कोर्ट स्लिप संबंधी नई व्यवस्था तत्काल लागू करने के निर्देश दिए : कोर्ट स्लिप पर अब अधिवक्ता का नाम, एनरोलमेंट नंबर और मोबाइल नंबर अनिवार्य
Ashwani Kumar Sinha
Sat, Jul 11, 2026
कोर्ट स्लिप पर अब अधिवक्ता का नाम, एनरोलमेंट नंबर और मोबाइल नंबर अनिवार्य
जबलपुर। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने न्यायिक प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कोर्ट स्लिप की व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। अब प्रत्येक कोर्ट स्लिप पर संबंधित अधिवक्ता का पूरा नाम, एनरोलमेंट नंबर तथा मोबाइल नंबर लिखना अनिवार्य होगा।
यह निर्देश जस्टिस विशाल धगट की एकल पीठ द्वारा एक मामले की सुनवाई के दौरान दिए गए। सुनवाई में यह तथ्य सामने आया कि कुछ अधिवक्ताओं ने हस्तक्षेप आवेदन स्वीकृत हुए बिना ही वकालतनामा प्रस्तुत कर दिया था और बाद में कोर्ट स्लिप के माध्यम से प्रकरण की लिस्टिंग कराने का अनुरोध किया।
मामले को गंभीरता से लेते हुए एकल पीठ ने हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल को कोर्ट स्लिप संबंधी नई व्यवस्था तत्काल लागू करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही सभी अधिवक्ताओं को इस संबंध में नोटिस जारी करने तथा नई व्यवस्था की जानकारी कॉज लिस्ट में भी प्रकाशित करने के निर्देश दिए गए हैं।
हाईकोर्ट के इस निर्णय का उद्देश्य कोर्ट स्लिप प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, व्यवस्थित और उत्तरदायी बनाना है, ताकि न्यायिक कार्यवाही में अनियमितताओं पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके।
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