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प्रभावशाली व्यक्ति भी कानून के दायरे से बाहर नहीं : पूर्व प्रधानमंत्री के पोते प्रज्वल रेवन्ना को रेप केस में उम्रकैद

Ashwani Kumar Sinha

Sat, Aug 2, 2025


📰 पूर्व प्रधानमंत्री के पोते प्रज्वल रेवन्ना को रेप केस में उम्रकैद

📍 बेंगलुरु, 2 अगस्त 2025

पूर्व प्रधानमंत्री एच.डी. देवेगौड़ा के पौत्र और जनता दल (सेक्युलर) के पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना को एक घरेलू महिला कर्मचारी के साथ बलात्कार के आरोप में बेंगलुरु की विशेष अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। इस फैसले को न्यायपालिका द्वारा सत्ता और प्रभाव के दुरुपयोग के खिलाफ एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।

🔹 प्रमुख तथ्य:

  • पीड़िता ने बताया कि रेवन्ना ने कई बार उसके साथ जबरन संबंध बनाए और इसका वीडियो भी रिकॉर्ड किया।

  • पुलिस ने IPC की धारा 376(2)(k), 376(2)(n), 354A, 354B, 354C, 506, 201 तथा IT Act की धारा 66(E) के तहत मामला दर्ज किया था।

  • अदालत ने रेवन्ना को उम्रकैद (Life Imprisonment) के साथ ₹10 से ₹11 लाख तक का जुर्माना भी लगाया है।

  • अदालत ने वीडियो, फोरेंसिक रिपोर्ट, डीएनए टेस्ट और पीड़िता के बयान को साक्ष्य के रूप में स्वीकार किया।

  • पीड़िता को मुआवज़ा देने के लिए जुर्माने की राशि निर्धारित की गई।

🧑‍⚖️ अदालत की टिप्पणी:

न्यायाधीश संतोष गजानन भट ने कहा कि “यह मामला सिर्फ कानून उल्लंघन नहीं, बल्कि सामाजिक नैतिकता के विरुद्ध अपराध है। कानून सबके लिए समान है।”

🔸 रेवन्ना का पक्ष:

  • सुनवाई के दौरान प्रज्वल रेवन्ना अदालत में रो पड़े और कहा,
    “मेरी केवल एक गलती यह थी कि मैं राजनीति में बहुत जल्दी आगे बढ़ गया।"
    उन्होंने यह भी दावा किया कि यह उनके राजनीतिक विरोधियों द्वारा रचा गया षड्यंत्र है।

📌 निष्कर्ष:

इस प्रकरण ने यह स्पष्ट कर दिया है कि प्रभावशाली व्यक्ति भी कानून के दायरे से बाहर नहीं हैं। यह फैसला महिला सुरक्षा, न्यायिक निष्पक्षता और समाज में समानता के लिए एक मजबूत संदेश है।


✍🏻 – विशेष संवाददाता, भारतीय न्याय विशेषांक


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