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: एनजीओ द्वारा संचालित बालिका गृह में नाबालिग लड़की ने की खुदकुशी, पुलिस पहुंची

Admin

Mon, Sep 9, 2024
बालिका गृह में नाबालिग लड़की ने की खुदकुशी, पुलिस पहुंची  छत्तीसगढ़ के कोरबा सिविल लाइन थानांतर्गत स्थित बालिका गृह में 16 साल की लड़की ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। घटना के पीछे क्या कारण है और किन परिस्थितियों में हुई है, यह अभी स्पष्ट नहीं है। ■ मामले की जानकारी मिलते ही सिविल लाइन पुलिस मौके पर पहुंची। शव को फंदे से नीचे उतारा गया। उसे मेडिकल कॉलेज भेजा गया। पुलिस का कहना है कि घटना को लेकर जल्द ही बालिका गृह में ड्यूटी पर मौजूद अधिकारियों व कर्मचारियों से पूछताछ की जाएगी । व जरूरत पड़ी तो इस मामले को लेकर बालिका गृह में लड़की के साथ रहने वाली अन्य लड़कियों से भी बातचीत की जाएगी ताकि कारण स्पष्ट हो  सके। इस घटना ने बालिका गृह में फैली अव्यवस्था की पोल खोल दी है। घटना के बाद से यहां रहने वाली बालिकाओं से अकेले में (एनजीओ और बालिका गृह के अधिकारी कर्मचारी के सामने नहीं) पूछ ताछ करने पर सही जानकारी मिल सकती हैं। इस बालिका गृह, को एनजीओ, सुमति सामुदायिक विकास संस्था, कोरबा (छ.ग.) के संचालक - श्रीमती रूखमणी नायर द्वारा संचालित की जाती हैं। जो पिछले 9 वर्षों से यह बालिका गृह संचालित कर रहीं है। यह बालिका गृह डिंगापुर स्थित जमीन पर हैं कुल रजिस्ट्री जमीन कितनी हैं और कितने डिसमिल जमीन पर यह बालिका गृह बनी हैं और लगभग 9 वर्षो से चल रहीं है इसकी भी जांच होनी चाहिए। निरीक्षण के लियॆ किशोर न्याय अधिनियम के प्रावधान अनुसार प्रत्येक तीन माह में तिमाही निरीक्षण किया जाना है। निरीक्षण दल में जिला महिला बाल विकास विभाग अंतर्गत निरीक्षण दल क़ा गठन विभाग के सदस्य, जिले के सामाजिक कार्य कर्ताओं, शिशु चिकित्सक विशेषज्ञ द्वारा संयुक्त रूप से किया गया है। इसके अतिरिक्त जिला बाल संरक्षण इकाई (मिशन वात्सल्य) अंतर्गत जिला बाल संरक्षण अधिकारी एवं संरक्षण अधिकारी (संस्थागत देखरेख) द्वारा निरंतर मासिक निरीक्षण किया जाना है। कथित घटना नियमित निरीक्षण नही करने क़ा परिणाम भी हो सकता है।

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