लोग पेड़ लगाने की तैयारी कर रहे हैं, और कुछ लोग लगे पेड़ काट रहे हैं : विश्व पर्यावरण दिवस से पहले पेड़ कटाई: भोपाल के गांधीनगर में बिना अनुमति के हरे पेड़ काटे जाने की शिकायत
Ashwani Kumar Sinha
Tue, Jun 3, 2025
विश्व पर्यावरण दिवस से पहले पेड़ कटाई: भोपाल के गांधीनगर में बिना अनुमति के हरे पेड़ काटे जाने की शिकायत
भोपाल, 2 जून 2025 – जहां एक ओर पूरा देश 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस मनाने की तैयारी में है, वहीं राजधानी भोपाल के गांधीनगर क्षेत्र से पर्यावरण के लिए चिंताजनक खबर सामने आई है। टैगोर वार्ड, गांधीनगर निवासी श्री मनोज नरसिंघानी ने प्रधान मुख्य वन संरक्षक, मध्य प्रदेश को पत्र लिखकर आरोप लगाया है कि उनके मकान क्रमांक 1562 की सीमा से लगे हरे-भरे पेड़ों को बिना किसी वैध अनुमति के काट दिया गया।
शिकायत के अनुसार, 02 मई 2025 को उनके पड़ोसी श्री जीतू हेमनानी (पुत्र श्री रमेश कुमार हेमनानी) द्वारा, बिना पूर्व सूचना, बिना वन विभाग की मंज़ूरी और बिना किसी पर्यावरणीय मूल्यांकन के, वर्षों पुराने पेड़ों को कटवा दिया गया।
❗ पर्यावरणीय क्षति और कानूनी उल्लंघन की आशंका
श्री नरसिंघानी का कहना है कि यह कार्य न केवल उनके निजी अधिकारों का उल्लंघन है, बल्कि इससे स्थानीय पर्यावरण को भी हानि पहुंची है। पेड़ों की अंधाधुंध कटाई से क्षेत्र में हरियाली, छाया और प्राकृतिक संतुलन को नुकसान पहुँचा है।
उन्होंने अपने पत्र में यह भी स्पष्ट किया कि इस कृत्य में वन संरक्षण अधिनियम, 1980 और पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986 जैसे कानूनों का उल्लंघन हो सकता है। अतः उन्होंने तत्काल जांच एवं दोषियों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की मांग की है।
🌱 “लोग पेड़ लगाने की तैयारी कर रहे हैं, और कुछ लोग लगे पेड़ काट रहे हैं
”
अपने पत्र में श्री नरसिंघानी ने कटाक्ष करते हुए लिखा:
“जब पूरा समाज पर्यावरण दिवस पर एक पेड़ लगाने की सोच में गड्ढे खोद रहा है, कुछ लोग प्लॉट इकट्ठा कर हरियाली बढ़ाने की तैयारी में हैं – उसी समय पहले से लगे पेड़ों को बेधड़क काटा जा रहा है। ये विडंबना है।”
🧾 मांग की गई कार्रवाई:
घटना की पूर्ण जांच।
यदि वन क्षेत्र के अंतर्गत आता हो तो संबंधित व्यक्तियों पर कानूनी कार्रवाई।
ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्षेत्र में निगरानी व्यवस्था।
🔍 प्रशासन और नागरिक समाज की भूमिका
भोपाल जैसे तेजी से शहरीकरण की ओर बढ़ते शहरों में हर पेड़ की अहमियत है। ऐसे में यदि संपत्ति सीमाओं के नाम पर पेड़ों की कटाई खुलेआम होने लगे, तो आने वाले वर्षों में वातावरण में गर्मी, जल संकट और वायु प्रदूषण की स्थिति और गंभीर हो सकती है।
अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि वन विभाग एवं पर्यावरण नियामक संस्थाएँ इस मामले को कितनी गंभीरता से लेती हैं, और दोषियों पर कार्रवाई होती है या नहीं।
📌 यदि आपके आसपास भी पेड़ काटने की घटना होती है, तो आप वन विभाग, नगर निगम या पर्यावरण मंत्रालय की हेल्पलाइन पर इसकी सूचना दे सकते हैं। हर पेड़ की सुरक्षा हम सभी की जिम्मेदारी है।
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