: इसे कहते हैं है हाईयर टू हाईयर
Admin
Fri, Sep 22, 2023
इसमें व्यक्ति हमेशा उच्च विचार करता है और आगे भी उच्च विचार करता रहता है। स्वामी विवेकानंद, महात्मा गांधी ऐसे कई व्यक्तित्व है, जिन्होंने अपने जीवन में सदा उच्च विचार किया।
एक साधु जी को एक अपराध के लिए 20 वर्ष की सजा हुई थी। 20 वर्ष के बाद अब वह जेल से छूटने वाले थे। बिल्कुल उस समय भी ही उस केस का सुप्रीम कोर्ट से फैसला आया और उन्हें निर्दोष माना गया। तब साधु जी को पूछा गया, "आपको तो सुप्रीम कोर्ट ने अब निर्दोष बताया है, फिर भी आप दोषी न होते हुए भी आपको 20 साल जेल में रहना पड़ा!" तब साधु जी ने शांति से बताया "जैसा आप समझते हैं वैसा बिलकुल नहीं, मैं भला इस केस में निर्दोष हूं। मगर हो सकता है मुझसे ऐसा कोई अपराध हुआ होगा और उसकी सजा मुझे नहीं मिली होगी। इसलिए उस अपराध की सजा मुझे अभी मिली होगी।" देखिए उन साधु जी का विचार पहले भी उच्च था और आगे भी उच्च रहा। अपने विचारों से ही सब कुछ होता है। अपना मन विचारों की एक मशीन है।
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