बॉम्बे हाई कोर्ट ने सोमवार, 27 जुलाई 2026 को केंद्रीय सड़क परिवहन : ई-20 नीति से जुड़े कथित डीपफेक मामले में बॉम्बे हाई कोर्ट ने नितिन गडकरी को मेटा, एक्स और गूगल के खिलाफ दीवानी वाद दायर
Ashwani Kumar Sinha
Tue, Jul 28, 2026
ई-20 नीति से जुड़े कथित डीपफेक मामले में बॉम्बे हाई कोर्ट ने नितिन गडकरी को मेटा, एक्स और गूगल के खिलाफ दीवानी वाद दायर करने की दी अनुमति
मुंबई, 27 जुलाई। बॉम्बे हाई कोर्ट ने सोमवार, 27 जुलाई 2026 को केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को सोशल ई-20 नीति से जुड़े कथित डीपफेक मामले में बॉम्बे हाई कोर्ट ने नितिन गडकरी को मेटा, एक्स और गूगल के खिलाफ दीवानी वाद दायर करने की दी अनुमतिमीडिया पर प्रसारित कथित डीपफेक, एआई-जनित और मानहानिकारक सामग्री के मामले में मेटा, एक्स (पूर्व में ट्विटर), गूगल तथा अन्य अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ दीवानी वाद (Civil Suit) दायर करने की अनुमति प्रदान की।
न्यायमूर्ति अभय आहूजा की एकलपीठ ने गडकरी द्वारा दायर लीव पिटीशन (Leave Petition) स्वीकार करते हुए यह अनुमति दी। यह याचिका लेटर्स पेटेंट के क्लॉज-12 के तहत दायर की गई थी, जो तब आवश्यक होती है जब वाद के कारण का कुछ हिस्सा न्यायालय के सामान्य क्षेत्राधिकार से बाहर उत्पन्न हुआ हो।
याचिका में कहा गया है कि एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल (Ethanol Blended Petrol-EBP) कार्यक्रम और ई-20 ईंधन नीति को लेकर सोशल मीडिया पर कथित डीपफेक वीडियो, एआई-जनित पोस्ट और अन्य सामग्री प्रसारित की गई। इनमें गडकरी को इस नीति के लिए व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार बताया गया तथा यह आरोप लगाया गया कि उन्हें और उनके परिवार को इससे आर्थिक लाभ हुआ। गडकरी ने इन आरोपों को पूरी तरह झूठा, दुर्भावनापूर्ण और उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने वाला बताया है।
उच्च न्यायालय ने इस चरण में मामले के गुण-दोष पर कोई टिप्पणी नहीं की है। अदालत ने केवल गडकरी को संबंधित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों और अन्य पक्षों के विरुद्ध विधिवत दीवानी वाद दायर करने तथा कथित मानहानिकारक सामग्री हटाने सहित उपयुक्त राहत मांगने की अनुमति दी है।
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