सत्य बोलने वालों को हर दौर में चुनौतियों का सामना करना पड़ता है : स्वतंत्रता के बाद संघ को सबसे अधिक भ्रामक रूप में प्रस्तुत किया गया — प्रखर श्रीवास्तव
Ashwani Kumar Sinha
Mon, May 11, 2026
स्वतंत्रता के बाद संघ को सबसे अधिक भ्रामक रूप में प्रस्तुत किया गया — प्रखर श्रीवास्तव
भोपाल। Vishwa Samvad Kendra, मध्यप्रदेश द्वारा देवर्षि नारद जयंती के अवसर पर देवी अहिल्या सभागृह, भोपाल में “देवर्षि नारद सार्थक जीवन सम्मान एवं उत्कृष्ट पत्रकारिता पुरस्कार” समारोह तथा “संघ के 100 वर्षों की यात्रा एवं मीडिया” विषय पर विशेष परिचर्चा आयोजित की गई।
मुख्य वक्ता Prakhar Srivastava ने कहा कि स्वतंत्रता के बाद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को मीडिया में सबसे अधिक भ्रामक रूप में प्रस्तुत किया गया। उन्होंने कहा कि गांधी हत्या प्रकरण, कश्मीर संकट और तत्कालीन राजनीतिक परिस्थितियों को समझने के लिए उस दौर के पत्राचार और ऐतिहासिक दस्तावेजों का अध्ययन आवश्यक है। उन्होंने सरदार पटेल और गुरुजी गोलवलकर से जुड़े प्रसंगों का उल्लेख करते हुए कहा कि संकट काल में संघ के स्वयंसेवकों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
मुख्य अतिथि Ashok Pandey ने कहा कि सत्य बोलने वालों को हर दौर में चुनौतियों का सामना करना पड़ता है तथा देवर्षि नारद संवाद और लोककल्याण के मुख्य अतिथि Ashok Pandey ने कहा कि सत्य बोलने वालों को हर दौर में चुनौतियों का सामना करना पड़ता है तथा देवर्षि नारद संवाद और लोककल्याण के प्रतीक रहे हैं।प्रतीक रहे हैं।
समारोह में “देवर्षि नारद सार्थक जीवन पत्रकारिता सम्मान 2025” महेश श्रीवास्तव तथा “2026” कैलाश नारायण गौड़ को प्रदान किया गया। वहीं “देवर्षि नारद उत्कृष्ट पत्रकारिता सम्मान” से प्रमोद शर्मा, योगीराज योगेश, भावना अपराजिता शुक्ला, स्मिता, अनुज मैना, गोविंद सक्सेना, अम्बुज माहेश्वरी, प्रवीण सावरकर एवं बृजेश जैन सम्मानित हुए।
“लोककल्याण के संचारक देवर्षि नारद” विषय पर आयोजित राष्ट्रीय निबंध प्रतियोगिता में स्तुति कुमारी प्रथम, नंदन कुमार द्वितीय तथा अंजलि सिंह तृतीय स्थान पर रहीं।
कार्यक्रम का शुभारंभ आयुषी शर्मा के शास्त्रीय नृत्य से हुआ। अध्यक्षता लाजपत आहूजा ने की, संचालन सुदीप शुक्ला तथा आभार प्रदर्शन शुभधा ने किया।
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