: खाली पेट पिए गुड और जीरे का पानी
Tue, Jan 16, 2024
*खाली पेट पिएं गुड़ और जीरे का पानी, होंगे 5 चमत्कारी फायदे*
1 शरीर में खून की कमी को पूरा करने के लिए गुड़ और जीरे का यह पानी काफी लाभप्रद है। अगर आपको खून की कमी या एनिमिया की समस्या हो, तो इसे जरूर पिएं।
2 पेट की समस्याओं जैसे कब्ज, गैस, पेट फूलना और पेट दर्द आदि के लिए गुड़ और जीरे का यह पानी काफी फायदेमंद साबित होगा। धीरे-धीरे आपकी यह समस्याएं खत्म हो जाएंगी।
3 शरीर की अंदरूनी सफाई करने के साथ ही रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में गुड़ और जीरे का पानी लाभदायक होता है। यह शरीर से अवांछित तत्वों को निकालकर आंतरिक अंगों की सफाई करता है।
4 शरीर के विभिन्न अंगों में दर्द होने पर यह पानी कारगर उपाय है। यह शारीरिक दर्द में राहत दिलाने में मददगार साबित होता है और महिलाओं में मासिक धर्म के दौरान होने वाले दर्द में भी राहत देता है।
5 बुखार, सर्दी व सिरदर्द होने की स्थिति में भी गुड़ और जीरे का यह पानी बेहद फायदेमंद साबित होता है। बुखार आने पर इसका सेवन जल्द राहत दिलाने में सहायक है।
🌹🙏🌹 जानकारी में किसी प्रकार की संशय लगने पर उपयोग से पूर्व अन्य स्रोतों से सत्यापन जरूर करें।
: सर्दियों में ले मेथी दाना का पूरा लाभ
Sat, Jan 13, 2024
*🌹स्वास्थ्य🌹**सर्दियों में लें मेथी दाना का पूरा लाभ**मेथी के बीज तापवर्धक, वात और कफनाशक, पित्तनाशक, पाचक और हृदय को बल देने वाले और लाभकारी होते हैं। यह एक दृढ, स्फूर्तिदायक, स्फूर्तिदायक टॉनिक के रूप में कार्य करता है। इसे सुबह-शाम पानी के साथ निगलने से पेट स्वस्थ रहता है,कब्ज और गैस से राहत मिलती है। इसे मग के साथ सब्जी की तरह भी खा सकते हैं. यह मधुमेह के रोगियों के लिए बहुत फायदेमंद है।**जितनी उम्र हो उतनी ही मेथी के दानों को रोजाना चबाकर या घूंट-घूंट कर लेने से घुटने और जोड़ों के दर्द, भूख न लगना, हाथों का सुन्न होना, साइटिका, मांसपेशियों में तनाव जैसे बुढ़ापे के रोगों में फायदा होता है। बार-बार पेशाब आना, चक्कर आना आदि। गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए भुनी हुई मेथी के आटे में लड्डू मिलाकर बनाने से लाभ होता है।**मेथी दानों से बना शक्तिशाली पेय*
दो चम्मच मेथी के दानों को एक गिलास पानी में 4-5 घंटे के लिए भिगो दें, फिर इसे तब तक उबालें जब तक कि पानी एक चौथाई न रह जाए, छान लें और इसमें 2 चम्मच शहद मिला लें।*औषधीय प्रयोग**कब्ज :*
20 ग्राम मेथी के दानों को 200 ग्राम गुनगुने पानी में भिगो दें। अंतर्ग्रहण के 5-6 घंटे बाद मल साफ हो जाता है। भूख अच्छी लगने लगती है और पाचन भी ठीक होने लगता है।*जोड़ों का दर्द :*
100 ग्राम मेथी दाना लेकर उसे दरदरा पीस लें। इसमें 25 ग्राम काला नमक डालकर रख दें। इस मिश्रण को 2 चम्मच सुबह-शाम गर्म पानी के साथ लेने से जोड़ों, पीठ और घुटने के दर्द, गठिया आदि में लाभ होता है। यह पेट में गैस बनने से भी रोकेगा।*पेट के रोगों में :*
1 से 3 ग्राम मेथी के दानों को पीसकर सुबह, दोपहर और शाम को पानी के साथ लेने से अपच, दस्त, भूख न लगना, चक्कर आना, दर्द आदि में बहुत लाभ होता है।*कमजोरी :*
1 चम्मच मेथी के दानों को घी में भूनकर सुबह-शाम सेवन करने से शारीरिक और तंत्रिका संबंधी कमजोरी दूर होती है।*मासिक धर्म अनियमितता:*
चम्मच मेथी दाना 1 गिलास पानी में उबालें,आधा पानी रह जाने पर छान कर गर्मागर्म पीने से मासिक धर्म खुलकर शुरू हो जाता है।*अत्यधिक अकड़न का इलाज :*
भुने हुए मेथी के आटे में गुड़ की चाशनी मिलाकर करछुल बना लें। 1 लड्डू का रोजाना सुबह सेवन करने से रुके हुए अंग 1 सप्ताह में ठीक हो जाते हैं और हाथ-पैर का दर्द दूर हो जाता है।*मेथी, मेथी की कलछी, मेथी दाना और मूंग के रूप में इसका सेवन सर्दियों में बहुत फायदेमंद होता है।**जानकारी में किसी प्रकार की संशय लगने पर अन्य स्रोतों से सत्यापन जरूर करें।
: भोजन के बाद सौंफ का सेहत पर लाभ
Sat, Jan 13, 2024
भोजन के बाद पाचन के लिए सौंफ खाना एवं अन्य सेहत लाभ.....
(1). भोजन के बाद रोजाना 30 मिनट बाद सौंफ लेने से कॉलेस्ट्रोल काबू में रहता है।(2). 5 - 6 ग्राम सौंफ लेने से लीवर और आंखों की रोशनी ठीक रहती है। अपच संबंधी विकारों में सौंफ बेहद उपयोगी है। बिना तेल के तवे पर सिकी हुई सौंफ और बिना तली सौंफ के मिक्चर से अपच होने पर बहुत लाभ होता है।(3). दो कप पानी में उबली हुई एक चम्मच सौंफ को दो या तीन बार लेने से अपच और कफ की समस्या समाप्त होने में मदद मिलती है।(4). अस्थमा और खांसी के उपचार में भी सौंफ का सेवन सहायक है।(5). कफ और खांसी होने पर भी सौंफ खाना फायदेमंद होता है।(6). गुड़ के साथ सौंफ खाने से मासिक धर्म नियमित होने लगते है।(7). यह शिशुओं के पेट और उनके पेट के अफारे को दूर करने में बहुत उपयोगी है।(8). एक चम्मच सौंफ को एक कप पानी में उबलने दें और 20 मिनट तक इसे ठंडा होने दें। इससे शिशु के कॉलिक का उपचार होने में मदद मिलती है। शिशु को एक या दो चम्मच से ज्यादा यह घोल नहीं देना चाहिए।(9). सौंफ के पावडर को शकर के साथ बराबर मिलाकर लेने से हाथों और पैरों की जलन दूर होती है। भोजन के बाद 10 ग्राम सौंफ लेनी चाहिए।नोट जानकारी में किसी प्रकार की संशय लगने पर अन्य स्रोतों से सत्यापन जरूर करें।