: कोर्ट में त्रस्त होने पर लोग कोई भी समझौता चाहते हैं
Admin
Sun, Aug 4, 2024
लोक अदालत के कार्यक्रम में बोले सी जे आई:
सीजेआई, डी वाई चंद्रचूड़ ने कहा है कि लगातार अदालत के चक्कर काटने से लोग तंग आ जाते हैं। ऐसे में वैकल्पिक विवाद समाधान तंत्र के रूप में लोक अदालतों की विशेषता बढ़ जाती है ! सुप्रीमकोर्ट में विशेष लोक अदालत सप्ताह पर आयोजित कार्यक्रम में सीजी आई ने कहा, "लोग अदालत में मामले में इतने त्रस्त हो जाते हैं कि किसी भी तरह का समझौता कर लेते है........ बस कोर्ट से दूर करा दीजिए। एक न्यायाधीश के रूप में हम अक्सर इस समस्या को देखते हैं ! यह प्रक्रिया एक सजा की तरह है और यह हम सभी न्यायाधीशों के लिए चिंता का कारण है।
सी जे आई ने लोक अदालत के माध्यम से न्याय देने की प्रक्रिया को संस्थागत बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि मध्यस्थता भारतीय संस्कृति का हिस्सा है। भगवान कृष्ण ने महाभारत में कौरवों और पांडवों के बीच मध्यस्थता करने का प्रयास किया था।
क्या है लोक अदालत:
लोक अदालत में विवाद और कोर्ट में लंबित केस या मुकदमे बाजी से पहले आपसी सहमति से सुलह होती हैं।
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