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पानी रोकोगे कैसे? सिंधु पर कोई डैम है नहीं, : भक्त मित्र की खुशियाँ आधे घंटे में ढह गईं: सिंधु संधि रद्द करने की हकीकत ने जोश को किया ठंडा

Ashwani Kumar Sinha

Wed, Apr 23, 2025


"भक्त मित्र की खुशियाँ आधे घंटे में ढह गईं: सिंधु संधि रद्द करने की हकीकत ने जोश को किया ठंडा"

नई दिल्ली | 23 अप्रैल 2025

जैसे ही खबर आई कि भारत सरकार ने सिंधु जल संधि को रद्द कर दिया है, देश के कोने-कोने में राष्ट्रवाद की लहर एक बार फिर उफान पर आ गई। विशेषकर, सोशल मीडिया के सबसे सक्रिय प्राणी — भक्त मित्र — इस घोषणा से गदगद हो उठे।

दिल्ली निवासी राकेश (परिवर्तित नाम), जो इस खबर से अत्यधिक उत्साहित थे, उन्होंने तुरंत अपने पुराने मित्र को कॉल कर दिया:
"देखा! अब पाकिस्तान को पानी की एक बूंद नहीं मिलेगी!"

मगर फोन के दूसरे छोर पर बैठे उनके मित्र ने जब पूछा,
"पानी रोकोगे कैसे? सिंधु पर कोई डैम है नहीं, झेलम-चिनाब पर जो हैं, वो भी इतने बड़े नहीं हैं कि डायवर्जन हो जाए?"
तो वातावरण में अचानक थोड़ी चुप्पी पसर गई।

इसके बाद उन्हें समझाया गया कि यह संधि कोई सड़क किनारे की चाय पर हुई बातचीत नहीं थी, जिसे भारत अकेले रद्द कर दे और बात खत्म हो जाए।
यह एक द्विपक्षीय समझौता है, जिसकी गारंटी खुद विश्व बैंक ने दी थी।
अब भारत ने इसे एकतरफा रद्द किया है, तो मामला अंतरराष्ट्रीय मंचों पर जाएगा और न्यायिक प्रक्रिया में वर्षों लग सकते हैं।

जहां तक वाघा-अटारी सीमा बंद करने की बात है, तो यह तो कई बार हो चुका है — पुलवामा हो या पठानकोट, बंद भी हुई और फिर झंडा बदलने की रस्म फिर शुरू हो गई। वही कहानी, वही स्क्रिप्ट।

पाकिस्तानी अधिकारियों को निष्कासित करना, वीज़ा रद्द करना — ये भी पुरानी फाइलों से निकली पटकथाएं हैं, जिनका समाप्ति दृश्य फिर से सामान्य होता रहा है। मेडिकल ग्राउंड पर मानवता के नाम पर वीजा जारी होते रहेंगे, जैसा पहले भी होता रहा है।

फोन के अंत में भक्त मित्र थोड़े मायूस हो गए। बोले,
"कोई बात नहीं, कल कुछ बड़ा होगा... जय श्रीराम!"
फोन कट गया, पर मित्र की उम्मीदें अब भी जीवित थीं।


विश्लेषण:

सरकार ने जो निर्णय लिए हैं, वो प्रतीकात्मक और कूटनीतिक दबाव की रणनीतियाँ हैं — पर दीर्घकालिक और वास्तविक प्रभाव के लिए ज़मीन पर व्यवहारिक तैयारी, अंतरराष्ट्रीय समर्थन और तकनीकी अधोसंरचना की आवश्यकता होगी।

भावनाएं अच्छी हैं, पर ठोस क्रियान्वयन ही असली परिवर्तन लाएगा।

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