नीलामी होने पर यदि वाहन की बिक्री से प्राप्त राशि बकाया ऋण से अधिक तो : कार लोन की लगातार तीन ईएमआई चूकने पर बढ़ सकता है खतरा, जानें उधारकर्ताओं के अधिकार
Ashwani Kumar Sinha
Mon, Jun 29, 2026
कार लोन की लगातार तीन ईएमआई चूकने पर बढ़ सकता है खतरा, जानें उधारकर्ताओं के अधिकार
यदि किसी वाहन ऋण (कार लोन) की एक या दो ईएमआई समय पर जमा नहीं हो पाती है, तो बैंक या वित्तीय संस्था तुरंत वाहन जब्त नहीं कर सकती। सामान्यतः लगातार 90 दिनों तक बकाया रहने पर ऋण खाता एनपीए (Non-Performing Asset) की श्रेणी में जा सकता है, जिसके बाद ऋणदाता नियमानुसार आगे की वसूली प्रक्रिया शुरू कर सकता है। हालांकि, ऐसी कार्रवाई से पहले निर्धारित प्रक्रिया का पालन और आवश्यक नोटिस देना अपेक्षित होता है।
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के दिशानिर्देशों के अनुसार, रिकवरी एजेंट उधारकर्ता के साथ धमकी, बदसलूकी, जबरदस्ती या उत्पीड़न नहीं कर सकते। उन्हें अपनी पहचान और प्राधिकरण-पत्र प्रस्तुत करना चाहिए तथा वसूली के दौरान शालीन व्यवहार करना अनिवार्य है।
यदि आर्थिक कठिनाई के कारण ईएमआई चुकाने में समस्या आ रही हो, तो उधारकर्ता को बैंक या वित्तीय संस्था से तुरंत संपर्क कर पुनर्गठन (Restructuring), किस्तों के पुनर्निर्धारण या अन्य समाधान पर चर्चा करनी चाहिए। संवाद बनाए रखने से समाधान निकलने की संभावना बढ़ जाती है।
यदि वाहन जब्त कर लिया जाता है, तब भी नीलामी से पहले बकाया राशि एवं अन्य देय शुल्क जमा कर वाहन वापस प्राप्त करने का अवसर मिल सकता है। नीलामी होने पर यदि वाहन की बिक्री से प्राप्त राशि बकाया ऋण से अधिक होती है, तो अतिरिक्त राशि उधारकर्ता को लौटाई जानी चाहिए।
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