: क्यों होती हैं झुनझुनी जानें
Sun, Jan 7, 2024
*🌹स्वास्थ्य🌹**किस वजह से लगता है कि हाथ-पैरों में काट रही हैं चीटियां? क्यों होती है झुनझुनी?*
कई बार बैठे-बैठे या बहुत देर तक हाथ या पैर दबाकर रखने से अजीब सी झुनझुनी होने लगती है. इस झुनझुनी को ही चींटी चलना कहते हैं. ऐसा लगने लगता है जैसे छोटी-छोटी चींटियां या फिर कीड़े नसों में चल रहे हों. अगर आपको भी बहुत देर बैठने पर ऐसा महसूस होने लगता है कि पैरों में चींटी काट रही है या चढ़ रही है.असल में इस झुनझुनी (Tingling) का कारण इस विटामिन्स की कमी हो सकती है. आइए जानते हैं, कि विटामिन (Vitamin) के अलावा इस झुनझुनी के क्या कारण हैं और इसे कैसे दूर किया जा सकता है.*इस विटामिन की कमी से होती है झुनझुनी*
हाथ-पैरों में झुनझुनी होने का एक कारण विटामिन ई की कमी (Vitamin E Deficiency) है. विटामिन ई एक एंटी-ऑक्सीडेंट्स है जो फ्री रेडिकल्स से डैमेज होने वाली सेल्स को प्रोटेक्ट करते हैं. जिन फ्री रेडिकल्स की बात की जा रही है वो वातावरण में धुएं, सूरज की किरणों और हवा में फैली गंदगी के रूप में भी हो सकते हैं. विटामिन ई की इस कमी को पूरा करने के लिए कुछ खाने की चीजों को अपनी डाइट का हिस्सा बनाया जा सकता है.*विटामिन ई की कमी को पूरा करना*
शरीर में विटामिन ई की कमी हाथ-पैरों में झुनझुनी का एक बढ़ा कारण है. इसकी कमी पूरी करने के लिए खाने की कुछ चीजें आसानी से रोजमर्रा में खाई जा सकती हैं. जब शरीर को पर्याप्त मात्रा में विटामिन मिलेगा तो जाहिर सी बात है यह झुनझुनी की दिक्कत भी दूर हो जाएगी.बादाम (Almonds) में अच्छी खासी मात्रा में विटामिन ई पाया जाता है. इसे स्नैक के तौर पर खाया जा सकता है. इसके साथ ही शरीर की पूरी सेहत बनाए रखने और खासकर मस्तिष्क के लिए बादाम तेल का सेवन अच्छा होता है.मूंगफली भी खाने की उन चीजों में शामिल है जिनमें विटामिन ई पाया जाता है. इन्हें स्नैक्स के रूप में खाएं और मजा लें.
एवोकाडो को भी विटामिन ई पाने के लिए खाया जा सकता है. आप विटामिन ई के सप्लीमेंट्स भी ले सकते हैं.*यह भी हो सकते हैं झुनझुनी के कारण*
विटामिन डी (Vitamin D) की कमी भी हाथ-पैरों में झुनझुनी की वजह बन सकती है. इस विटामिन का मुख्य स्त्रोत सूरज की किरणें हैं.डायबिटीज के मरीजों में भी यह दिक्कत देखी जाती है.अगर कोई नस खिंच जाए तो झुनझुनी महसूस हो सकती है.ऑटो इम्यून बीमारियां भी झुनझुनी की वजह बनती हैं।*जानकारी में किसी प्रकार की संशय होने पर आप अन्य स्रोतों से सत्यापन जरूर करें।
: अजवाइन के बेहतरीन फायदे
Fri, Jan 5, 2024
*अजवाइन के बेहतरीन फ़ायदें*
– सर्दी, गर्मी के प्रभाव के कारण जिन लोगों गला बैठ जाता है। उन्हें बेर के पत्ते और अजवाइन को पानी में उबालकर, छानकर उस पानी से गरारे करने चाहिए।
– एसिडिटी की तकलीफ है तो समान मात्रा में लेकर अजवाइन और जीरा को एक साथ भून लें। फिर इस मिश्रण को पानी में उबाल कर छान लें। इस छने हुए पानी में चीनी मिलाकर पिएं, एसिडिटी से राहत मिलेगी।
-मासिक धर्म के समय पीड़ा होती हो तो 15 से 30 दिनों तक भोजन के बाद या बीच में गुनगुने पानी के साथ अजवाइन लेने से दर्द मिट जाता है। मासिक अधिक आता हो यह प्रयोग न करें।
– मुंह से दुर्गंध आने पर अजवाइन को पानी में उबालकर रख लें। इस पानी से दिन में दो-तीन बार कुल्ला करने पर दो-तीन दिन में दुर्गंध खत्म हो जाती हैं।-2 चम्मच अजवाइन को 4 चम्मच दही में पीसकर रात को सोते समय पूरे चेहरे पर मलकर लगाएं और सुबह गर्म पानी से साफ कर लें। चेहरा चमकने लगेगा।
– अजवाइन को भून व पीसकर चूर्ण बना लें। इस चूर्ण से मंजन करने से मसूढ़ों के रोग मिट जाते हैं।
– पैर में कांटा चुभ जाए, तो कांटा चुभने के स्थान पर पिघले हुए गुड़ में 10 ग्राम अजवाइन मिलाकर थोड़ा गर्म कर बांध देने से कांटा अपने आप निकल जाएगा।
– कान में दर्द होने पर अजवाइन के तेल की कुछ बूंदे कान में डालने से आराम मिलता है। घाव और जले हुए स्थानों पर भी अजवाइन का लेप करने से आराम मिलता है और निशान भी दूर हो जाते हैं।
– सरसों के तेल में अजवाइन डालकर अच्छी तरह गर्म करें। इससे जोड़ों की मालिश करने पर जोड़ों के दर्द में आराम मिलता है।
🌹🙏🌹 (जानकारी में किसी प्रकार का संशय लगने पर अन्य स्रोतों से सत्यापन जरूर करें)
: अखरोट के फायदे
Fri, Jan 5, 2024
*इस सूखे मेवे को खाने से 4 घंटे में ही खत्म हो जाएगा बैड कोलेस्ट्रॉल*
अखरोट को भी रातभर भिगोकर रखने के बाद ही खाना चाहिए।
अखरोट खाने के फायदे आपको सिर्फ 4 घंटे में मिलना शुरू हो जाते हैं। एक शोध में यह बात साबित हुई है।
अखरोट खाने से आपके शरीर में कोलेस्ट्रॉल का स्तर तेजी से कम होता है, और इसका असर 4 घंटों में ही देखा जा सकता है।
लगभग एक मुट्ठी अखरोट खाने पर आप 4 घंटे के अंदर इसके फायदे देख सकते हैं।
इससे न केवल आपका कोलेस्ट्रॉल कम होता है बल्कि यह आपकी नसों को और अधिक लचीला बनाने में भी मदद करता है।
इसके साथ ही आपके शरीर में रक्त संचार आसान हो जाता है जिससे हृदय पर अधिक दबाव नहीं पड़ता।
अखरोट शरीर में थर्मोजेनिक प्रभाव पैदा करता है, जिससे हृदय की धमनियों में जमा हुआ वसा घुलनशील अवस्था में आकर धीरे-धीरे समाप्त हो जाता है।
इस तरह से आपके हृदय को शरीर में रक्त संचार के लिए अधिक मेहनत नहीं करनी पड़ती।
🌹🙏🌹 (जानकारी में किसी प्रकार की संशय लगने पर कृपया अन्य स्रोतों से सत्यापन जरूर करें)