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शिकायतकर्ता और पुलिस के बीच संवाद को सहज और पारदर्शी बनाना : छत्तीसगढ़ पुलिस में ‘शब्द क्रांति’: अब 109 उर्दू–फारसी शब्दों की जगह प्रयोग होंगे सरल हिंदी शब्द

Ashwani Kumar Sinha

Mon, Jun 16, 2025

छत्तीसगढ़ पुलिस में ‘शब्द क्रांति’: अब 109 उर्दू–फारसी शब्दों की जगह प्रयोग होंगे सरल हिंदी शब्द

रायपुर, 16 जून 2025

छत्तीसगढ़ सरकार ने आम जनता को पुलिस प्रक्रियाओं को बेहतर ढंग से समझने योग्य बनाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा के निर्देश पर राज्य पुलिस विभाग ने 109 उर्दू-फारसी शब्दों को हटाकर उनके स्थान पर सरल हिंदी शब्दों का उपयोग अनिवार्य कर दिया है।

इस आदेश के तहत राज्य के सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों (SP) को निर्देशित किया गया है कि वे अपने-अपने जिलों में थानों, चौकियों और कार्यालयों में इस नई शब्दावली को लागू करें।


🔄 प्रमुख बदलाव (कुछ उदाहरण):

पुराना शब्द (उर्दू/फारसी)

नया शब्द (सरल हिंदी)

हलफनामा

शपथ पत्र

दफा

धारा

फरियादी

शिकायतकर्ता

चश्मदीद

प्रत्यक्षदर्शी

नकबजनी

सेंध

शिनाख्त

पहचान

रोजनामचा

दैनिक विवरण

अदालत दीवानी

सिविल न्यायालय

फौजदारी अदालत

आपराधिक न्यायालय

जायदादे मशरूका

कुर्क की गई संपत्ति

जिला बदर

जिले से निष्कासन

साकिन

निवासी / पता


🎯 इस पहल के उद्देश्य:

  • जनता के लिए पुलिस प्रक्रिया को समझना आसान बनाना।

  • शिकायतकर्ता और पुलिस के बीच संवाद को सहज और पारदर्शी बनाना।

  • कानूनी प्रक्रियाओं में भय या भ्रम को कम करना।

  • शिकायत दर्ज करने में आमजन को सरल भाषा में सहायता देना।


📌 इस बदलाव का व्यापक लाभ:

  • अब कोई भी नागरिक पुलिस FIR या शिकायत पत्र को आसानी से पढ़ और समझ सकेगा।

  • सामाजिक न्याय की दिशा में यह एक सशक्त कदम है।

  • ग्रामीण और कम शिक्षित वर्ग के लिए पुलिस से संवाद करने में सुविधा होगी।

  • इससे जनता और पुलिस के बीच विश्वास की नई शुरुआत होगी।


🛠️ आदेश का क्रियान्वयन:

  • सभी थानों में यह सूची प्रदर्शित की जाएगी।

  • पुलिसकर्मियों को निर्देशित किया गया है कि वे कार्य के दौरान इन हिंदी शब्दों का ही उपयोग करें।

  • DGP कार्यालय ने इस बदलाव को तत्काल प्रभाव से लागू करने के निर्देश जारी कर दिए हैं।


यह पहल छत्तीसगढ़ को भाषा आधारित प्रशासनिक सुधारों में अग्रणी राज्य बना रही है। अन्य राज्यों के लिए भी यह एक अनुकरणीय मॉडल हो सकता है।

📌 स्रोत: राज्य पुलिस मुख्यालय, छत्तीसगढ़ / मीडिया रिपोर्ट्स

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