: ग्राहकों को भ्रमित करके ज्यादा खरीदारी करवा रहे ई-कॉमर्स, शॉपिंग में डार्क पैटर्न की जांच, अब सख्त कार्रवाई की तैयारी
Admin
Sat, Oct 12, 2024
डार्क पैटर्न अपराध, महंगे प्रोडक्ट के लिए लुभा रहीं कंपनियां
- ग्राहकों को भ्रमित करके उनसे ज्यादा - खरीदारी करवाने जैसे गलत तरीके (डार्क पैटर्न) अपनाने वाले ई-कॉमर्स कंपनियों के खिलाफ सरकार सख्त कार्रवाई करने जा रही है। त्योहारों के मौजूदा सीजन में ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ सरकार को इस तरह की कई शिकायतें मिली हैं। डार्क पैटर्न के जरिये ग्राहकों को गुमराह किया जाता है। कई बार शॉपिंग करते वक्त ई-कॉमर्स साइट्स पर लिखा होता है कि स्टॉक खत्म होने वाला है। कुछ मामलों में ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर ऐसी सूचना भी लिखी होती है कि किसी प्रोडक्ट के बस 1 या 2 ही स्टॉक बचा है। कई बार डिस्काउंट ऑफर जल्द खत्म होने का झांसा दिया जाता है। इस तरह के डार्क पैटर्न के प्रभाव में आकर ग्राहक अमूमन ज्यादा खरीदारी कर लेते हैं।
डार्क पैटर्न बिजनेस का गलत तरीका है। सरकार इसे गंभीरता से ले रही है क्योंकि देश में ऑनलाइन रिटेल बिजनेस तेजी से बढ़ रहा है। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने कहा, 'हमें डार्क पैटर्न को लेकर कई शिकायतें मिली हैं, जिनकी हम जांच कर रहे हैं।' उन्होंने बताया कि बिक्री बढ़ाने के लिए डार्क पैटर्न का सहारा लेने वाले ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) कार्रवाई करेगा ।पी
सीसीपीए उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के अधीन आता है। ई-कॉमर्स कंपनियों के भ्रामक प्रैक्टिस रोकने के लिए इसने पिछले साल दिसंबर में 13 ऐसे तरीकों की लिस्ट बनाई है, जिन्हें डार्क पैटर्न माना गया है। इनका उपयोग उपभोक्ताओं को अधिक महंगे प्रोडक्ट खरीदने के लिए लुभाने, शुरुआत में बताई गई राशि से अधिक भुगतान करने या डेटा साझा करने के लिए किया जाता है।
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