, जहां इनकी रासायनिक, सूक्ष्मजीवविज्ञान एवं गुणवत्ता संबंधी जांच की जाएगी।
जांच के दौरान कई गंभीर अनियमितताएं भी सामने आईं। दोनों हॉस्टलों में वैभव फूड्स द्वारा आवश्यक वैध खाद्य लाइसेंस के बिना खाद्य व्यवसाय संचालित किया जाना प्रथम दृष्टया पाया गया। हॉस्टल क्रमांक-11 में केटरिंग एजेंसी द्वारा आवश्यक राज्य स्तरीय लाइसेंस के बिना खाद्य प्रसंस्करण एवं आपूर्ति किए जाने की भी पुष्टि हुई।
इसके अलावा खाद्य व्यवसाय में कार्यरत कर्मचारियों के मेडिकल फिटनेस प्रमाण-पत्र, स्वास्थ्य परीक्षण एवं मेडिकल रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं मिले। खाद्य हैंडलर्स के प्रशिक्षण (FoSTaC) संबंधी अभिलेख, पेस्ट कंट्रोल रिकॉर्ड तथा अन्य आवश्यक दस्तावेज भी निरीक्षण के दौरान अनुपलब्ध पाए गए। रसोईघरों में मकड़ी के जाले, अपर्याप्त स्वच्छता एवं हाउसकीपिंग की कमियां भी सामने आईं।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने संबंधित खाद्य व्यवसाय संचालकों एवं संस्थान प्रबंधन को आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई के निर्देश जारी करते हुए खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 तथा संबंधित विनियमों के तहत वैधानिक कार्रवाई प्रारंभ कर दी है।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि प्रयोगशाला जांच में खाद्य पदार्थ या पेयजल असुरक्षित, अमानक अथवा मिथ्या छाप (Misbranded) पाए जाते हैं अथवा अधिनियम के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो संबंधित संस्था, खाद्य व्यवसाय संचालकों एवं जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
यह कार्रवाई मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्री शिवराज पावक के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों श्री पंकज श्रीवास्तव, श्रीमती साधना सक्सेना, श्री जगदीश प्रसाद लववंशी, श्री जगदीश विश्वकर्मा एवं श्रीमती अर्चना प्रभाकर द्वारा संयुक्त रूप से की गई।
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