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: बाजार में स्नान के लिए मिलने वाले साबुन में TFM 80% के आस पास, यह देख कर ही खरीदे, सभी साबुन स्नान करने लायक भी हैं या नहीं

Admin

Sat, Nov 16, 2024
बाजार में नहाने के साबुन के विभिन्न ब्रांड भरे पड़े है। देश के लगभग 700 साबुन निर्माताओं के द्वारा बनाए जाने वाले असंख्य नाम के नहाने के साबुन बाजार में उपलब्ध हैं। अधिकांश ग्राहक को यही मालूम है कि सभी साबुन स्नान करने के लिए हैं, एक जैसे हैं। परंतु उत्पादकों ने इसमें बहुत बड़ा खेल कर दिया है। जिसकी ग्राहक को जानकारी नहीं है। बाजार में स्नान के लिए मिलने वाले साबुन तीन श्रेणियों के होते हैं। जिनके अवयव भिन्न-भिन्न होते हैं और यह सब अधिक से अधिक लाभ कमाने के चक्कर में किया जाता है। स्नान के साबुन की तीन श्रेणियां बाथिंग बार या टॉयलेट सोप श्रेणी 1, टॉयलेट सोप श्रेणी 2 और टॉयलेट सोप श्रेणी 3 के नाम से जानी जाती है। बाथिंग सोप में वसीय अम्लों के कैल्शियम या पोटेशियम लवण होते हैं। उनमें शरीर की सफाई करने के साथ-साथ नमी के गुण भी होते हैं। जबकि टॉयलेट सोप में वसीय अम्लों के लवणों की मात्रा बाथिंग सोप के लवणों से अधिक होती है। पहले स्नान के लिए सिर्फ टॉयलेट सोप ही बाजार में आते थे। भारतीय मानक ब्यूरो ने टॉयलेट शॉप में वसा की मात्रा यानी टीएफएम (total fatty matter) (कुल वसायुक्त पदार्थ) निर्धारित की थी। इन साबुनों का उत्पादन उत्पादकों को महंगा पड़ता था। अतः उत्पादकों ने साबुन में टीएफएम की मात्रा कम करके बाथिंग बार के नाम से एक नए उत्पादन को नहाने के साबुन के नाम से बाजार में उतार दिया। वास्तव में स्नान के आदर्श साबुन में वसा और क्षार का अनुपात 5:1 होना चाहिए। इसमें टीएफएम की मात्रा एक 83.3 प्रतिशत आती है। इस गुणवत्ता वाला कोई साबुन शायद ही बाजार में ग्राहक को मिल सके। अतः ग्राहक को बाजार में अत्यधिक सावधान रहने की आवश्यकता है। विशेष बात यह कि यदि आप बाजार में स्थानीय उत्पादकों द्वारा उत्पादित स्नान का साबुन देखेंगे तो बहुत संभव है कि आप को बड़े उत्पादकों की तुलना में बेहतर वसा के अनुपात वाला साबुन मिल जाए। साबुन में TFM का मतलब है Total Fatty Matter (कुल वसायुक्त पदार्थ)। यह साबुन की गुणवत्ता का एक प्रमुख मानक है। TFM का महत्वः 1. TFM स्तर साबुन की सफाई करने की क्षमता और उसकी गुणवत्ता को दर्शाता है। 2. उच्च TFM वाले साबुन अधिक कोमल, प्रभावी और त्वचा के लिए बेहतर माने जाते हैं। 3. कम TFM वाले साबुन आमतौर पर कठोर होते हैं और त्वचा को शुष्क कर सकते हैं। वर्गीकरणः • 83.3% या उससे अधिक TFM: प्रीमियम क्वालिटी (उच्च गुणवत्ता, त्वचा के लिए कोमल)। • 60%-75% TFM: मध्यम गुणवत्ता। • 60% से कम TFM: कम गुणवत्ता, ज्यादातर डिटर्जेंट बार में होता हैं।

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