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मातृशक्ति की सुरक्षा ही शिवाजी महाराज के हिंदवी स्वराज की मूल अवधारणा : समर्थ भारत की आधारशिला हिंदवी स्वराज” विषय पर व्याख्यान एवं पुस्तक विमोचन समारोह

Ashwani Kumar Sinha

Mon, Feb 23, 2026

इंदौर। श्री शिवाजी रायगढ़ स्मारक मंडल और अर्चना प्रकाशन के संयुक्त तत्वावधान में 22 फरवरी 2026 को सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल सभागार, इंदौर में “समर्थ भारत की आधारशिला हिंदवी स्वराज” विषय पर व्याख्यान एवं पुस्तक विमोचन समारोह आयोजित किया गया।

कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय सह बौद्धिक प्रमुख दीपक विस्पुते ने कहा कि सत्य, न्याय, नीति और मातृशक्ति की सुरक्षा ही छत्रपति शिवाजी महाराज के हिंदवी स्वराज की मूल अवधारणा है। उन्होंने कहा कि शिवाजी महाराज की कार्यशैली सुशासन, पारदर्शिता, जवाबदेही और जनमानस के जीवन स्तर के उत्थान पर आधारित थी।

श्री विस्पुते ने अपने उद्बोधन में शिवाजी महाराज के जन्म से लेकर भारत की स्वतंत्रता तक के कालखंड का उल्लेख करते हुए वर्तमान भारत की भौगोलिक संरचना को हिंदवी स्वराज की परिकल्पना से जोड़ा। उन्होंने कहा कि स्वधर्म, स्वदेशी और स्वराज हमारी राष्ट्रीय स्वाधीनता के मूल मंत्र हैं।

इस अवसर पर माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के सहायक कुलसचिव गिरीश अवधूत जोशी द्वारा इस अवसर पर माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के सहायक कुलसचिव गिरीश अवधूत जोशी द्वारा लिखित पुस्तक “अनादि समर” का विमोचन किया गया। लिखित पुस्तक “अनादि समर” का विमोचन किया गया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ अधिवक्ता एवं आयकर सलाहकार त्रिभुवन सचदेवा ने की। मुख्य अतिथि के रूप में अहिल्याबाई होलकर त्रिशताब्दी समारोह के कार्याध्यक्ष उदयसिंह राजे होलकर उपस्थित रहे।

विशेष रूप से पुणे से विक्रम सिंह मोहिते (सर सेनापति हंबीरराव मोहिते के वंशज) कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। हिंदवी साम्राज्य विषय पर लिखित तीन पुस्तकों, जिनका मराठी से हिंदी अनुवाद गिरीश जोशी ने किया है, का भी परिचय दिया गया। इन कृतियों का पूर्व में नई दिल्ली में पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद तथा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले द्वारा विमोचन किया जा चुका है।

कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य भैयाजी जोशी, क्षेत्र प्रचारक स्वप्निल कुलकर्णी, क्षेत्र प्रचार प्रमुख कैलाश चंद्र, क्षेत्र संपर्क प्रमुख प्रवीण गुप्ता, क्षेत्र व्यवस्था प्रमुख सुरेश जैन, क्षेत्र सेवा प्रमुख ओमप्रकाश, मालवा प्रांत संघचालक प्रकाश शास्त्री, प्रांत कार्यवाह विनीत नवाथे, प्रांत प्रचारक राजमोहन, प्रांत सह कार्यवाह श्रीनाथ गुप्ता उपस्थित रहे।

इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव, देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. राकेश सिंघई, डॉ. निशांत खरे, वरिष्ठ अधिवक्ता मनोज द्विवेदी सहित उच्च न्यायालय के अनेक अधिवक्तागण भी समारोह में मौजूद थे।

इंदौर के प्रसिद्ध मनोचिकित्सक डॉ. योगेंद्र देशपांडे सहित अनेक चिकित्सकों ने अपनी उपस्थिति दर्ज की। इस अवसर पर हिंदी साहित्य अकादमी के निदेशक डॉ. विकास दवे, कालिदास अकादमी के निदेशक डॉ. गोविंद गंधे तथा पंजाबी साहित्य अकादमी के निदेशक इंद्रजीत सिंह खनूजा भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।

समारोह में बड़ी संख्या में शिक्षाविद, बुद्धिजीवी, चिकित्सक और सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित थे।

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