संघ का प्रत्येक स्वयंसेवक निस्वार्थ भाव से समाज और राष्ट्र की सेवा : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के ‘युवा संवाद’ में राष्ट्र निर्माण और उद्यमिता पर जोर
Ashwani Kumar Sinha
Sun, Jul 19, 2026
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के ‘युवा संवाद’ में राष्ट्र निर्माण और उद्यमिता पर जोर
भोपाल। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, भोपाल विभाग के युवा उद्यमी कार्य द्वारा आयोजित ‘युवा संवाद’ कार्यक्रम में युवाओं को राष्ट्र निर्माण, आत्मनिर्भरता, उद्यमिता, नेतृत्व और सामाजिक उत्तरदायित्व के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवा उद्यमियों में राष्ट्रहित, नवाचार और सामाजिक दायित्व के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करना था।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सागर ग्रुप के प्रबंध निदेशक श्री सिद्धार्थ सुधीर अग्रवाल रहे, जबकि मुख्य वक्ता के रूप में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय सह शारीरिक प्रमुख श्री ओ. के. मोहन जी ने युवा उद्यमियों का मार्गदर्शन किया।
अपने उद्बोधन में श्री ओ. के. मोहन जी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना और उसकी ऐतिहासिक यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि परम पूजनीय डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने प्रतिकूल परिस्थितियों में संघ की स्थापना कर संगठित एवं सशक्त राष्ट्र निर्माण का कार्य प्रारंभ किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रहित को सर्वोपरि मानने वाला संघ आज समाज जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में सेवा, संस्कार और संगठन के माध्यम से सकारात्मक परिवर्तन का प्रभावी माध्यम बना हुआ है।
उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। आज आवश्यकता ऐसे युवाओं की है जो केवल रोजगार पाने वाले नहीं, बल्कि रोजगार सृजित करने वाले उद्यमी बनें। नवाचार, कौशल, आत्मनिर्भरता और सेवा-भाव के माध्यम से युवा भारत को विश्व की अग्रणी शक्ति बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
श्री मोहन जी ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ समाज जीवन में सेवा, संगठन, संस्कार और राष्ट्रभक्ति के आधार पर रचनात्मक कार्य कर रहा है। संघ का प्रत्येक स्वयंसेवक निस्वार्थ भाव से समाज और राष्ट्र की सेवा को अपना कर्तव्य मानता है। उन्होंने कहा कि "राष्ट्र सेवा ही ईश्वर सेवा है" तथा समाज के कल्याण के लिए किया गया प्रत्येक कार्य ईश्वर की आराधना के समान है।
कार्यक्रम में 300 से अधिक युवा उद्यमियों, जिनमें बड़ी संख्या में महिला उद्यमी भी शामिल थीं, ने सहभागिता की। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने राष्ट्रहित, सामाजिक समरसता और विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।
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