: भारत में रावण की तरह ही भ्रष्टाचार भी प्रतिवर्ष बढ़ता ही जा रहा है
Admin
Sat, Dec 9, 2023
भ्रष्टाचार विरोधी दिवस 9 दिसंबर भ्रष्टाचार के खिलाफ सामूहिक कार्यवाही का आह्वान करता है, भ्रष्टाचार के खिलाफ खड़े हो, पारदर्शिता को बढ़ावा दें और सभी के लिए एक न्यायपूर्ण समाज के निर्माण में योगदान दें।
भ्रष्टाचार के कारण~निरीक्षरता, गरीबी और जागरूकता के अभाव के कारण, कम वेतनमान, पारिश्रमिक भ्रष्टाचार, खरीद, व्यापार में पारदर्शिता का अभाव राजनीतिक, प्रशासनिक एवं न्यायिक व्यवस्था में उत्तरदायित्व की कमी, किसी देश में कारपोरेट और राजनीतिक गठजोड़ का होना, भ्रष्टाचार को समाज के द्वारा मौन स्वीकृति, विवेक हीन व्यक्तियों द्वारा शक्तियों का दुरुपयोग करना।
उपाय ~लोकपाल के दायरे में सरकारी कर्मचारियों के साथ-साथ एनजीओ, सिविल सोसाइटी, मीडिया और कारपोरेट जगत को भी लाया जाए। सख्त कानून लाया जाए जो की अनिवार्य करें कि मंत्री, सांसद, विधायक, पार्षद, मेयर, ग्राम प्रधान, सरकारी कर्मचारी, वकील, शिक्षक, डॉक्टर और कारपोरेट कंपनियों में काम करने वाले अपनी साल भर की कमाई की जानकारी सरकार को दें।
भारत में भ्रष्टाचार रोकने हेतु संस्थाएं
1964 में केंद्रीय सतर्कता आयोग की स्थापना, सरकारी सेवाओं का डिजिटली करण, सूचना का अधिकार अधिनियम 2005, विसल ब्लोअर्स प्रोटेक्शन एक्ट 2014, भ्रष्टाचार निरोधक संशोधन अधिनियम विधेयक 2018 , लोकपाल इत्यादि ।
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