: अलसी जिसके पीछे दुनिया दीवानी
Sun, Dec 3, 2023
*अलसी, जिसके पीछे दुनियां दीवानी और हम बन गये अंग्रेज़..*
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*सर्दी आ गई, अलसी (फ्लैक्स सीड) के लड्डू के साथ सेहत बनायें...*
*लेकिन क्या ये नाम कभी सुना है..??*◆अलसी शरीर को निरोग रखती है व आयु बढ़ाती है।
◆अलसी में 23% ओमेगा-3 फेटी एसिड,
◆20% प्रोटीन,
◆27% फाइबर,
◆लिगनेन,
◆विटामिन बी ग्रुप,
◆सेलेनियम,
◆पोटेशियम,
◆मेगनीशियम,
◆जिंक आदि होते हैं।विश्व का स्वीकृत सुपर फ़ूड अलसी है लेकिन भारत में स्थिति बिलकुल विपरीत।पुराने लोग अलसी को भूल गये और युवाओं ने सुना ही नहीं।अलसी को अतसी, उमा, क्षुमा, पार्वती, नीलपुष्पी, तीसी आदि नामों से भी जानते है।इसके सेवन से वात, पित्त और कफ तीनों रोग दूर होते हैं।◆अलसी रेशे से भरपूर 27% है पर ◆शर्करा 1.8% यानी नगण्य।
●बी.एम.आर. बढ़ाती है।
◆खाने की ललक कम करे।
◆चर्बी घटाती है।
◆शक्ति व स्टेमिना बढ़ाती है।
◆आलस्य दूर करती है।
◆वजन घटाने में सहायक।
चूँकि ओमेगा-3 और प्रोटीन मांस-पेशियों का विकास करते हैं अतः बॉडी बिल्डिंग के लिये भी नम्बर वन सप्लीमेंट।◆एक फीलगुड फूड है।
◆झुंझलाहट या क्रोध नहीं आता।
◆पॉजिटिव एटिट्यूड बना रहता है।
◆इसके सेवन से मनुष्य की इच्छाशक्ति, धैर्य, विवेकशीलता बढ़ने लगती है, पूर्वाभास जैसी शक्तियाँ विकसित होने लगती हैं।चिर यौवन का स्रोता है अलसी, इसे खाकर 70 वर्ष के बूढे भी 25 वर्ष के युवाओं जैसा अनुभव करने लगते हैं।*अलसी सेवन का तरीका*
रोज़ाना अलसी 30–60 ग्राम लेनी चाहिये।
30 ग्राम आदर्श मात्रा है।
अलसी को पीसकर आटे में मिलाकर रोटी, परांठा आदि बनाकर खाना चाहिये।इससे ब्रेड, केक, कुकीज, आइसक्रीम, चटनियाँ, लड्डू आदि स्वादिष्ट व्यंजन भी बनाये जाते हैं।*अलसी के लड्डू*
*सामग्री....*
(1). ताजा पिसी अलसी 100 ग्राम
(2). आटा 100 ग्राम
(3). मखाने 75 ग्राम
(4). नारियल कसा हुआ 75 ग्राम
(5). किशमिश 25 ग्राम
(6). कटी हुई बादाम 25 ग्राम
(7). कटे हुए अखरोट 25 ग्राम
(8). घी 300 ग्राम
(9). चीनी का बूरा 350 ग्राम*लड्डू बनाने की विधि*
कढ़ाही में लगभग 50 ग्राम घी गर्म करके उसमें मखाने हल्के हल्के तल कर पीस लें।
लगभग 150 ग्राम घी गर्म करके उसमें आटे को हल्की ऑच पर गुलाबी होने तक भून लें।
जब आटा ठंडा हो जाये तब सारी सामग्री और बचा हुआ घी अच्छी तरह मिलायें और गोल गोल लड्डू बना लें।*जीवन हमारा है, फैसला भी हमारा होगा
: बीएसएफ यानी देश की सीमाओं की रक्षा करना
Fri, Dec 1, 2023
आज बीएसएफ अपना 59वा स्थापना दिवस मना रहा हैं,
बीएसएफ का नाम लेते है तो सबसे पहले हमारे जहन में आता है, सीमा यानी देश की सीमाएं बीएसएफ वह है
जिसका पहला कर्तव्य है हर हाल में हर मौसम में और हर परिस्थिति में देश की सीमाओं की रक्षा करना, बीएसएफ को अपने जीवन का ध्येय ऐसे ही भारतीय युवा बनाते हैं जिसके जीवन का एकमात्र मकसद ही देश की सीमाओं की रक्षा उसके सिवाय और कुछ नहीं।
बीएसएफ के जवान का जीवन शुरू होता है भारत माता की जय घोष के साथ और कर्तव्य पथ पर अग्रसर होता है, बं
गाल सीमा में विपरीत परिस्थिति के बावजूद सोना तस्करी, घुसपैठ, पशु तस्करी, और मानव तस्करी पर नकेल कर दिया है सीमा सुरक्षा बल में लगभग 2.65 लाख जवान है, बीएसएफ में 193 नियमित बटालियन, 4 एनडीआरएफ बटालियन, सात तोपखाने की इकाइयां, आठ वाटर विंग और एक एयर विंग शामिल है
आज 1 दिसंबर 1965 को स्थापित बीएसएफ अपना 59 वा स्थापना दिवस मना रहा है