BREAKING NEWS

भोपाल। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, भोपाल की टीम ने शहर के विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर खाद्य सुरक्षा सं

नई दिल्ली, 23 सितंबर। हलाल प्रमाणन को लेकर हलाल नियंत्रण मंच ने गंभीर आपत्तियां उठाते हुए इसे अर्थव्यवस्था, रोजगार,

ग्वालियर, 23 सितंबर। डॉ. भगवत सहाय शासकीय महाविद्यालय, ग्वालियर में दो दिवसीय चित्रकला प्रतियोगिता एवं ‘विकसित भारत 2047

भोपाल। खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के प्रावधानों के पालन, खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, सुरक्षित भंडारण, लेबलिंग

अर्चना प्रकाशन न्यास के तत्वावधान में आगामी 26 अक्टूबर को भोपाल में बाल साहित्यकार सम्मेलन आयोजित किया जाएगा

Advertisment

सच्ची और निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए स्वेच्छानुसार सहयोग की अपेक्षा है। फोन पे और गूगल पे फोन नंबर 9425539577 है।

सच्ची और निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए स्वेच्छानुसार सहयोग की अपेक्षा है। फोन पे और गूगल पे फोन नंबर 9425539577 है।

सच्ची और निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए स्वेच्छानुसार सहयोग की अपेक्षा है। फोन पे और गूगल पे फोन नंबर 9425539577 है।

मध्य प्रदेश में 166 ब्लड सेंटरों का औचक निरीक्षण : एक की अनुज्ञप्ति निरस्त, तीन की उत्पाद अनुमति निलंबित; चार केंद्रों की गतिविधियों पर रोक

Ashwani Kumar Sinha

Wed, Sep 16, 2026

मध्य प्रदेश में 166 ब्लड सेंटरों का औचक निरीक्षण

एक की अनुज्ञप्ति निरस्त, तीन की उत्पाद अनुमति निलंबित; चार केंद्रों की गतिविधियों पर रोक

भोपाल, 16 सितंबर 2026। चिकित्सा उपचार और आपातकालीन सेवाओं में रक्त एवं रक्त घटकों की उपलब्धता अत्यंत महत्वपूर्ण है। सड़क दुर्घटनाओं, गंभीर चोटों, बड़ी सर्जरी, अंग प्रत्यारोपण तथा थैलेसीमिया, सिकल सेल एनीमिया, एप्लास्टिक एनीमिया और रक्त कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के उपचार में रक्त और इसके विभिन्न घटकों की आवश्यकता होती है।

रक्त केंद्रों में स्वैच्छिक रक्तदाताओं से रक्त एकत्र कर उसकी आवश्यक जांच की जाती है तथा रक्त को विभिन्न घटकों में विभाजित कर सुरक्षित रूप से संग्रहित किया जाता है। भारत में रक्त एवं रक्त घटकों से संबंधित गतिविधियां औषधि एवं सौंदर्य प्रसाधन अधिनियम, 1940 तथा ड्रग्स रूल्स, 1945 के प्रावधानों के तहत विनियमित हैं। रक्त केंद्रों के संचालन के लिए निर्धारित लाइसेंस एवं मानकों का पालन आवश्यक है।

राष्ट्रीय रक्त आधान परिषद (NBTC) देश में रक्त आधान सेवाओं के लिए नीति, मानक एवं तकनीकी दिशा-निर्देश तैयार करती है, जबकि राज्य स्तर पर राज्य रक्त आधान परिषदें इनके क्रियान्वयन में भूमिका निभाती हैं।

199 में से 166 रक्त केंद्रों का औचक निरीक्षण

मध्य प्रदेश में वर्तमान में कुल 199 रक्त केंद्र संचालित हैं। रक्ताधान सेवाओं की संवेदनशीलता और सुरक्षित रक्त उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए खाद्य एवं औषधि प्रशासन, मध्य प्रदेश द्वारा 166 रक्त केंद्रों का औचक निरीक्षण कराया गया।

निरीक्षण के दौरान पाई गई कमियों और अनियमितताओं के आधार पर विभाग द्वारा:

01 रक्त केंद्र की अनुज्ञप्ति निरस्त की गई।

03 रक्त केंद्रों की उत्पाद अनुमति निलंबित की गई।

04 रक्त केंद्रों की गतिविधियों पर रोक लगाई गई।

02 रक्त केंद्रों को चेतावनी जारी की गई।

26 रक्त केंद्रों के निरीक्षण के लिए संबंधित औषधि निरीक्षकों को निर्देश दिए गए।

विभाग ने सभी संबंधित औषधि निरीक्षकों को इन कार्यवाहियों की जानकारी जनसामान्य, अस्पतालों तथा संबंधित विभागों तक पहुंचाने के लिए पीआरओ के माध्यम से प्रचार-प्रसार कराने के निर्देश दिए हैं।

श्री अथर्वन ब्लड सेंटर, रीवा की अनुज्ञप्ति निरस्त

मेसर्स श्री अथर्वन ब्लड सेंटर, रीवा की अनुज्ञप्ति निरस्त की गई है।

निरीक्षण के दौरान पाया गया कि रक्त केंद्र की गतिविधियां स्थगित रखने के आदेश के बावजूद वहां कार्य संचालित किया जा रहा था। विभाग के अनुसार, 25 से 28 अगस्त 2026 के बीच 11 यूनिट रक्त का संग्रहण एवं वितरण किया गया। निरीक्षण के समय केंद्र में 54 यूनिट फ्रेश फ्रोजन प्लाज्मा (FFP) स्टॉक में पाया गया।

इसके अतिरिक्त यूनिट क्रमांक 3495 के प्लेटलेट्स कंसंट्रेट, दिनांक 26 अगस्त 2026, को मरीज श्रीमती कल्पना मिश्रा को दिए जाने की जानकारी भी निरीक्षण में सामने आई।

तीन रक्त केंद्रों की उत्पाद अनुमति निलंबित

1. मेसर्स एम.पी. बिरला हॉस्पिटल, सतना

निरीक्षण में मरीज को अवसान तिथि पार कर चुके पीआरबीसी रक्त घटक जारी करने सहित अन्य गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। इसके आधार पर रक्त घटक पीआरबीसी बनाने की अनुमति 90 दिवस के लिए निलंबित की गई।

2. मेसर्स लाइफ सेवर ब्लड सेंटर, भोपाल

इस केंद्र में भी मरीज को अवसान तिथि पार कर चुके पीआरबीसी रक्त घटक जारी करने सहित अन्य गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। इसके चलते पीआरबीसी बनाने की अनुमति 90 दिवस के लिए निलंबित की गई।

3. मेसर्स सी.आर. गार्डी हॉस्पिटल एवं आर.डी. गार्डी मेडिकल कॉलेज, उज्जैन

निरीक्षण के दौरान रक्त केंद्र में जंग लगे उपकरण, रिकॉर्ड का नियमानुसार संधारण न होना तथा कई आवश्यक उपकरणों का कार्यशील स्थिति में नहीं होना पाया गया। अन्य गंभीर अनियमितताओं के आधार पर होल ह्यूमन ब्लड की अनुमति एक दिवस तथा सभी रक्त घटक बनाने की अनुमति सात दिवस के लिए निलंबित की गई।

चार रक्त केंद्रों की गतिविधियों पर रोक

मेसर्स विंध्य ब्लड सेंटर, रीवा में बिना राज्य रक्त आधान परिषद (SBTC) एवं खाद्य एवं औषधि प्रशासन को सूचित किए दूसरे राज्य से रक्त एवं रक्त घटक मंगाए जाने तथा बल्क ट्रांसफर गाइडलाइन के उल्लंघन सहित अन्य गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। केंद्र की गतिविधियों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई गई।

मेसर्स नवोदय कैंसर हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर ब्लड सेंटर, भोपाल में पूर्व निरीक्षणों में सामने आई कमियों, विशेष रूप से दस्तावेजों के उचित रख-रखाव तथा Drugs Rules, 1945 की Schedule F के प्रावधानों के अनुपालन में कमी पाई गई। कमियों का निराकरण एवं नियमानुसार अनुपालन सुनिश्चित होने तक केंद्र की गतिविधियों पर आगामी आदेश तक रोक लगाई गई।

मेसर्स न्यू भोपाल ब्लड सेंटर, भोपाल में बिना SBTC एवं खाद्य एवं औषधि प्रशासन को सूचित किए दूसरे राज्य से रक्त एवं रक्त घटक मंगाने, बल्क ट्रांसफर गाइडलाइन के उल्लंघन तथा नियमों के विपरीत अन्य रक्त केंद्र को रक्त एवं रक्त घटक उपलब्ध कराने सहित कई अनियमितताएं पाई गईं। पूर्व निरीक्षणों में सामने आई कमियों का भी पर्याप्त अनुपालन नहीं पाया गया। इन कमियों के निराकरण तक केंद्र की गतिविधियों पर आगामी आदेश तक रोक लगाई गई।

मेसर्स सेवा ब्लड सेंटर, भोपाल में बिना SBTC एवं खाद्य एवं औषधि प्रशासन को सूचित किए अन्य राज्य से रक्त एवं रक्त घटक मंगाने तथा बल्क ट्रांसफर गाइडलाइन के उल्लंघन सहित अन्य गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। केंद्र की गतिविधियों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई गई।

दो रक्त केंद्रों को चेतावनी

मेसर्स मित्तल ब्लड सेंटर, धार में रिकॉर्ड संधारण में कमी पाए जाने पर चेतावनी जारी की गई। केंद्र को भविष्य में ऐसी कमियों की पुनरावृत्ति न करने तथा निर्धारित मानकों और दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के लिए सचेत किया गया।

मेसर्स ओरोविंदो ब्लड सेंटर, इंदौर में भी रिकॉर्ड संधारण में कमी पाए जाने पर चेतावनी जारी की गई। केंद्र को निर्धारित मानकों एवं दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करने तथा भविष्य में ऐसी कमियों की पुनरावृत्ति नहीं होने के लिए सचेत किया गया।

खाद्य एवं औषधि प्रशासन के नियंत्रक मनोज पुष्प, आईएएस ने कहा कि राज्य में सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करना विभाग की प्राथमिकता है। रक्त केंद्रों में निर्धारित नियमों, मानकों और सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन सुनिश्चित करने के लिए निरीक्षण एवं आवश्यक नियामकीय कार्रवाई जारी रहेगी।

विज्ञापन

जरूरी खबरें