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रोज़ कम से कम 1-2 घंटे बच्चों को धूप में बाहर खेलने दें : बच्चों की आंखों पर स्क्रीन समय का प्रभाव

Ashwani Kumar Sinha

Tue, Jun 10, 2025


📱 बच्चों की आंखों पर स्क्रीन समय का प्रभाव

🔍 1. मायोपिया (निकट दृष्टि दोष):
लंबे समय तक मोबाइल, टैबलेट या लैपटॉप की स्क्रीन देखने से बच्चों की आंखें पास की वस्तुओं पर अधिक केंद्रित हो जाती हैं। इससे दूर की चीजें धुंधली दिखने लगती हैं। यह स्थिति मायोपिया कहलाती है।
🧒 उम्र: विशेष रूप से 6 से 15 वर्ष की आयु में मायोपिया तेजी से बढ़ सकता है।

🔍 2. एम्ब्लायोपिया (आलसी आंख):
यदि एक आंख दूसरी के मुकाबले कमज़ोर होती है और समय पर उपचार न हो तो मस्तिष्क उस कमजोर आंख की छवि को नजरअंदाज करने लगता है। इससे वह आंख स्थायी रूप से कमजोर हो सकती है। इसे एम्ब्लायोपिया कहा जाता है।
📺 कारण: बच्चों में स्क्रीन देखने की आदत, टेढ़ा-मुड़ा बैठना, या एक आंख से ज्यादा इस्तेमाल जैसी आदतें इसका कारण बन सकती हैं।

📉 अन्य दुष्प्रभाव:

  • आँखों में जलन और सूखापन

  • नींद की गुणवत्ता में गिरावट

  • मानसिक थकावट

  • ध्यान केंद्रित करने की क्षमता में कमी


✅ बचाव के उपाय

  1. 20-20-20 नियम अपनाएं: हर 20 मिनट स्क्रीन देखने के बाद, 20 सेकंड तक 20 फीट दूर किसी वस्तु को देखें।

  2. आउटडोर गतिविधियाँ बढ़ाएँ: रोज़ कम से कम 1-2 घंटे बच्चों को धूप में बाहर खेलने दें।

  3. स्क्रीन से उचित दूरी: मोबाइल से कम से कम 12 इंच और लैपटॉप/टीवी से 2-3 फीट की दूरी बनाए रखें।

  4. ब्लू लाइट फिल्टर का उपयोग करें।

  5. नियमित नेत्र परीक्षण कराएं।


यह जानकारी विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO), भारतीय बाल रोग अकादमी, और नेत्र विशेषज्ञ संस्थानों की सिफारिशों पर आधारित है। अधिक जानकारी हेतु नेत्र चिकित्सक से परामर्श अवश्य लें।


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