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पेड़ लगाना जितना आवश्यक है उससे कहीं अधिक जरूरी मौजूदा जंगलों को बचाना : जंगलों की कटाई रोकने की मांग, मानसून से पहले पर्यावरण संरक्षण पर जोर

Ashwani Kumar Sinha

Fri, Jun 19, 2026

जंगलों की कटाई रोकने की मांग, मानसून से पहले पर्यावरण संरक्षण पर जोर

भोपाल। मानसून के आगमन से पहले पर्यावरण संरक्षण और जलवायु संतुलन को लेकर विभिन्न सामाजिक एवं पर्यावरण संगठनों ने जंगलों की अंधाधुंध कटाई पर रोक लगाने की मांग उठाई है। उनका कहना है कि वन क्षेत्र वर्षा चक्र को संतुलित रखने, भूजल स्तर बढ़ाने, मिट्टी के कटाव को रोकने और जैव विविधता के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

पर्यावरण विशेषज्ञों के अनुसार, मानसून के दौरान वृक्षारोपण अभियान तो चलाए जाते हैं, लेकिन यदि मौजूदा जंगलों की कटाई जारी रही तो नए पौधों के रोपण का अपेक्षित लाभ नहीं मिल पाएगा। उनका मानना है कि पुराने और घने जंगल प्राकृतिक जल संरक्षण के सबसे प्रभावी साधन हैं।

संगठनों ने सरकार से मांग की है कि मानसून से पहले वन क्षेत्रों में होने वाली अवैध कटाई पर सख्ती से रोक लगाई जाए, वन संरक्षण कानूनों का प्रभावी पालन सुनिश्चित किया जाए तथा स्थानीय समुदायों की भागीदारी से जंगलों की सुरक्षा को मजबूत बनाया जाए।

विशेषज्ञों का कहना है कि "पेड़ लगाना जितना आवश्यक है, उससे कहीं अधिक जरूरी मौजूदा जंगलों को बचाना है।" उनका मानना है कि स्वस्थ वन क्षेत्र न केवल बेहतर वर्षा में सहायक होते हैं, बल्कि बढ़ते तापमान और जल संकट जैसी चुनौतियों से निपटने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

मानसून की दस्तक से पहले जंगलों के संरक्षण को लेकर उठ रही यह मांग पर्यावरण और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।

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