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: निजता के अधिकार पर हिमाचल हाई कोर्ट की टिप्पणीं फोन पर बात करना गोपनीयता, टैपिंग से साक्ष्य लेना अवैधः कोर्ट

Admin

Thu, Nov 21, 2024
निजता के अधिकार पर हिमाचल हाई कोर्ट की टिप्पणीं फोन पर बात करना गोपनीयता, टैपिंग से साक्ष्य लेना अवैधः कोर्ट कानून द्वारा स्थापित प्रकिया के विपरीत टेलीफोन टैपिंग कर साक्ष्य जुटाना अवैध है। इस प्रकार अवैध रूप से जुटाए गए साक्ष्य कानूनन अमान्य है। हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने निजता के अधिकार को लेकर महत्वपूर्ण व्यवस्था देते हुए कहा है कि इस तरह से कानून का उल्लंघन कर जुटाए साक्ष्य मान्य नहीं होते। हाई कोर्ट के जस्टिस बिपिन चंद्र नेगी ने कहा कि निजता के अधिकार को भारत के संविधान के अनुच्छेद 21 का अभिन्न हिस्सा माना गया है। कोर्ट ने एक पारिवारिक मामले में पत्नी और उसकी मां की आपसी बातचीत की टेलीफोन रिकॉर्डिंग को साक्ष्य के रूप में मान्यता देते हुए रिकॉर्ड पर लेने की गुहार वाली याचिका को खारिज करते हुए कहा, टेलीफोन पर बातचीत किसी व्यक्ति के निजी जीवन का एक जरूरी पहलू है। कोर्ट ने कहा कि टेलीफोन पर बातचीत करने का अधिकार निश्चित रूप से गोपनीयता के अधिकार के दायरे में आता है।

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