BREAKING NEWS

भोपाल। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, भोपाल की टीम ने शहर के विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर खाद्य सुरक्षा सं

नई दिल्ली, 23 सितंबर। हलाल प्रमाणन को लेकर हलाल नियंत्रण मंच ने गंभीर आपत्तियां उठाते हुए इसे अर्थव्यवस्था, रोजगार,

ग्वालियर, 23 सितंबर। डॉ. भगवत सहाय शासकीय महाविद्यालय, ग्वालियर में दो दिवसीय चित्रकला प्रतियोगिता एवं ‘विकसित भारत 2047

भोपाल। खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के प्रावधानों के पालन, खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, सुरक्षित भंडारण, लेबलिंग

अर्चना प्रकाशन न्यास के तत्वावधान में आगामी 26 अक्टूबर को भोपाल में बाल साहित्यकार सम्मेलन आयोजित किया जाएगा

Advertisment

सच्ची और निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए स्वेच्छानुसार सहयोग की अपेक्षा है। फोन पे और गूगल पे फोन नंबर 9425539577 है।

सच्ची और निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए स्वेच्छानुसार सहयोग की अपेक्षा है। फोन पे और गूगल पे फोन नंबर 9425539577 है।

सच्ची और निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए स्वेच्छानुसार सहयोग की अपेक्षा है। फोन पे और गूगल पे फोन नंबर 9425539577 है।

टेक्नोलॉजी को साधन बनाओ, कि ब्रेक लगाना ज़रूरी है। : टेक्नोलॉजी के गुलाम नहीं, बल्कि मालिक बनकर जी रहे हैं अमेरिका के अमीश लोग

Ashwani Kumar Sinha

Sat, Jun 28, 2025


📰 "तकनीकी युग में भी कायम है संतुलित जीवन का आदर्श – अमीश समुदाय देता है आधुनिक दुनिया को सीख"

टेक्नोलॉजी के गुलाम नहीं, बल्कि मालिक बनकर जी रहे हैं अमेरिका के अमीश लोग

पेंसिल्वेनिया (यू.एस.), 26 जून 2025:
जब पूरी दुनिया स्मार्टफोन, एआई, सोशल मीडिया और तेज़ जीवनशैली की अंधी दौड़ में भाग रही है, उस समय अमेरिका का अमीश समुदाय (Amish Community) एक शांत, संतुलित और आत्मनिर्भर जीवन का जीवंत उदाहरण बना हुआ है। यह समुदाय टेक्नोलॉजी को पूरी तरह नकारता नहीं है, बल्कि उसे अपने मूल्यों और समाज के नियंत्रण में रखता है, न कि स्वयं टेक्नोलॉजी के नियंत्रण में आता है।


🧠 कौन हैं अमीश?

अमीश एक धार्मिक और सांस्कृतिक समुदाय है जो मुख्यतः पेंसिल्वेनिया, ओहायो और इंडियाना राज्यों में रहते हैं। इनकी उत्पत्ति 17वीं शताब्दी के यूरोप में "एनाबैप्टिस्ट" आंदोलन से हुई थी। अमीश लोग ईसाई धर्म के अनुयायी हैं, और उनका जीवन सरलता (Simplicity), श्रम (Hard Work), और समुदाय आधारित जीवन (Community Life) पर आधारित होता है।


🔌 टेक्नोलॉजी का चयन 'जरूरत' से, न कि 'लत' से होता है

अमीश टेक्नोलॉजी के पूरी तरह खिलाफ नहीं हैं, बल्कि वे तय करते हैं कि कौन-सी तकनीक उनकी जीवनशैली, आध्यात्मिकता और समुदाय की शांति को बाधित नहीं करती। उदाहरणस्वरूप:

  • वे मोबाइल, टीवी, इंटरनेट का सामान्य उपयोग नहीं करते।

  • अधिकतर घरों में बिजली, कार, ट्रैक्टर नहीं होते।

  • कई समुदाय सोलर एनर्जी, गैस लैंप, या बैटरी से चलने वाले उपकरण चुनते हैं — यदि वो किसी नैतिक या सामाजिक अव्यवस्था को जन्म नहीं देते।

  • टेक्नोलॉजी के हर प्रयोग को सामूहिक राय और धार्मिक सिद्धांतों के आधार पर स्वीकार या अस्वीकार किया जाता है।


🌿 जीवनशैली – पर्यावरण व मानसिक स्वास्थ्य के अनुकूल

  • खेतों में खुद हल चलाना, जानवरों से काम लेना

  • बच्चों को मोबाइल की बजाय नैतिक शिक्षा और आत्मनिर्भरता सिखाई जाती है

  • वृद्धों का सम्मान, पारिवारिक एकता और श्रम–केन्द्रित जीवन

  • भोजन पूरी तरह जैविक और घर में बना होता है

👉 शोधकर्ताओं के अनुसार, अमीश समुदाय में तनाव, अवसाद, मोटापा, और मधुमेह जैसे रोगों की दर आम अमेरिकियों से कई गुना कम है।


🧾 विशेषज्ञों का मत:

🔹 प्रो. डॉ. डोनाल्ड क्रेमर (University of Notre Dame):
“अमीश लोग टेक्नोलॉजी के विरोधी नहीं हैं, बल्कि वे सबसे पहले यह तय करते हैं कि कोई भी नवाचार उनके मूल जीवन मूल्यों में दखल देगा या नहीं। यह आज की भागती दुनिया के लिए एक मूल्यवान सीख है।”

🔹 नेचर कनेक्ट अमेरिका फाउंडेशन रिपोर्ट (2024):
“अमीश समुदाय में 80% से अधिक लोग 75 वर्ष से अधिक की आयु तक सक्रिय जीवन जीते हैं, और किशोरों में डिजिटल लत शून्य के बराबर है।”


🌎 दुनिया के लिए प्रेरणा: 'टेक्नोलॉजी को साधन बनाओ, जीवन का स्वामी नहीं'

अमीश समुदाय यह साबित करता है कि आधुनिकता और आत्म-नियंत्रण एक साथ चल सकते हैं। जब पूरी दुनिया डिजिटल डिटॉक्स की बात कर रही है, अमीश पहले से ही संतुलन और अनुशासन से जी रहे हैं।


✍️ समापन विचार:

टेक्नोलॉजी यदि हमारे जीवन को बेहतर बनाए, तो उसका स्वागत करें — लेकिन अगर वह हमारे जीवन का लक्ष्य, संबंधों का संकट और सोच का नियंत्रक बन जाए, तो अमीश हमें सिखाते हैं कि ब्रेक लगाना ज़रूरी है।

विज्ञापन

जरूरी खबरें