दिन-रात दोनों समय, ट्रैफिक जाम की स्थिति बनती थी। : भोपाल लिंक रोड-1 पर दुकानदारों द्वारा बनाए गए अवैध सीमेंटेड चढ़ाव हटवाए गए – ग्राहक पंचायत की शिकायत पर नगर निगम
Ashwani Kumar Sinha
Tue, Jun 24, 2025
📰 भोपाल लिंक रोड-1 पर दुकानदारों द्वारा बनाए गए अवैध सीमेंटेड चढ़ाव हटवाए गए – ग्राहक पंचायत की शिकायत पर नगर निगम ने की त्वरित कार्रवाई
📍 भोपाल | दिनांक: 23 जून 2025 | विशेष संवाददाता
भोपाल की प्रमुख व्यावसायिक लिंक रोड नंबर-1 (एमपी नगर चौराहा, होटल मिलन के पास) पर कुछ दुकानदारों द्वारा ट्रैफिक को बाधित करने वाला अवैध निर्माण लंबे समय से किया जा रहा था। ग्राहक सुविधा के नाम पर मुख्य सड़क पर गाड़ियाँ खड़ी करवा कर, लोहे की ग्रिल पार कर आने के लिए दो बड़े-बड़े सीमेंटेड सीढ़ीनुमा पत्थर रखवाए गए थे।
इन पत्थरों को बाकायदा सड़क के रंग में रंगवा दिया गया था ताकि आम नागरिक यह समझें कि यह व्यवस्था अधिकृत और वैध है।
📌 समस्या का स्वरूप:
ग्राहक अपनी गाड़ियाँ मुख्य सड़क पर अवैध रूप से खड़ी कर देते थे।
फिर इन पत्थरों पर चढ़कर दीवार फांदते हुए दुकानों तक पहुँचते थे।
यह प्रक्रिया दिन-रात दोनों समय जारी रहती थी, जिससे स्थायी ट्रैफिक जाम की स्थिति बनती थी।


यह न केवल सार्वजनिक मार्ग का दुरुपयोग था, बल्कि सड़क सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा बन चुका था।
🔎 अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत की सक्रिय पहल:
इस गंभीर अतिक्रमण और जन असुविधा पर अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत, भोपाल महानगर ने तत्काल संज्ञान लिया।
महानगर (अध्यक्ष) श्री सुरेन्द्र रघुवंशी एवं
विधि आयाम (प्रमुख) श्री अश्वनी कुमार सिन्हा द्वारा:
✔️ नगर निगम के ज़ोन अधिकारी को प्रमाण सहित लोकेशन व फोटो भेजे गए।
✔️ भोपाल ट्रैफिक प्रभारी श्री हर्षित तिवारी को समस्या से अवगत कराया गया।
✔️ इन अवैध सीढ़ीनुमा सीमेंटेड निर्माणों को तत्काल हटाने की माँग की गई।
✅ तत्काल कार्रवाई:
नगर निगम की टीम ने मौके पर पहुँचकर इन अवैध रूप से रखे गए सीमेंटेड पत्थरों को तोड़कर हटवा दिया। यह ग्राहक पंचायत की प्रभावी जनहित पहल का सीधा परिणाम था।
⚖️ कानूनी व सामाजिक पक्ष:
भारतीय दंड संहिता की धारा 283 के अंतर्गत सार्वजनिक मार्ग में बाधा डालना दंडनीय अपराध है।
यह नगर निगम अधिनियम, मोटर वाहन अधिनियम व ट्रैफिक नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है।
इस प्रकार का कृत्य सार्वजनिक संसाधनों का निजी उपयोग व असंगठित अतिक्रमण है।
🗣️ ग्राहक पंचायत की माँग:
ऐसे अतिक्रमणों पर नियमित निगरानी रखी जाए।
दोषी दुकानदारों पर चेतावनी व जुर्माना लगाया जाए।
नगर निगम व ट्रैफिक विभाग संयुक्त रूप से ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करें।
📌 निष्कर्ष:
भोपाल जैसे स्मार्ट सिटी के तहत विकसित हो रहे शहर में, यदि राजधानी की मुख्य सड़कों पर इस प्रकार की मनमानी, अतिक्रमण और सुविधा की आड़ में कानून तोड़ने की प्रवृत्ति को रोका नहीं गया, तो नागरिकों की सुरक्षा और यातायात का संतुलन गंभीर रूप से प्रभावित हो सकता है।
अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत की यह पहल न केवल सार्वजनिक हित की सुरक्षा है, बल्कि यह भी सिद्ध करती है कि जागरूक संगठनों की सक्रिय भागीदारी प्रशासनिक सुधार में सहायक बन सकती है।
✍️ जनहित संवाद प्रकोष्ठ
अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत, भोपाल महानगर
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