संघ शक्ति—राष्ट्र शक्ति” के भाव के साथ होगा आयोजन, स्वयंसेवकों के लिए : 20 सितंबर को लाल परेड मैदान में शाखा संगम, अनुशासन और एकात्मता का दिखेगा विराट स्वरूप
Ashwani Kumar Sinha
Sat, Sep 12, 2026
20 सितंबर को लाल परेड मैदान में शाखा संगम, 50 हजार स्वयंसेवकों की सहभागिता की तैयारी
20 सितंबर को लाल परेड मैदान में शाखा संगम, अनुशासन और एकात्मता का दिखेगा विराट स्वरूप
“संघ शक्ति—राष्ट्र शक्ति” के भाव के साथ होगा आयोजन, स्वयंसेवकों के लिए जिलेवार व्यवस्था और यातायात योजना तैयार
भोपाल, 12 सितंबर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर भोपाल में 20 सितंबर को होने वाले शाखा संगम को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं। लाल परेड मैदान में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्वयंसेवक सहभागिता करेंगे। कार्यक्रम को लेकर स्वयंसेवकों के लिए अनुशासन, गणवेश, आवागमन, बैठक व्यवस्था और सुरक्षा से संबंधित विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
शाखा संगम का प्रमुख भाव “संघ शक्ति—राष्ट्र शक्ति” रखा गया है। आयोजकों के अनुसार कार्यक्रम में समय की पाबंदी, अनुशासन और एकात्म भाव प्रमुख विशेषता होगी। शारीरिक कार्यक्रम में भाग लेने वाले स्वयंसेवकों को निर्धारित गणवेश में ही प्रवेश दिया जाएगा। काली टोपी, सफेद शर्ट, पैंट और जूते पूर्ण गणवेश का हिस्सा होंगे। साथ ही संबंधित स्वयंसेवकों के लिए प्रवेशिका पहनकर आना अनिवार्य किया गया है।
2:30 बजे तक मैदान में पहुंचना होगा
शारीरिक कार्यक्रम में भाग लेने वाले स्वयंसेवकों को दोपहर 2:30 बजे तक लाल परेड मैदान में उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं। शारीरिक कार्यक्रम का सम्पत समय 2:45 बजे निर्धारित किया गया है। कार्यक्रम स्थल पर लगभग तीन घंटे रहने की संभावना को देखते हुए स्वयंसेवकों से घर से निकलने से पहले भोजन-पानी की आवश्यक व्यवस्था करने तथा शौचालय आदि से निवृत्त होकर आने का आग्रह किया गया है।
सभी जिलों के स्वयंसेवकों के लिए मैदान में अलग-अलग ब्लॉक निर्धारित किए गए हैं। शारीरिक करने वाले स्वयंसेवकों को अपने जिले के निर्धारित स्थान पर ही रहना होगा। जिलेवार पहचान के लिए अलग-अलग रंग के झंडे लगाए जाएंगे। विद्युत के लिए नीला, तात्या टोपे के लिए सफेद, प्रताप के लिए लाल तथा विक्रम भाग एवं भोजपुर जिले के लिए पीले रंग के झंडे निर्धारित किए गए हैं। नीचे बैठने में असुविधा वाले स्वयंसेवकों के लिए अंतिम कुर्सी वाले ब्लॉक की व्यवस्था रहेगी।
मौसम खराब होने पर भी अनुशासन बनाए रखने का आह्वान
निर्देशों में स्वयंसेवकों से बारिश होने पर भी अपना निर्धारित संघ स्थान नहीं छोड़ने का आग्रह किया गया है। बारिश, आंधी अथवा मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों में भी उत्साह और अनुशासन बनाए रखते हुए कार्यक्रम में समय पर पहुंचने का भाव जागृत किया गया है। साथ ही किसी भी गंभीर मौसम संबंधी परिस्थिति में सुरक्षा संबंधी निर्देशों को प्राथमिकता देने पर जोर रहेगा।
मोबाइल से दूरी, कार्यक्रम पर रहेगा पूरा ध्यान
कार्यक्रम के दौरान मोबाइल फोन साइलेंट मोड पर रखने के निर्देश दिए गए हैं। फोटो और वीडियो रिकॉर्डिंग नहीं करने, मोबाइल फोन जेब से निकालकर बातचीत नहीं करने तथा कार्यक्रम के बीच अनावश्यक रूप से उठकर नहीं जाने को कहा गया है। संभव हो तो मोबाइल फोन कार्यक्रम स्थल पर नहीं लाने की सलाह दी गई है। आवश्यक होने पर उसे प्लास्टिक बैग में सुरक्षित रखने के निर्देश हैं।
बस और वाहनों के लिए अलग व्यवस्था
बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों के आवागमन को व्यवस्थित करने के लिए बस प्रमुख और चार पहिया वाहन प्रमुख नियुक्त किए जाएंगे। बस प्रमुख के पास बस में जाने वाले स्वयंसेवकों की सूची रहेगी। बस में बैठते समय तथा कार्यक्रम समाप्त होने के बाद वापसी के समय सभी स्वयंसेवकों की उपस्थिति सुनिश्चित की जाएगी। इसी प्रकार चार पहिया वाहनों से आने वाले स्वयंसेवकों के नाम वाहन प्रमुख के पास लिखित रूप में रहेंगे।
पार्किंग और यातायात में लगने वाले समय को देखते हुए स्वयंसेवकों से निर्धारित समय से पर्याप्त पहले घर से निकलने का आग्रह किया गया है। दोपहिया वाहन से आने वालों के लिए हेलमेट पहनकर आना अनिवार्य किया गया है। छाता लाने वाले स्वयंसेवकों से उसे मैदान के भीतर नहीं लाने और वाहन अथवा बस में रखने के लिए कहा गया है।
जिलेवार बसों के क्रमांक तय
आवागमन व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए बसों के क्रमांक भी जिलेवार निर्धारित किए गए हैं। विद्युत जिले की बसें 101 से, तात्या टोपे जिले की 201 से, विक्रम जिले की 301 से, प्रताप जिले की 401 से और भोजपुर जिले की बसें 501 से क्रमांकित रहेंगी।
आयोजकों ने स्पष्ट किया है कि कार्यक्रम में आने वाले प्रत्येक स्वयंसेवक की सुरक्षित पहुंच और कार्यक्रम के बाद निर्धारित वाहन अथवा बस से सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करना प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से वाहन प्रमुखों और बस प्रमुखों के माध्यम से उपस्थिति एवं आवागमन की निगरानी की जाएगी।
शाखा संगम को लेकर स्वयंसेवकों में एकात्म भाव, अनुशासन और राष्ट्रभाव जागृत करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। आयोजकों का कहना है कि निर्धारित गणवेश, निर्धारित स्थान और निर्धारित समय का पालन ही इस विराट आयोजन की वास्तविक शक्ति होगी।
“संघ शक्ति—राष्ट्र शक्ति” के संदेश के साथ होने वाला यह शाखा संगम भोपाल में संघ के शताब्दी वर्ष के प्रमुख आयोजनों में महत्वपूर्ण आयोजन होगा।
विज्ञापन