नदियों, पेड़ों और सूर्य का सम्मान भारतीय संस्कृति का अभिन्न हिस्सा है : पर्यावरण संरक्षण सभी धर्मों की साझा जिम्मेदारी : दत्तात्रेय होसबाले
Ashwani Kumar Sinha
Fri, Dec 19, 2025
पर्यावरण संरक्षण सभी धर्मों की साझा जिम्मेदारी : दत्तात्रेय होसबाले
गोरखपुर।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने कहा है कि पर्यावरण संरक्षण किसी एक धर्म तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि यह मानवता से जुड़ा साझा दायित्व है। गोरखपुर में आयोजित एक हिंदू सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति अपनी धार्मिक आस्था का पालन करते हुए प्रकृति के प्रति सम्मान व्यक्त करता है, तो इसमें कोई विरोध नहीं है।
होसबाले ने कहा कि नदियों, पेड़ों और सूर्य का सम्मान भारतीय संस्कृति का अभिन्न हिस्सा है और पर्यावरण की रक्षा के लिए यह दृष्टिकोण सभी समुदायों द्वारा अपनाया जा सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि संघ किसी से यह नहीं कहता कि वह अपनी पूजा-पद्धति या धार्मिक आचरण छोड़े, बल्कि मानवता और प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता को जीवन में अपनाने का आग्रह करता है।
उन्होंने भारतीय संस्कृति के वैश्विक महत्व पर भी प्रकाश डाला और कहा कि भारत को ज्ञान, संस्कृति और मूल्यों के क्षेत्र में विश्व का मार्गदर्शक बनना चाहिए। साथ ही उन्होंने समाज में बढ़ते धर्मांतरण पर चिंता व्यक्त करते हुए सांस्कृतिक मूल्यों को सुदृढ़ करने की आवश्यकता बताई।
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