: दुनिया में मौजूद अच्छी चीजे कभी ख़त्म नही होंगी, क्योंकि यहां सब के लिये पर्याप्त से ज़्यादा है ।
Admin
Wed, Jul 24, 2024
-स्व संवाद -नकारात्मकता
- प्रायः लोग एक ही बात करते हैं कि उनके मन में नाकारात्मक बाते, घटनाये, व्यवहार, पुरानी गलतियां, कामुकता की बातें, शोषण, अत्याचार , गंदे समाचार, नुकताचीनी, ईर्ष्या, नफरत के विचार विद्रोह वा विरोध के विचार ही उठते रहते हैं । योग नही लगता ।
- जन्म ले कर अन्त तक ईश्वर ने हर मानव को एक अनमोल शक्ति दी है जो सदा उसके साथ रहती है । दुनिया में ऐसा कुछ भी नही है जो यह शक्ति नही कर सकती ।
-वह शक्ति है विचार ।
-ईश्वर का नियम बहुत सधारण और सीधा है, आपको आप के संकल्पों अनुसार प्राप्ति होगी । धन दौलत या अन्य कोई पैमाना नही है । अच्छे विचार करेगें उसका लाख गुणा अच्छा मिलेगा और अगर बुरे विचार करेगें तो लाख गुणा फल बुरा होगा ।
-अच्छे विचार करें, अच्छॆ शब्द कहें, अच्छे काम करें ।
- ये तीन तरीके आप के लिये इतना कुछ लायेंगे, जिसकी आप ने कभी कल्पना भी नही की होगी ।
- अगर आप किसी चीज़ का प्रतिरोध करते हैं तब उसे अपनी ओर आकर्षित करते हैं क्योंकि आप प्रबल भावना से उस पर अपना पूरा ध्यान केंद्रित करते हैं । इस लिये किसी चीज् को बदलने के लिये बस अपने भीतर जाएं और अपने विचारों तथा भावनाओ से सुखद संदेश भेजें ।
-यदि आप नकारात्मक चीजो को सुनते हैं, उन पर सोचते हैं, उन पर ध्यान केंद्रित करते हैं तो दुनिया की मदद नही कर सकते बल्कि उसे और ज्यादा नुकसान कर रहें हैं । जब आप दुनिया की नाकारात्मक चीजो पर चिंतन करते हैं तो आप ना सिर्फ उन्हे बढ़ाते हैं बल्कि अपनी जिंदगी में आने वाली नकारात्मक चीजो को भी बढा लेते हैं । यही कारण है आज योगी भी तनाव में आ जाते हैं ।
-दुनिया की समस्याओं पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय विश्वास , प्रेम, प्रचुरता, शिक्षा और शांति पर ध्यान वा ऊर्जा लगाएं।
-दुनिया में मौजूद अच्छी चीजे कभी ख़त्म नही होंगी, क्योंकि यहां सब के लिये पर्याप्त से ज़्यादा है ।
-आ।प में अपने विचारो और अनुभवों के माध्यम से असीमित आपूर्ति का दोहन करने और अपने सपने साकार करने की सामर्थ्य है ।
-अगर आप गहराई में जाएं तो सब परेशानियों का कारण है प्यार की कमी । किसी को किसी से सच्चा प्यार नही है ।
-इस दुनिया को, सभी मनुष्यों को बदलने के केवल दो ही ढंग है ।
-एक है योग की शक्ति जो हमें ईश्वर को याद करने से प्राप्त होती है । दूसरी है स्नेह की शक्ति, जिस से हमें किसी को भी बदल सकते हैं । बाकी जितनी भी विधियां हैं सब कोरी थेयोरी हैं । सब कायदे कानून, जोर जबरदस्ती धरी की धरी रह जाती हैं ।
-इस लिये दुनिया की हर चीज़ की तरीफ करें और आशीश दें । सब को योग की वा अपनेपन की तरंगे भेजो । इस तरह आप नकारात्मकता और वैमनस्य को ख़त्म कर देंगे तथा सब से ऊँची फ्रीक्वेंसी जिसे स्वर्ग अर्थात प्रेम कहते हैं पर पहूच जायेगे ।
-आप प्यार के सागर हैं इस एक शब्द को मन में रिपीट करते रहो सब प्रकार की नाकारात्मकता ख़त्म हो जायेगी ।
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