: वात, पित्त, कफ को सम रखने के एवं ठीक करने के परम्परागत, सरल, प्राकृतिक एवं घरेलू उपाय :-* *(पहले इसको सरल भाषा या शब्दों में समझें।)
Admin
Tue, Oct 22, 2024
*वात, पित्त, कफ को सम रखने के एवं ठीक करने के परम्परागत, सरल, प्राकृतिक एवं घरेलू उपाय :-*
*(पहले इसको सरल भाषा या शब्दों में समझें।)*
*➡️ जीवन में वात पित्त और कफ के बिगड़ने पर ही रोग आते है...*
*➡️ वात शरीर मे सुबह को बढ़ता है।*
*➡️ पित्त शरीर मे दोपहर को बढ़ता है और*
*➡️ कफ शरीर मे रात को बढ़ता है।*
*➡️ नाभि से लेकर पैरों तक वात कर रोग है।*
*➡️ नाभि से लेकर छाती तक पित्त के रोग है।*
*➡️ छाती से लेकर सिर तक कफ के रोग है।*
*इन तीनो दोषों को सम पर रखने के सरल परम्परागत प्राकृतिक घरेलू उपाय...*
*यदि कोई खानपान में थोड़ा सा बदलाव करे तो जीवनपर्यंत निरोगी रह सकता है!*
*➡️➡️ वात:-*
*➡️ तेल शुद्ध खाये, सबसे अच्छा सरसों है।*
*➡️ दूध देशी गाय का शुद्ध खाये।*
*➡️ संतरा, मौसमी, गन्ने का जूस, टमाटर, अंगूर आदि खाये।*
*➡️➡️ पित्त...*
*➡️ देशी गाय का शुद्ध घी खायें।*
*➡️ छाछ का सेवन करे।*
*➡️ दोपहर को भोजन में अजवाइन जरूर डाले।*
*➡️ अजवाइन नही डालते हो तो भोजन के बाद एक चुटकी अजवाइन काले नमक के साथ खाएं।*
*➡️ काले जीरे का प्रयोग करे।*
*➡️ हींग का प्रयोग करे!*
*➡️ धनिया का प्रयोग करें, हरा हो या सूखा।*
*➡️➡️ कफ....*
*➡️ गुड़ खायें।*
*➡️ शहद खायें।*
*➡️ सोंठ खायें।*
*➡️ सौंफ खायें।*
*➡️ पान का पत्त्ता खायें।*
*➡️ आवंला इन तीनो दोषों को अकेला ही ठीक रखता है।*
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