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ठेकेदार–विभाग मिलीभगत पर लगेगा अंकुश, भ्रष्टाचार घटेगा : भोपाल में सरकारी आवास मरम्मत कार्य में पारदर्शिता के लिए सख्त कदम की मांग ग्राहक पंचायत द्वारा

Ashwani Kumar Sinha

Tue, Aug 12, 2025

भोपाल में सरकारी आवास मरम्मत कार्य में पारदर्शिता के लिए सख्त कदम की मांग
ठेकेदार–विभाग मिलीभगत पर लगेगा अंकुश, भ्रष्टाचार घटेगा

भोपाल, 11 अगस्त — अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत, भोपाल महानगर ने लोक निर्माण विभाग (PWD) से भोपाल जिले में आवंटित शासकीय आवासों के मरम्मत कार्य में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए ठोस सत्यापन व्यवस्था लागू करने की मांग की है।

ग्राहक पंचायत के संज्ञान में आया है कि वर्तमान में मरम्मत/रिपेयरिंग कार्य के बाद ठेकेदार द्वारा तैयार किए गए बिल की जानकारी संबंधित आवासधारी अधिकारी या कर्मचारी को अक्सर नहीं दी जाती, जिससे कार्य की गुणवत्ता और पारदर्शिता पर सवाल उठते हैं।

ग्राहक पंचायत ने प्रमुख अभियंता, लोक निर्माण विभाग को भेजे पत्र में मांग की है कि—

  • हर मरम्मत बिल पर संबंधित आवासधारी के हस्ताक्षर और मोबाइल नंबर अनिवार्य हों।

  • कार्य का सत्यापन आवासधारी और संबंधित पीडब्ल्यूडी उप-इंजीनियर की संयुक्त उपस्थिति में किया जाए।

  • बिना इस दोहरे सत्यापन के कोई भी बिल पारित न हो।

संगठन का कहना है कि इस व्यवस्था से ठेकेदार और विभाग के बीच संभावित मिलीभगत रोकी जा सकेगी, भ्रष्टाचार की संभावना न्यूनतम होगी, और अधिकारी/कर्मचारी को अपने आवास में वास्तविक हुए कार्य की सीधी जानकारी मिलेगी।

अध्यक्ष सुरेन्द्र रघुवंशी और विधि आयाम प्रमुख अश्वनी कुमार सिन्हा ने कहा कि “अगर यह नियम लागू होता है तो सरकारी धन का दुरुपयोग और घटिया मरम्मत कार्य पर अंकुश लगेगा। यह न केवल सरकारी तंत्र की पारदर्शिता बढ़ाएगा, बल्कि आम कर्मचारियों और अधिकारियों को भी राहत देगा।”

यह कदम लागू होने पर भोपाल जिले में सरकारी आवास मरम्मत कार्य में भ्रष्टाचार पर बड़ा प्रहार होगा और ठेकेदार–विभाग गठजोड़ की मनमानी पर अंकुश लगेगा।

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