: भारतीय न्याय संहिता2023, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023, भारतीय साक्ष्य विधेयक 2023, बिल आज लोकसभा में पेश
Admin
Fri, Aug 11, 2023
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज लोकसभा में कहा , नए कानून में हमारा लक्ष्य सजा देना नहीं है बल्कि न्याय दिलाना होगा , शाह ने कहा हम गुलामी की सभी निशानियां को समाप्त कर देगें, FIR से जजमेंट तक..... सब प्रक्रिया ऑनलाइन होगी, 2027 तक सभी कोर्ट को डिजिटाइज कर दिया जाएगा, जीरो एफआईआर कहीं से भी रजिस्टर किया जा सकता है, 180 दिन में जांच समाप्त कर ट्रायल के लिए भेजना होगा गलत पहचान बताकर यौन संबंध बनाने वाले को अपराध की श्रेणी में रखा गया है अगर किसी को भी गिरफ्तार किया जाता है तो उसकी परिवार को तुरंत सूचित किया जाएगा, इसकार्य के लिए एक ऐसा पुलिस अधिकारी नियुक्त किया जाएगा, आईपीसी 533 धाराएं बचेंगी, 133 नई धाराएं जोड़ी गई ,9 धाराओं को बदला गया ,9 धाराओं को हटा दिया गया, रेप पीड़िता की पहचान उजागर करने पर सजा, आजीवन कारावास को किया गया, सबको शीघ्र नया मिलेगा .
3 साल तक की सजा वाली धाराओं का समरी ट्रायल होगा, इससे मामले की सुनवाई और फैसला जल्द आ जाएगा, चार्ज फ्रेम होने की 30 दिन के भीतर न्यायाधीश को अपना फैसला देना होगा,
सरकारी कर्मचारी के खिलाफ अगर कोई मामला दर्ज है तो 120 दिनों के अंदर केस चलाने की अनुमति देनी जरूरी है, महिला की निजी तस्वीरें वायरल करने पर होगी सजा, नए कानून में किसी महिला के निजी वीडियो फोटो के वायरल करने पर दंड का प्रावधान है , धारा 76 में जो कोई किसी महिला को ऐसी परिस्थितियों में निजी कार्य करते हुए देखता है या उसकी फोटो खींचता है जहां उसे आमतौर पर अपराधी द्वारा यह अपराधी के आदेश पर किसी अन्य व्यक्ति द्वारा नहीं देखे जाने की उम्मीद होती है या ऐसी तस्वीर को वायरल करता है पहली बार दोषी पाए जाने पर कारावास से दंडित किया जाएगा जिसकी अवधि 1 वर्ष से कम नहीं होगी लेकिन जिसे 3 साल तक बढ़ाया जा सकता है और जुर्माना भी लगाया जा सकता है दूसरी बार या उसके बाद दोषी पाए जाने पर कारावास से दंडित किया जाएगा किसी भी प्रकार की अवधि के लिए जो 3 साल से कम नहीं होगी लेकिन जिसे 7 साल तक बढ़ाया जा सकता है और जुर्माना भी वसूला जाएगाविज्ञापन