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पीड़ित बच्चों की सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में : सुप्रीम कोर्ट का महत्वपूर्ण फैसला: नाबालिग पीड़ित की शिकायत अहम साक्ष्य, यौन शोषण की जानकारी मिलने पर पुलिस को सूचना दे

Ashwani Kumar Sinha

Fri, Jul 10, 2026

सुप्रीम कोर्ट का महत्वपूर्ण फैसला: नाबालिग पीड़ित की शिकायत अहम साक्ष्य, यौन शोषण की जानकारी मिलने पर पुलिस को सूचना देना अनिवार्य

नई दिल्ली, 10 जुलाई। सुप्रीम कोर्ट ने बाल यौन शोषण के मामलों में एक महत्वपूर्ण निर्णय देते हुए स्पष्ट किया है कि यदि कोई नाबालिग पीड़ित स्वयं किसी व्यक्ति को अपने साथ हुए यौन शोषण की जानकारी देता है, तो उसकी बात को विश्वसनीय माना जाएगा। ऐसी जानकारी प्राप्त करने वाले व्यक्ति का कानूनी दायित्व है कि वह तत्काल पुलिस या संबंधित प्राधिकरण को इसकी सूचना दे।

न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा एवं के. वी. विश्वनाथन की पीठ ने कहा कि यदि पीड़ित बच्चा स्वयं किसी व्यक्ति को घटना की जानकारी देता है, तो इसे अपराध की सूचना माना जाएगा और संबंधित व्यक्ति पर इसकी रिपोर्ट करने का दायित्व होगा।

सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में गुवाहाटी हाईकोर्ट तथा ट्रायल कोर्ट के उस आदेश को भी निरस्त कर दिया, जिसमें एक विद्यालय की शिक्षकों और प्रधानाध्यापिका को घटना की सूचना न देने के आरोप से मुक्त कर दिया गया था।

हालांकि, सर्वोच्च न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया कि कार्रवाई केवल उसी व्यक्ति के विरुद्ध होगी, जिसे पीड़ित ने सीधे तौर पर घटना की जानकारी दी हो। जिस व्यक्ति को घटना की प्रत्यक्ष जानकारी नहीं मिली, उसे केवल अनुमान या अप्रत्यक्ष जानकारी के आधार पर उत्तरदायी नहीं ठहराया जा सकता।

सुप्रीम कोर्ट का यह निर्णय बाल यौन शोषण के मामलों में समय पर सूचना देने की जिम्मेदारी को और अधिक स्पष्ट करता है तथा पीड़ित बच्चों की सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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